• shareIcon

देर तक सोने का नकारात्‍मक असर पड़ता है दिमाग और हार्मोन्‍स पर

लेटेस्ट By एजेंसी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 09, 2013
देर तक सोने का नकारात्‍मक असर पड़ता है दिमाग और हार्मोन्‍स पर

यदि आपकी भी आदत देर तक सोने की है तो उससे बदलिए क्‍योंकि इसका असर दिमाग पर पड़ता है, जानिए इस नये शोध के बारे में।

Oversleeping May Harm Brainदेर से उठने की आदत स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नुकसानदेह है, यदि आपकी भी आदत देर तक सोने की है तो इस आदत को बदलिए। हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आयी है कि जो लोग देर तक सोते हैं उनके व्‍यवहार में बदलाव आ जाता है।


देर तक सोने का असर हमारे दिमाग और हार्मोन्स पर पड़ता है। जर्मनी के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में एमआरआई के आधार पर यह अंदाजा लगाया है कि जल्दी उठने वालों और देर से उठने वाले लोगों के दिमाग में क्या अंतर हो सकता है।


हालांकि अक्‍सर नींद के मामलें में तीन तरह के लोग होते हैं। एक वे जो सुबह जल्दी उठते हैं, दूसरे वो जो देर से उठते हैं और तीसरे ऐसे हैं जो दोनों परिस्थितियों में रह सकते हैं। नींद के मामले में सिर्फ इनका व्यवहार ही अलग नहीं है बल्कि इन दिमाग में भी एक बड़ा अंतर है, जिसका पता हाल में हुए एक शोध में चला है।


इस शोध में यह मिला कि, जो लोग स्वाभाविक तौर पर देर से उठते हैं उनके मस्तिष्क में व्हाइट मैटर सबसे खराब स्थिति में होता है, विशेष रूप से दिमाग के ‌उस हिस्से में जहां से अवसाद और दुख के भाव पैदा होते हैं।


इसी कारण देर से उठने वाले लोगों को अवसाद और तनाव अधिक होता है। इस शोध को साइंस डायरेक्ट जर्नल ने प्रकाशित किया।

 

 

Read More Health News In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK