महिलाओं की फर्टिलिटी को प्रभावित करता है PCOS, जानें पीसीओएस के बावजूद गर्भवती होने की संभावनाएं?

Updated at: Aug 20, 2020
महिलाओं की फर्टिलिटी को प्रभावित करता है PCOS, जानें पीसीओएस के बावजूद गर्भवती होने की संभावनाएं?

पीसीओएस के कारण महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, गर्भ धारण करने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं।

Pallavi Kumari
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Pallavi KumariPublished at: Aug 20, 2020

पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) एक हार्मोनल स्थिति है, जो आज कल महिलाओं में बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। पीसीओएस वाली महिलाओं में अन्य महिलाओं की तुलना में इंसुलिन और एण्ड्रोजन (मेल हार्मोन) का स्तर अधिक होता है। यह हार्मोनल शरीर में असंतुलित लक्षणों की एक श्रृंखला का कारण बन सकता है और प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है। वहीं महिला को गर्भवती होने में आने वाली परेशानियों में सबसे आम कारण यही है। शरीर का ये होर्मोनल डिसबैलेंस प्रजनन प्रणाली में हस्तक्षेप करती है और इस तरह फर्टिलिटी प्रभावित होने से पीसीओएस से पीड़ित महिलाएं बड़ी मुश्किल से मां बन पाती हैं। पर प्रश्न ये है कि क्या पीसीओएस से पीड़ित महिलाएं कभी भी मां नहीं बन पाएंगी? तो इसे समझने के लिए सबसे पहले हमें इस परेशानी को समझना होगा और तब ये देखना होगा कि आखिरकार पीसीओएस गर्भावस्था को कैसे प्रभावित करता है?

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पीसीओएस और फर्टिलिटी की समस्या

जब आपके पास पीसीओएस होता है, तो आपके अंडाशय सामान्य से अधिक बड़े होते हैं। इन बड़े अंडाशय में कई छोटे अल्सर हो सकते हैं, जिनमें अपरिपक्व अंडे होते हैं। वहीं एण्ड्रोजन के उच्च स्तर आपके अंडों के विकास और आपके अंडों की नियमित रिलीज में बाधा डालते हैं। इस प्रक्रिया को ओव्यूलेशन कहा जाता है। अगर हेल्दी एग रिलीज नहीं होगा, तो स्पर्म से ये फर्टीलाइज नहीं किया जा पाएगी है, जिसका अर्थ है कि आप गर्भवती नहीं हो सकतीं। साथ PCOS के कारण आपको पीरियड्स की कमी हो सकती है या अनियमित पीरियड्स हो सकते हैं।

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गर्भावस्था को कैसे प्रभावित करता है PCOS?

  • -पीसीओएस होने के बावजूद गर्भधारण करने वाली महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान सावधानीपूर्वक निगरानी करनी होती। ऐसा इसलिए  क्योंकि ऐसी महिलाओं में गर्भपात (Miscarriage) होने की संभावना तीन गुना अधिक होती है।
  • --पीसीओएस के साथ गर्भवती होना असंभव नहीं है, लेकिन गर्भ धारण करना बहुत मुश्किल है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पीसीओएस वाली महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन होता है, जो सामान्य ओव्यूलेशन और पीरियड्स को डिस्टर्ब कर सकता है। वहीं एग की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
  • -डायबिटीज और समय से पहले प्रसव कुछ पीसीओएस के दुष्प्रभाव हैं जो गर्भावस्था के दौरान उत्पन्न हो सकते हैं।
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मां बनने के लिए अन्य विकल्प क्या हैं?

अगर आपके कोशिश के बावजूद बच्चा नहीं हो रहा है और आपकी उम्र 35 वर्ष के करीब है, तो यह चिकित्सीय सलाह लेने का समय है। वहीं अगर आपका पीरियड्स रेगुलर नहीं है, तो यह एक संकेत है कि आप ओवुलेट नहीं कर रहे हैं और बच्चे को जन्म देने के लिए चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। ऐसे में 

  • -चिकित्सा उपचार की पहली पंक्ति ओवुलेशन इंडक्शन है। इसमें एग रिलीज करने के लिए अंडाशय को उत्तेजित किया जाता है, जिसके लिए गोलियां या इंजेक्शन का एक कोर्स शामिल है।
  • -उसके बाद इंट्रा-गर्भाशय गर्भाधान (आईयूआई) के माध्यम से भी मां बन सकती हैं, जिसमें फर्टिलिटी अंदर ही करवाई जाती है।
  • -अगर यह काम नहीं करता है, तो आप आईवीएफ जैसे उपचारों की मदद ले सकते हैं।
  • -आईवीएफ में कई अंडों का उत्पादन करने के लिए अंडाशय को उत्तेजित करने के लिए इंजेक्शन का एक कोर्स शामिल है। जब वे अंडे परिपक्व हो जाते हैं तो उन्हें अल्ट्रासाउंड-निर्देशित प्रक्रिया में बाहर निकाल लिया जाता है। फिर भ्रूण के लिए प्रयोगशाला में अंडे में शुक्राणु को फर्टिलाइज किया जाता है। कुछ दिनों बाद, एक भ्रूण को गर्भाशय में रखा जाता है, जहां बच्चा विकसित हो सकता है। 
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नेचुरल प्रेग्नेंसी के लिए क्या करें?

व्यायाम और संतुलित आहार लें। पीसीओएस को ठीक करने के लिए सबसे पहले अपने बॉडी क्लॉक को ठीक करें इसके लिए समय से जागे और समय से सो जाएं। फिर डाइट और एक्सरसाइद पर ध्यान दें। कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, साबुत अनाज सब्जियां और फल एक संतुलित आहार का निर्माण करते हैं। संतुलित आहार के साथ व्यायाम रोग को कम करने में मदद करेगा। वहीं धूम्रपान करने वाली महिलाओं में एंड्रोजेन या पुरुष सेक्स हार्मोन अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं। ये हार्मोन पीसीओएस के लिए जिम्मेदार हैं। धूम्रपान छोड़ने से पीसीओएस के उपचार में मदद मिल सकती है। इस तरह अगर आपको पीरियड्स नार्मल होने लगे तो, आप फर्टिलिटी ट्राई करें, शायद आप सच में सफल हो जाएं।

ध्यान रहे कि अगर प्रेग्नेंसी सफल होती है, तो पीसीओएस के साथ गर्भावस्था के दौरान नियमित व्यायाम जरूर करें। हल्का व्यायाम शरीर के इंसुलिन के उपयोग को बढ़ावा देगा, हार्मोनल संतुलन बनाएगा और वजन को नियंत्रण में रखने में मदद करेगा। वॉकिंग और माइल्ड स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को महिलाओं के लिए सबसे अच्छा व्यायाम माना गया है। वहीं डाइट सही से फॉलो करें। पीसीओएस के साथ ज्यादातर गर्भवती महिलाओं में सिजेरियन सेक्शन डिलीवरी की जाती है। वजह, जब पीसीओएस होता है तो जटिलताओं का खतरा बहुत अधिक होता है, और सी-सेक्शन में प्रसव के दौरान चीजों के गलती होने की संभावना कम हो जाती है।

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