Parenting Tips: इस तरह तैयार करें बच्चों का स्टडी रूम, खेल की तरह लगेगा पढ़ाई में मन

Updated at: Jun 11, 2020
Parenting Tips: इस तरह तैयार करें बच्चों का स्टडी रूम, खेल की तरह लगेगा पढ़ाई में मन

यदि आप अफ़ोर्ड कर सकते हैं तो घर में एक छोटी सी लाइब्रेरी बनवाएं इस लाइब्रेरी में अच्छी एजुकेशनल पुस्तकें रखें। 

सम्‍पादकीय विभाग
परवरिश के तरीकेWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jun 11, 2020

बच्चे स्वभाव से बहुत चंचल होते हैं। जो चीज उन्हें पसंद आती है या आकर्षित करती है वह वही काम करना पसंद करते हैं। यही कारण है कि बच्चों को रंग बिरंगी चीजें और चटख चीजें पसंद आती हैं। लेकिन शिक्षा ही वह आधार है जो बच्चों को जीवन में एक सफल इंसान बनाने में मदद करता है। भले ही पढ़ाई करना बच्चों को बोरिंग लगे और वह इससे जी चुराएं लेकिन उन्हें इससे अछूता नहीं रखा जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि उन्हें पढ़ाई भी इस तरह से कराई जाए जिसमें उन्हें रुचि मिले। आज हम आपको बच्चों का स्टडी रूम तैयार करने के आसान टिप्स बता रहे हैं। यदि आप अफ़ोर्ड कर सकते हैं तो घर में एक छोटी सी लाइब्रेरी बनवाएं इस लाइब्रेरी में अच्छी एजुकेशनल पुस्तकें रखें। तो आइए जानते हैं कैसे तैयार करना है बच्चों का स्टडी रूम:

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छोटा होना चाहिए स्टडी रूम

इस बता का ध्यान रखें कि स्टडी रूम ज्यादा बड़ा नहीं होना चाहिए। क्योंकि जब कमरा बड़ा होता है तो बच्चे का मन पढ़ाई से ज्यादा इधर-उधर भटक जाता है। वास्तु के अनुसार बच्चे का स्टडी रूम कभी भी शौचालय के नीचे न बनवाएं। साथ ही कमरे में शीशे को ऐसे स्थान पर न लगाये जहां किताबों के ऊपर शीशे की छाया पड़े।

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स्टडी टेबल का आकार

बच्चों की स्टडी टेबल का आकार गोलाकार, आयताकार या वर्गाकार होना चाहिए। टूटी फूटी या तिरछी टेबल बच्चों का पढ़ाई से ध्यान हटाएगी। वास्तुशास्त्र कहता है कि बच्चों का स्टडी टेबल हमेशा उत्तर की ओर होनी चाहिये इससे बच्चों का पढ़ाई में मन लगता है और उन्हें पॉजीटिव एनर्जी भी मिलती है। साथ ही इससे बच्चों की स्मरण शक्ति भी बढ़ती है।

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स्टडी रूम को ज्यादा फैंसी न बनाएं

बच्चों के स्टडी रूम को ज्यादा फैंसी बनाने से बचें। यानि कि रूम में आधुनिक चीजों जैसे कि टीवी, फ़ोन, टैब या आईपैड रखने से बचें। अगर बच्चों को कंप्यूटर की वास्तव में आवश्यकता है तभी उसे स्टडी रूम में रखें। इसके अलावा पढ़ाई के कमरे में सिर्फ पढ़ाई का सामान ही रखें और कुछ भी न रखें क्योंकि कमरा जितना भरा होगा उतना ही बच्चे का दिमाग पढ़ाई में नहीं लगेगा।

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चटख रखें दीवारों का रंग

क्योंकि बच्चों को चटख रंग आकर्षित करते हैं इसलिए कोशिश करें कि उनके स्टडी रूम की दीवारों का रंग भी चटख हो। इससे उन्हें बोरियत नहीं होगी और उनका मन लगेगा। इसी तरह स्टडी रूम की टेबल और कुर्सी का कलर भी ब्राइट कलर का होना चाहिये। इससे स्टडी रूम में पॉजीटिव एनर्जी आएगी और बच्चे का ध्यान भी पढ़ाई में लगेगा।

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रूम को रखें व्यवस्थित 

स्टडी टेबल को इस तरह रखें जहां बच्चा कम्फरटेबल होकर बैठ सके। टेबल को दीवार से सटा कर बिलकुल भी न रखें। जो किताबें और नोट्स काम में नही आने वाले है उन्हें स्टडी रूम से हटा दें। स्टडी टेबल के सामने कम से कम 2 फुट की जगह होनी चाहिये। ऐसा करने से बच्चे को मिलने वाली उर्जा में कोई बाधा नहीं पड़ती है। स्टडी रूम में एक सरस्वती माता का चित्र भी जरुर लगाये। सरस्वती को विद्या की देवी कहा जाता है।

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