ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का अगले हफ्ते भारत में शुरू होगा फेज 2-3 ट्रायल! जानें कितनी जगह पर होगा ये ट्रायल

Updated at: Aug 05, 2020
ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का अगले हफ्ते भारत में शुरू होगा फेज 2-3 ट्रायल! जानें कितनी जगह पर होगा ये ट्रायल

भारत में अगले सप्ताह से ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का फेज-2 और 3 ट्रायल शुरू होने जा रहा है। जानें कितनी जगह पर होगा ये ट्रायल। 

Jitendra Gupta
लेटेस्टWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Aug 05, 2020

भारत में रोजाना हो रही कोरोना के मामलों में भारी वृद्धि से लोगों की नजरें न सिर्फ इसके इलाज पर टिकी हुई बल्कि हर दिन लोग गूगल कर कोरोना की वैक्सीन और इसके ट्रायल पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। हर गुजरते दिन के साथ कोई न कोई पॉजिटिव न्यूज आती रहती है लेकिन अब कुछ ऐसा होने वाला है, जो आम लोगों के लिए राहत की बात हो सकती है। जी हां, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने अब भारत में बेहद महत्वपूर्ण कोरोना वैक्सीन फेज III ट्रायल शुरू करने के लिए मंजूरी प्राप्त कर ली है। आपको बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया वहीं संस्थान है, जिसने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के साथ कोरोनावायरस वैक्सीन के निर्माण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।  

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देश की प्रमुख वैक्सीन निर्माता कंपनी को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) के अधिकारियों से फेज 3 ट्रायल की मंजूरी मिली है। 

पहली वैक्सीन जिसका भारत में फेज II / III ट्रायल शुरू 

इस पॉजिटिव न्यूज के आने से पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट पहला ऐसा वैक्सीन ग्रुप बना गया है, जो देश में बड़े पैमाने पर ये महत्वपूर्ण ट्रायल करेगा। वर्तमान में होमग्रो वैक्सीन, कोवैक्सिन और जायडस की जायकोवि-डी का फेज 1 ट्रायल चल रहा है। हालांकि इनका फेज II ट्रायल साल के अंतिम महीनों में शुरू होने की उम्मीद है।

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ऑक्सफोर्ड वैक्सीन फेज III ट्रायल विश्व स्तर पर फैलाया जा रहा

जब से ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के शुरुआती नतीजों के सकारात्मक और सुरक्षित होने की घोषणा हुई है तब से शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन के बाहर के देशों में वैक्सीन के फेज III ट्रायल को व्यापक रूप देने की घोषणा की है। इस योजना के हिस्से के रूप में, तीसरे चरण के परीक्षण ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका में चल रहे हैं और  अमेरिका में जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। आने वाले महीनों में परीक्षणों का दायरा बढ़ाया जाएगा। 

भारत में 'कोविशिल्ड' के रूप में उतारी जाएगी ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन

भारत का सीरम इंस्टीट्यूट 'कोविशिल्ड' के रूप में AZD1222 या ChAdOx 1 nCoV-19 वैक्सीन का ट्रायल और मार्केटिंग करेगा।  WHO ने इस वैक्सीन को अब तक सबसे "उन्नत" माना है। SII ने पहले देश भर में चयनित परीक्षण केंद्रों में लगभग 4000 से 5000 लोगों को भर्ती करने की योजना के साथ देश में क्लिनिकल परीक्षण शुरू करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। शुरुआती प्रस्तावों में ये सुझाव दिया गया था कि ये परीक्षण मुंबई और पुणे में आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने उनसे दिशानिर्देशों को फिर से काम करने के लिए कहा, जिसमें भारत के परीक्षण की उम्मीद थी। कम से कम 12 अनुसंधान केंद्रों और चिकित्सा सुविधाओं को इसके लिए तैयार किया जा रहा है।

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हालांकि परीक्षण शुरू होने से पहले, SII को क्लिनिकल निगरानी और मूल्यांकन के लिए आवश्यक सुरक्षा डेटा और अन्य पूर्व-आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। 

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परीक्षणों में कितने वालिंटयर्स होंगे शामिल ?

वैक्सीन की सुरक्षा और इम्युनोजेनसिटी प्रतिक्रिया का परीक्षण करने के लिए निजी वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ने इन केंद्रों में यादृच्छिक रूप से लोगों पर ट्रायल करने की घोषणा की है। खबर के अनुसार, SII 18 साल से अधिक उम्र के 1,600 लोगों को इस योजना का हिस्सा बना रहा है, जो शुरुआती दौर में भाग लेंगे। अब 17 जगहों पर ये ट्रायल किया जाएगा,  जिसमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली, राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (RMRIMS),पटना , चंडीगढ़ में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, जोधपुर में AIIMS, गोरखपुर में नेहरू अस्पताल और मैसूर में JSS अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च जैसे केंद्र शामिल होंगे। 

वैक्सीन की कितनी खुराक बनाएगा सीरम संस्थान?

सीरम संस्थान ने वर्ष समाप्त होने से पहले ही 300 मिलियन से अधिक खुराक देने का वादा किया है और आने वाले महीनों में उत्पादन में तेजी लाने के लिए खुराक देने का वादा किया है। वैक्सीन निर्माता कंपनी ने यह भी कहा है कि न केवल बड़ी मात्रा में खुराक देश को टीकाकरण के लिए रिजर्व रखी जाएगी, बल्कि टीका की कीमत आर्थिक रूप से (1000 रु या उससे कम) भी होगी।

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