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पैप स्‍मीयर टेस्‍ट और इसके बारे में जानने वाली जरूरी बातें

महिला स्‍वास्थ्‍य By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 11, 2014
पैप स्‍मीयर टेस्‍ट और इसके बारे में जानने वाली जरूरी बातें

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पैप स्मीयर टेस्ट बहुत जरूरी है, 30 साल की उम्र के बाद हर महिला को प्रत्‍येक साल ये टेस्‍ट करना चाहिए।

सर्वाइकल यानी गर्भाशय कैंसर से बचाव के लिए पैप स्मीयर टेस्ट बहुत जरूरी है। एक अनुमान के मुताबिक गर्भाशय कैंसर हर साल दुनिया में ढाई लाख और भारत में लगभग 74 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है। हर साल भारत में हर 3 में से 1 महिला की मौत गर्भाशय कैंसर के कारण हो रही है।

30 साल की उम्र के बाद की महिलाओं को यह जांच कराना बहुत जरूरी है। यदि पैप स्‍मीयर टेस्‍ट समय पर करा लिया जाये तो महिलाओं में गर्भाशय कैंसर होने से रोका जा सकता है। पैप स्मीयर टेस्ट के जरिए सही समय पर यूटरस कैंसर का पता लगाया जा सकता है। इस लेख में जानिए इस टेस्‍ट के बारे में और यह भी जानें कि इस टेस्‍ट के बारे में महिलाओं को किन-किन बातों की जानकारी होनी चाहिए।

Pap Smear Test and Needs to Know About

क्‍यों जरूरी है टेस्‍ट

महिलाओं के लिए यह टेस्‍ट बहुत जरूरी है। पैप स्मीयर टेस्ट में गर्भाशय से कुछ सेल्स लेकर उनकी जांच की जाती है। इसमें इन सेल्स को माइक्रोस्कोप से देखकर यह पता लगाया जाता है कि कहीं ये सेल्स कैंसर से ग्रस्त तो नहीं हैं। यदि वे कैंसर ग्रस्‍त हैं तो इसका कौन सा स्‍टेज है। इसके अलावा इस टेस्ट से कैंसर से पहले शरीर में आने वाले बदलावों के बारे में भी पता चल जाता है।

कैसे होता है पैप स्‍मीयर टेस्‍ट

इस टेस्‍ट में राउंड स्पैचुला को गर्भाशय की बाहरी परत पर धीरे से घिसने के बाद जमा हुए सेल्स की जांच की जाती है। माइक्रोस्कोप से यह जांच किया जाता है कि कहीं इन सेल्स में कोई एबनॉर्मल सेल्स तो नहीं। इसमें यह भी पता चल जाता है कि नए सेल्स सामान्‍य तरह से बन रहे हैं या नहीं। यदि सेल्‍स के बनने और उनके डेथ होने में कोई असमान्‍यता होती है तो इस जांच के जरिये उसकी जानकारी हो जाती है।

30 साल या उससे ज्यादा

यह जांच उन सभी महिलाओं को कराना जरूरी है, जिनकी उम्र 30 या उससे अधिक है। इसके अलावा यह टेस्ट उन महिलाओं के लिए भी जरूरी है, जो सेक्सुअली ज्‍यादा एक्टिव हैं। इसे एक से तीन साल के बीच में हमेशा कराते रहना चाहिए। यदि कोशिकाओं में किसी तरह के बदलाव पाए जाते हैं, तो यह जांच इससे भी कम समय में दोहराना पड़ सकता है।

Pap Smear Test

यदि ये लक्षण दिखें तो

गर्भाशय में एक बार एचपीवी का संक्रमण होने के बाद यह 5-8 साल के बाद यह गतिशील होना शुरू करता है। इसमें गर्भाशय के नीचे की तरफ एक दाने की तरह बन जाता है। पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाने के दौरान ब्लीडिंग हो तो समस्‍या हो सकती है। यही इसका पहला लक्षण है। लेकिन यह जब इसका पता चलता है तब तक कैंसर काफी फैल चुका होता है। इसके अलावा, यौन संबंध के दौरान दर्द, भूख में कमी, वजन में कमी, पीठ में दर्द, एक पैर में सूजन, गर्भाशय ये यूरिन निकलना भी एचवीपी वायरस के संक्रमण के संकेत हो सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  • पीरियड के दौरान या उससे 4-5 दिन बाद तक पैप स्‍मीयर टेस्ट नहीं कराना चाहिए।
  • जांच के 24 घंटे पहले तक शारीरिक संबंध बनाने से परहेज करें।
  • इस जांच से पहले वजाइना में किसी तरह की क्रीम का प्रयोग न करें।
  • ओव्‍यूलेशन के दौरान एस्ट्रोजन-प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोंस की वजह से सर्विक्स मुलायम होती हैं और खुल जाती हैं, इसलिए टेस्‍ट के लिए यह बेहतर समय है।
  • अगर परिवार में किसी को गर्भाशय कैंसर है तो 40 साल के बाद एक बार और 50 के बाद साल में दो बार मेमोग्राफी जांच जरूर करायें।



पैप स्‍मीयर टेस्‍ट कराने से यूटरस कैंसर का पता चलता है और यदि इसकी नियमित जांच करायी जाये तो इस कैंसर के कारण बढ़ रही मौतों की संख्‍या को कम किया जा सकता है।

 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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