अपने बच्चों में डालें पूरे परिवार के साथ बैठकर खाना खाने की आदत, स्वभाव में आने लगेंगे ये 5 सकारात्मक बदलाव

Updated at: Jul 29, 2020
अपने बच्चों में डालें पूरे परिवार के साथ बैठकर खाना खाने की आदत, स्वभाव में आने लगेंगे ये 5 सकारात्मक बदलाव

कम से कम एक समय का खाना आपको अपने बच्चों और पूरे परिवार के साथ बैठकर खाना चाहिए। इससे बच्चों में ये 5 पॉजिटिव बदलाव आएंगे और परिवार खुश रहेगा।

Anurag Anubhav
परवरिश के तरीकेWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Jul 29, 2020

क्या आप नहीं महसूस करते कि आजकल बच्चों का जुड़ाव और लगाव अपने मां-बाप से पहले की अपेक्षा कम हो गया है? सभी परिवारों में ऐसा हो, जरूरी नहीं है। मगर ज्यादातर फैमिली में आजकल बच्चे अपने मां-बाप से कटे-कटे रहते हैं। बच्चों में छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा दिखाना, मां-बाप से झिड़कर बात करना, बेवजह की जिद करना और झूठ बोलना आदि गलत आदतें पाई जाती हैं। बच्चों के संस्कार में आने वाले इस बदलाव का कारण उनकी परवरिश के साथ-साथ वो छोटी-छोटी आदतें भी हैं, जिन्हें हम पीछे छोड़ आए हैं।

आजकल लोग अपने कामों में इतने बिजी रहने लगे हैं कि उन्हें बच्चों से बात करने का और उन्हें समझने का भी समय नहीं मिलता है। जब आपके बच्चे आपके इमोशन्स (भावनाओं) को जानेंगे ही नहीं, तो आपसे कनेक्ट कैसे कर पाएंगे? अपने बच्चों को अच्छे संस्कार, अच्छी सेहत देने और उनसे भावनात्मक जुड़ाव का सबसे आसान तरीका है फैमिली ईटिंग, यानी परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर खाना खाएं। अगर दोनों टाइम संभव नहीं, तो कम से कम दिन में 1 बार सभी लोगों को साथ बैठकर जरूर खाना खाना चाहिए। आइए आपको बताते हैं कि अगर आपने बच्चों और परिवार के सभी सदस्यों को साथ बैठकर खाना खाने की आदत शुरू कर दी, तो उससे आपके बच्चे में कौन-कौन से सकारात्मक परिवर्तन आएंगे।

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मां-बाप और बच्चों के बीच बेहतर होता है रिश्ता

आपको दिन में टाइम नहीं मिलता है, तो रात का खाना अपने बच्चों और पूरे परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर खाएं। इस दौरान बच्चों से उनके पूरे दिन के बारे में, जरूरतों के बारे में, आगे की प्लानिंग के बारे में, दोस्तों के बारे में बातें करें। कुछ न हो तो बेवजह की ही बातें करें। आप जितना अधिक अपने बच्चों के साथ घुलमिलकर रहेंगे, आपके बच्चे उतना ज्यादा प्यार, सुरक्षा और बेहतर महसूस करेंगे। आप बच्चों के साथ अपने या उनके मनपसंद खाने को एंजॉय कर सकते हैं, जिससे आपको उनकी पसंद, नापसंद और स्वभाव की ज्यादा बेहतर जानकारी हो सकती है। ध्यान रखें खाना खाते समय निराशा भरी, दुख भरी या नकारात्मक बातें न करें। इस तरह की बातचीत आप किसी और समय पर कर सकते हैं।

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भाई-भाई या भाई-बहन का आपसी प्यार बढ़ता है

आजकल के समय में यह भी देखने को मिलता है कि एक ही मां-बाप के 2 बच्चे आपस में एक-दूसरे से कनेक्शन नहीं महसूस करते हैं। शुरुआत से ही अलग-अलग रहने की आदत से भाई-भाई या भाई-बहन के बीच वो प्यार नहीं पैदा हो पाता है, जिससे वो आगे के दुख-सुख में एक-दूसरे का साथ निभा सकें। चूंकि आजकल ज्यादातर समय बच्चे अपने स्कूल, होमवर्क, ट्यूशन, कोचिंग और दोस्तों के साथ बिजी रहते हैं, इसलिए रात का खाने के दौरान ही वो समय है जब परिवार के सभी सदस्य मिल-बैठकर खाना खाएं और आपस में बातें करें। आप दो बच्चों के बीच अच्छा कनेक्शन बनाने के लिए उनसे एक-दूसरे के बारे में सवाल कर सकते हैं या उन्हें एक-साथ मिलकर करने के लिए कोई काम दे सकते हैं।

बच्चे स्वस्थ रहते हैं, मोटापा नहीं बढ़ता

अक्सर टीवी देखते हुए, गेम खेलते हुए या कोई काम करते हुए खाना खाने पर बच्चे अपनी भूख से ज्यादा खाना खा लेते हैं, जिससे बचपन में ही वो मोपाटे सहित कई तरह की शारीरिक परेशानियों का शिकार होने लगते हैं। मगर देखा गया है कि जब पूरा परिवार बैठकर साथ में खाना खाता है, तो बच्चे और बड़े दोनों ही अपनी जरूरत भर का खाना ही खाते हैं। इससे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव रहता है। इसलिए आपके और आपके बच्चों की सेहत के लिहाज से भी साथ बैठकर खाने की आदत अच्छी है।

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हेल्दी खाना भी आसानी से खा लेते हैं बच्चे

बहुत बार मां-बाप की शिकायत होती है कि उनके बच्चे हेल्दी चीजें नहीं खाते हैं, बल्कि बाजार में मिलने वाली प्रॉसेस्ड और रेडी-मेड चीजें ज्यादा खाते हैं। इस आदत पर लगाम लगाने के लिए आप फैमिली ईटिंग की आदत बना सकते हैं। दरअसल जब सब लोग साथ बैठकर खाना खाते हैं, तो बच्चे भी वही खाते हैं, जो बड़े खाते हैं। साथ बैठकर खाने से बोरिंग खाना भी टेस्टी लगने लगता है क्योंकि उस समय खाने के साथ सभी के इमोशन्स और बातचीत भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।

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परिवार के संस्कार और रिवाज जल्दी सीखते हैं बच्चे

पूरे परिवार के साथ बैठकर खाना खाने की आदत इसलिए भी अच्छी है क्योंकि इससे बच्चे अपने परिवार के संस्कार, धार्मिक संस्कार और रीति-रिवाज को जल्दी सीखते हैं। बचपन से ही साथ बैठकर खाना खाने का पेशेन्स बच्चों में अच्छे संस्कार पैदा करता है और उन्हें अपने इमोशन्स को सेल्फ कंट्रोल करना सिखाता है। इसलिए बच्चे ज्यादा शांत स्वभाव के और संस्कारी बनते हैं।

इसके अलावा घर के सामानों की शॉपिंग करने में, घर के छोटे-छोटे फैसलों में बच्चों की राय लेने से भी उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और फैमिली खुश रहती है।

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