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Diabetes Treatment: डायबिटीज का ज्यादा इलाज भी हो सकता है घातक, वैज्ञानिकों ने किया सावधान

लेटेस्ट By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 19, 2019
Diabetes Treatment: डायबिटीज का ज्यादा इलाज भी हो सकता है घातक, वैज्ञानिकों ने किया सावधान

डायबिटीज में बहुत ज्यादा इलाज (Overtreatment) खतरनाक हो सकता है। दवाओं और इंसुलिन के ज्यादा प्रयोग से मरीज का ब्लड शुगर खतरनाक स्तर तक गिर सकता है, जिससे वो कोमा में जा सकता है या उसकी मौत हो सकती है।

डायबिटीज एक ऐसा रोग है, जिसमें ब्लड शुगर को कंट्रोल करना बहुत जरूरी होता है। शुगर को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर इंसुलिन और दवाओं के साथ-साथ थोड़ा परहेज बताते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज में जरूरत से ज्यादा इलाज करना या जरूरत से ज्यादा परहेज करना भी खतरनाक हो सकता है? जी हां, हाल में हुए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इस बारे में बताया है कि डायबिटीज का 'ओवर ट्रीटमेंट' व्यक्ति की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes) के मरीज को हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर) की ज्यादा संभावना होती है, मगर जरूरत से ज्यादा इलाज के कारण टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) के मरीजों को भी परेशानी हो सकती है।

डायबिटीज के मरीज ज्यादा देने लगते हैं ध्यान

डायबिटीज एक गंभीर रोग है, जिसमें व्यक्ति के खून में ब्लड शुगर बढ़ जाता है। डायबिटीज का कोई इलाज नहीं है, इसे केवल कंट्रोल किया जा सकता है। कई बार मरीजों को इस बात का पता चलते ही, कि उन्हें डायबिटीज है, वो इतना परेशान हो जाते हैं कि बहुत जल्दी-जल्दी अपना ब्लड शुगर चेक करने लगते हैं और जरूरत से ज्यादा इंसुलिन और दवाएं लेने लगते हैं। इसके कारण उनका ब्लड शुगर इतना कम हो जाता है कि उन्हें हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर) हो जाता है। ब्लड शुगर का बहुत ज्यादा घट जाना भी शरीर के लिए खतरनाक होता है इसलिए कई बार मरीज को इमरजेन्सी स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है।

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हर साल लाखों लोगों की मौत का बनता है कारण

ये रिसर्च न्यू यॉर्क के Rochester स्थित मायो क्लीनिक द्वारा की गई है। इस रिसर्च के अनुसार डायबिटीज मरीजों के लिए ओवर ट्रीटमेंट बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इसके कारण मरीज में हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ता है। हर साल लाखों डायबिटीज के मरीज, इस छोटी सी गलती के कारण अस्पतालों में भर्ती होते हैं, जिनमें से कई की इलाज के दौरान ही मौत हो जाती है। शोधकर्ताओं ने National Health and Nutrition Examination Survey से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर बताया कि हर साल लाखों डायबिटीज के मरीज ज्यादा दवा या इंसुलिन लेने के कारण अस्पताल पहुंचते हैं। 

क्या है हाइपोग्लाइसीमिया?

हाइपोग्लाइसीमिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति के शरीर में ब्लड शुगर बहुत कम हो जाता है। इसका शरीर पर तुरंत प्रभाव दिखता है। ऐसी स्थिति में मरीज कमजोरी के कारण बेहोश होकर गिर सकता है और गंभीर स्थिति में कोमा में जा सकता है। कई बार हाइपोग्लाइसीमिया के कारण व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक हो सकता है या उसकी मौत हो सकती है।

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क्या है डायबिटीज का सही इलाज?

डायबिटीज में बढ़े हुए ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए दवाओं का प्रयोग करना ठीक है। मगर चिकित्सक बताते हैं कि दवाओं के अलावा मरीज को एक्सरसाइज, डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल के द्वारा डायबिटीज को कंट्रोल करने की कोशिश करनी चाहिए। इन प्राकृतिक तरीकों से ब्लड शुगर कंट्रोल रहने पर हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा नहीं होता है।

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