Parenting Tips: छोटे बच्चों के साथ ऐसे बिताएं क्वारंटाइन टाइम, स्कूल जाए बिना भी सीखेंगे कई जरूरी बातें

Updated at: Apr 01, 2020
Parenting Tips: छोटे बच्चों के साथ ऐसे बिताएं क्वारंटाइन टाइम, स्कूल जाए बिना भी सीखेंगे कई जरूरी बातें

छोटे बच्चों का स्कूल बंद है, तो क्या हुआ। आप घर में ही इन 5 मजेदार तरीकों से उन्हें साइंस, मैथ्स और फिजिकल एक्टिविटीज की ट्रेनिंग दे सकते हैं।

Written by: Anurag AnubhavPublished at: Apr 01, 2020

इन दिनों बच्चों के स्कूल बंद हैं और कोरोना वायरस के खतरों के कारण उन्हें बाहर जाने देना भी सही नहीं है। ऐसे में छोटे बच्चे पूरे दिन घर में भाग-दौड़ करते और शैतानी करते नहीं थकते हैं। दरअसल बच्चे एनर्जी और क्रिएटिविटी से भरे होते हैं। बच्चों की ज्यादातर शैतानियों को आप गौर से देखेंगे तो यही पाएंगे कि वो या तो ऐसे काम करते हैं, जिसमें उनकी एनर्जी खप जाए या फिर ऐसे काम करते हैं, जिसमें उन्हें कुछ क्रिएटिविटी दिखाने का मौका मिले (भले ही आप उनके क्रिएशन को क्रिएटिविटी न मानें।)
अगर आप थोड़ी चालाकी दिखाएं और बच्चों की इसी असीमित एनर्जी और क्रिएटिविटी को एक दिशा दे दें, तो आपको हैरानी होगी कि बच्चे खेल-खेल में कई जरूरी चीजें सीख सकते हैं। इन दिनों खाली समय में आप अपने बच्चों को घर पर ही कुछ ऐसी चीजें सिखा सकते हैं, जो उन्हें स्कूल जाए बिना भी स्मार्ट बनाएंगी।

साइंस एक्टिविटीज करके दिखाएं

इंटरनेट पर ऐसी बहुत सारी एक्टिविटीज आपको मिल जाएंगी, जिन्हें घर के छोटे-छोटे सामान के द्वारा ही आप कर सकती हैं। अपने बच्चों को ये एक्टिविटीज करके दिखाएं और उन्हें इसके पीछे का विज्ञान बताएं। इससे बच्चे सीखेंगे भी और उनमें वैज्ञानिक समझ भी विकसित होगी। बच्चों को ज्ञान-विज्ञान से जुड़ी दूसरी बातें भी बता सकते हैं, जिससे उनका मस्तिष्क खुलेगा। उन्हें वायरस, बैक्टीरिया, जर्म्स, साफ-सफाई और हेल्थ के बारे में बताने का भी सबसे अच्छा समय यही है। इंटरनेट की मदद लीजिए और खोजिए एनिमेटेड वीडियोज और बच्चों को खेल-खेल में सिखाएं कई बातें।

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इनडोर गेम्स खिलाएं

बच्चों को इन दिनों घर से बाहर निकलने देना ठीक नहीं है। मगर आप घर पर ही उन्हें कई इनडोर गेम्स खेलने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। अगर उनका मन कंप्यूटर गेम्स, मोबाइल गेम्स या टीवी में लगता है, तो उन्हें समझाएं और घर पर ही उछलकूद वाले कुछ गेम्स खेलने के लिए कहें। बच्चों की उछलकूद से उकताएं नहीं। उनके शरीर के विकास के लिए ये उछलकूद बहुत जरूरी है। हां, बच्चों को इतना जूरीर समझाएं कि उनकी उछलकूद से घर के किसी सामान का नुकसान न हो।

अपने साथ एक्सरसाइज कराएं

शुरुआती दिनों में बच्चों को स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ फिजिकल एक्टिविटीज भी सिखाई जाती हैं। इसलिए बच्चों को आप भी घर पर ही छोटी-छोटी एक्सरसाइज सिखा सकती हैं। बच्चे कहने पर कोई काम नहीं करते हैं, मगर यदि आप उनके साथ करें, तो वो कॉपी जरूर करते हैं। इसलिए सिर्फ हिदायत न दें, बल्कि बच्चों को एक्सरसाइज करके दिखाएं और उन्हें इसके फायदे समझाएं। इससे बच्चों को फिजिकल और मेंटल फायदे होंगे और आपकी भी थोड़ी स्ट्रेचिंग हो जाएगी।

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खेल-खेल में सिखाएं मैथ्स

बच्चों को आप खेल-खेल में मैथ्स भी सिखा सकती हैं। आप बच्चों को एक बड़ी स्केल देकर यह कह सकते हैं कि घर में 20 सेन्टीमीटर से बड़ी 10 चीजों के नाम बताएं या लिखकर लाएं। इसी तरह आप उन्हें सिक्के देकर जोड़-घटाना सिखा सकती हैं। बच्चों को रंगों की पहचान करा सकती हैं। उन्हें काउंटिंग, टेबल (पहाड़ा) आदि सिखा सकती हैं। आप चाहें तो राइमिंग वर्ल्ड पूछकर बच्चों की वर्ड पावर बढ़ा सकती हैं।

आर्ट्स है एक बेहतरीन माध्यम

स्केच पेन, कलर या पेंट्स मिलते ही बच्चे अगल खिल जाते हैं, तो ये सही समय है उनकी कला को निखारने का। चित्रकला यानी आर्ट्स सबसे अच्छा माध्यम है, जिससे बच्चों को मनोभावों को समझा जा सकता है और उसके टैलेंट को सही शेप दिया जा सकता है। बच्चों को एक बड़ी ड्राइंग बुक दें और थोड़े से कलर्द दें। अब उन्हें कहें कि वो इसमें अपनी मनपसंद चीजें बनाकर रंग भरें और आपको दिखाएं। कुछ बहुत बेहतर करने पर आप उन्हें छोटा-मोटा गिफ्ट भी दे सकती हैं।

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