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अनिद्रा, दर्द और अवसाद सबसे जुड़े हैं ऑस्टियोअर्थराइटिस के तार

अर्थराइटिस By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 17, 2014
अनिद्रा, दर्द और अवसाद सबसे जुड़े हैं ऑस्टियोअर्थराइटिस के तार

एक नये शोध में यह बात सामने आयी कि अनिद्रा, दर्द, अक्षमता और अवसाद की समस्‍यायें ऑस्टियोअर्थराइटिस से जुड़ी हुई हैं, इसलिए इन समस्‍याओं को हल्‍के में बिलकुल भी न लें।

Quick Bites
  • सामान्‍यतया ऑस्टियोअर्थराइटिस उम्रदराज लोगों को होती है।
  • अनिद्रा, दर्द, अक्षमता और अवसाद हैं इसके प्रमुख लक्षण।
  • अमेरिकन कॉलेज ऑफ रूमेटोलॉजी ने इसपर किया है शोध।
  • पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को यह बीमारी अधिक होती है।

ऑस्टियोअर्थराइटिस जोड़ों से संबंधित बीमारी है जो उम्रदराज लोगों को होती है। लेकिन अनियमित दिनचर्या और खानपान में पौष्टिक तत्‍वों की कमी के कारण यह युवाओं में भी देखी जा रही है। इसके कारण दर्द, अनिद्रा, अवसाद और अक्षमता की समस्‍यायें भी जुड़ी हुई हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को यह समस्‍या अधिक होती है। इस लेख में विस्‍तार से जानिये कैसे जुड़े हैं अनिद्रा, दर्द, अक्षमता और अवसाद के तार।
Osteoarthritis in Hindi

क्‍या है ऑस्टियोअर्थराइटिस

बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों के जोड़ों के कार्टिलेज घिस जाते हैं और उनमें चिकनाहट कम होने लगती है। इस स्थिति को सहज मेडिकल की भाषा में ऑस्टियो अर्थराइटिस कहते हैं। सामान्यत: यह बीमारी अधेड़ावस्था यानी 40 से 50 या इससे अधिक उम्र वाले लोगों में इसके होने की आशंकाएं ज्यादा होती हैं। लेकिन शहरी जीवन में यह बीमारी युवाओं में भी दिखायी दे रही है। जोड़ों में दर्द होना, जोड़ों में तिरछापन, चाल में खराबी, यानी चलने-फिरने की क्षमता का कम होना जैसे लक्षण इस बीमारी में दिखाई देते हैं।

शोध के अनुसार

एक नये शोध में यह बात सामने आयी है कि ऑस्टियोअर्थराइटिस नींद, दर्द, अक्षमता और अवसाद के तार ऑस्टियोअर्थराइटिस से जुड़े हैं। अगर ये सारे लक्षण किसी व्‍यक्ति में एक साथ दिखें तो यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वह ऑस्टियोअर्थराइटिस का शिकार हो चुका है। सामान्‍यतया ऑस्टियोअर्थराइटिस घुटनों के जोड़ों में होता है। यह हाथों और कूल्‍हों के जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है।

अमेरिकन कॉलेज ऑफ रूमेटोलॉजी (एसीआर) के जर्नल अर्थराइटिस केयर एंड रिसर्च में छपे एक शोध के अनुसार, हालांकि अनिद्रा के कारण अवसाद की समस्‍या हो सकती है लेकिन यह दर्द और अक्षमता से बिलकुल भी नहीं जुड़ा हुआ है, लेकिन अगर नींद के साथ दर्द, अवसाद और अक्षमता की समस्‍यायें हैं तो यह ऑस्टियोअर्थराइटिस से जुड़ा हुआ है।

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की मानें तो अर्थराइटिस के कारण अक्षमता जुड़ी है और यह सबसे सामान्‍य समस्‍या है। प्रत्‍येक 5 में से 1 व्‍यक्ति में इस बीमारी का निदान होता है। ऑस्टियोअर्थराइटिस अर्थराइटिस का सबसे प्रमुख प्रकार है इसलिए इसकी चपेट में लोग आते हैं। यह ऐसी बीमारी है जिसके कारण दर्द, कठोरता और जोड़ों को हिलाने-डुलाने में परेशानी होती है।

हालांकि इससे पहले जो शोध हुआ था उसमें यह बात सामने आयी थी कि ऑस्टियोअर्थराइटिस से ग्रस्‍त लोगों में सबसे अधिक समस्‍या अनिद्रा की होती है। इसके कारण लोगों को नींद नहीं आती। जबकि बाद में हुए इस शोध में अनिद्रा के साथ अन्‍य समस्‍यायें भी सामने आयीं।
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महिलाओं को अधिक खतरा

ऑस्टियोअर्थराइटिस की समस्‍या पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक देखी जाती है। इसलिए महिलाओं को अपने आहार में दूध और उससे निर्मित उत्‍पादों को शामिल करना चाहिए। इस शोध में यह बात भी सामने कि कि अगर महिलायें नियमित रूप से दूध का सेवन करें तो उन्‍हें जोड़ों में होने वाली यह बीमारी नहीं होगी।

नियमित व्‍यायाम और आहार में पौष्टिक तत्‍वों को शामिल कर ऑस्टियोअर्थराइटिस से बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा नियमित रूप से हड्डियों की जांच करवाते रहना चाहिए।

image source - getty images

 

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Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 17, 2014

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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