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Parenting Tips: पेरेंट्स और बच्‍चे के रिश्‍तों को प्रभावित करती है 'कोडिपेंडेंट पेरेंटिंग', जाने क्‍या है ये और इसके संकेत

परवरिश के तरीके By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 29, 2019
Parenting Tips: पेरेंट्स और बच्‍चे के रिश्‍तों को प्रभावित करती है 'कोडिपेंडेंट पेरेंटिंग', जाने क्‍या है ये और इसके संकेत

हर माता-पिता अपने बच्‍चे को अच्‍छी परवरिश देना चाहते हैं और देते हैं, लेकिन कई दफा माता-पिता की कुछ छोटी सी गलतियां या आदतें बच्‍चे पर बुरा असर डाल सकती हैं। जी हां यदि आप भी कोडिंपेडेंट पेरेंटिंग अपनाते हैं, यानि भावनात्‍मक तौर पर

हर माता-पिता अपने बच्‍चे को अच्‍छी परवरिश देना चाहते हैं और देते हैं, लेकिन कई दफा माता-पिता की कुछ छोटी सी गलतियां या आदतें बच्‍चे पर बुरा असर डाल सकती हैं। जी हां हेलीकॉप्‍टर पेरेंटिंग की तरह ही पेरेंटिंग के तरीकों कोडिपेंडेंट पेरेंटिंग शामिल है।  कोडिपेंडट पेरेंटिंग, रिश्‍तों में एक-दूसरे से भावनात्‍मकरूप से निर्भर रहना कोडिपेंडट पेरेंटिंग है। निर्भरता (Codependency) बच्‍चे और माता-पिता दोनों के रिश्‍ते को करती है, जब माता-पिता बच्‍चे के साथ अनहेल्‍दी लत या लगाव लगाते हैं, तो माता-पिता और बच्‍चे दानों के बीच के संबंध भी प्रभावित हो सकते हैं। "एक अभिभावक अपने बच्चों के साथ अपने माता-पिता के साथ अपने संबंधों में जो कुछ वह सीखते हैं उसे लाते हैं।" जैसे उनके माता-पिता के उनके फैसले में हस्तक्षेप करना, जो अक्सर बच्चे के साथ रिश्‍ते को धुंधला व कमजोर करता जाता है। 

कोडिपेंडेंसी किसी बच्चे को कैसे प्रभावित कर सकती है?

माता-पिता और बच्चे के बीच कोडिपेंडेंसी होना काफी सामान्‍य है, इसे मां-बाप का प्‍यार भी कहा जा सकता है। हालाँकि, यह उस बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है, जो अपने या अपनी भावनाओं को महत्व देना नहीं सीखता है और अपनी खुशियों को छोड़कर अपने माता-पिता को हमेशा खुश करने की कोशिश करता है। जिसकी वज‍ह से वह अपनी खुशी, अपने लक्ष्‍यों सबको पीछे छोड़ देता है और आगे चलकर वह इस पैटर्न को दोहराते हैं, जब उनके अपने बच्चे होते हैं।

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मनोचिकित्सक रॉस रोसेनबर्ग ने एक लेख में लिखा है, जिसमें "कोडिपेंडेंसी एनोरेक्सिया के परिणामस्वरूप कोडिपेंटेंट माता-पिता अक्सर गलत और अनुचित तरीके से अपने बच्चों के माध्यम से अपनी भावनात्मक, सामाजिक और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने की मांग करते हैं ... जो एक बच्चे के मनोवैज्ञानिक विकास के लिए हानिकारक है।"

कोडिपेंटिंग पेरेंटिंग के संकेत

तुम कभी गलत नहीं हो

लगभग हर बच्चा यह सुनकर बड़ा होता है कि उसके माता-पिता हमेशा हर चीज के बारे में सही हैं और वे जो कुछ भी करते हैं वह बच्चे की भलाई के लिए करते है। किसी भी असहमति या ना को माता-पिता के अधिकार को चुनौती देने और खिलाफ जाना समझते हैं। 

बच्चे को लेकर अधिक भावुक

किसी स्थिति पर नियंत्रण खोने का डर या किसी तर्क में अक्सर रोने, चिल्लाने या मौन होकर बच्‍चे को इंमोशनल होकर अपने पक्ष में मोड़ने के लिए एक अभिभावक कोडिपेंडेंसी का सहारा लेते है।

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बच्‍चे को नियंत्रण में रखना 

एक कोडिपेंडेंट माता-पिता के लिए, बच्‍चे को नियंत्रण में रखना मुख्य उद्देश्य है। उन्हें उम्मीद होती है कि उनका बच्चा उनके नियंत्रण में रहे और जैया वह कहें, वैसा बच्‍चा करे। कोडिपेंडेंट माता-पिता ऐसे में किसी बात पर बच्चे के असहमत होने तक आक्रामक होने तक के उपाय अपना सकते हैं।

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