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नशे के रोगियों की रिकवरी में मदद कर सकती है दंत चिकित्सा, जानें कैसे

लेटेस्ट By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 21, 2019
 नशे के रोगियों की रिकवरी में मदद कर सकती है दंत चिकित्सा, जानें कैसे

जर्नल ऑफ द अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार दांतों की देखभाल जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है, जिसे रोजगार व नशीली दवाओं से परहेज में पर्याप्त सुधार के साथ-साथ आवासहीनता में नाटकीय कमी के रूप में मापा जा सकता है।

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दांतों की देखभाल जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है, जिसे रोजगार व नशीली दवाओं से परहेज में पर्याप्त सुधार के साथ-साथ आवासहीनता में नाटकीय कमी के रूप में मापा जा सकता है। जर्नल ऑफ द अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार ओरल हेल्थ केयर न केवल नशे के रोगियों को शारीरिक रूप से ठीक होने में मदद करता है, बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार भी करता है।

जर्नल ऑफ द अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन में प्रकाशित इस अध्ययन में उन नशे के रोगियों के बारे में बताया गया, जिन्होंने प्रमुख मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दंत चिकित्सा पेशेवरों से परामर्श लिया और वे लगभग दोगुना लंबे समय तक डॉक्टर की देखरेख में रहे। अध्ययन के मुताबिक मरीजों की नशे की लत के उपचार को पूरा करने की संभावना में 80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

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अध्ययन के मुख्य लेखक व यूनिवर्सिटी ऑफ उटाह हेल्थ के प्रोफेसर ग्लेन हैनसन ने कहा, "मौखिक स्वास्थ्य देखभाल और सबस्टेंस यूस डिसऑर्डर के बीच एक शक्तिशाली तालमेल है।"

उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने संपूर्ण दंत चिकित्सा देखभाल प्राप्त की उनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर रही। उनके रोजगार व नशीली दवाओं से परहेज में पर्याप्त सुधार के साथ-साथ आवासहीनता में नाटकीय कमी भी दर्ज की गई।"

शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए दो प्रकार के क्लीनिक ओडिसी हाउस और फर्स्ट स्टेप हाउस को एक किया ताकि FLOSS को विकसित किया जा सके। FLOSS नशे के रोगियों और परिवारों के लिए मौखिक स्वास्थ्य स्थिरता की जीवन भर सुविधा का एक कार्यक्रम है। 

शोधकर्ताओं ने नियंत्रण के लिए FLOSS में शामिल प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाओं की तुलना की।

फर्स्ट स्टेप हाउस ने मरीजों को खुद अपने दांतों की देखभाल की अनुमति दी जबकि ओडिसी हाउस ने अधिक मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं वालों प्रतिभागियों की पहचान की और फिर उन्हें उपचार या नियंत्रण के लिए रखा। फर्स्ट स्टेप हाउस के दंत चिकित्सा कार्यक्रम और नियंत्रण में क्रमश 158 और 862 पुरुष शामिल हुए थे। वहीं ओडिसी हाउस के दंत चिकित्सा कार्यक्रम में 70 पुरुष व 58 महिलाएं और नियंत्रण में 97 पुरुष व 45 महिलाओं को रखा गया।

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दंत चिकित्सा देखभाल पूरी होने के बाद अध्ययन के निष्कर्षों से साफ हुआ कि FLOSS प्रतिभागियों में अपने उपचार कार्यक्रम को जारी रखने और पूरा करने की अधिक संभावना थी चाहे वे खुद से अपनी दातों की देखभाल करने की बात हो या फिर उन्हें चुना गया हो।

शोधकर्ताओं ने कहा कि मरीज के इलाज के हिस्से के रूप में पूर्ण मौखिक स्वास्थ्य प्रदान करना आत्मसम्मान को फिर से जगाने के लिए महत्वपूर्ण है और यह नशीली दवाओं के सेवन से रिकवरी में पहला जरूरी कदम है।

हैनसन ने कहा, "यह जिंदगी बदलने वाला अनुभव केवल रोगियों के लिए ही नहीं बल्कि दंत चिकित्सा छात्रों जैसे डेंटल सेवा प्रदाताओं के लिए भी विशेष है, जो अब जानते हैं कि उनका काम रोगियों के जीवन को बदल सकता है।"

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अगर हम मधुमेह जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे रोगियों के लिए भी ऐसा ही कुछ करते हैं, तो हम उपचार के परिणामों के समान सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।''

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