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कमर का साइज बढ़ा सकता है लीवर कैंसर का खतरा

लेटेस्ट By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 17, 2016
कमर का साइज बढ़ा सकता है लीवर कैंसर का खतरा

रोजमर्रा की जिंदगी में हमें अपने खानपान पर नजर रखना बहुत जरूरी है, बल्कि खानपान अच्‍छा होना बहुत जरूरी है। वर्ना आपको कई घातक बीमारियां हो सकती हैं।

रोजमर्रा की जिंदगी में हमें अपने खानपान पर नजर रखना बहुत जरूरी है, बल्कि खानपान अच्‍छा होना बहुत जरूरी है। ऐसा करने से आप बीमारियों से दूर तो रहेंगे ही साथ ही लीवर कैंसर जैसी घातक बीमारियों के खतरे से बचे रहेंगे। अमेरिकन कैंसर सोसायटी द्वारा किए गए एक अध्‍ययन से पता चला है कि व्‍यक्ति के कमर का बढ़ा हुआ साइज या यूं कहें कि कमर के चारों ओर का आकार लीवर कैंसर होने की संभावना को बढ़ा सकता है।

Liver cancer In Hindi

शोधकर्ताओं ने पाया कि कमर की बढ़ी हुई परिधि, अधिक बॉडी-मास इंडेक्स (बीएमआई) और टाइप2 मधुमेह भी होने का खतरा बढ़ा सकते हैं। अध्‍ययन के मुताबिक कमर के घेरे में प्रत्‍येक पांच सेंटीमीटर की बढ़त से लीवर कैंसर होने का खतरा आठ फीसदी बढ़ सकता है। बीएमआई में प्रत्येक पांच किलोग्राम प्रति वर्गमीटर की बढ़ोतरी से पुरुषों में लीवर कैंसर होने का खतरा 38 फीसदी, जबकि महिलाओं में 25 फीसदी बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों की मानें तो इस अध्ययन से लीवर कैंसर को मोटापे से जुड़े कैंसरों की सूची में रखने संबंधी धारणा को बल मिला है।

अमेरिकन कैंसर सोसायटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, लीवर कैंसर केवल शराब पीने और वायरस से होने वाले हेपेटाइटिस संक्रमण से नहीं होता। बल्कि कमर की बढ़ी हुई परिधि, अधिक बीएमआई और टाइप2 मधुमेह भी इस बीमारी के खतरे को बढ़ा सकते हैं। दरअसल ये तीनों चीजें मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया में अनियमितता से जुड़ी हैं। अध्‍ययन में यह बातें भी सामने आई हैं कि लोगों को केवल सुडौल शरीर के लिए ही शरीर के वजन और लंबाई में तालमेल रखना जरूरी नही है बल्कि इन घातक बीमारियों से दूरी बनाए रखने के लिए ऐसा करना चाहिए।

ये बातें 14 अलग-अलग अध्ययनों में शामिल किए गए 15.7 लाख लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद सामने आई है। इसमें इन लोगों को जिस समय अध्ययन में शामिल किया गया था, तब इनमें से कोई भी कैंसर से पीड़ित नहीं था। इनके आंकड़ों में इनकी लंबाई, कमर का घेरा, वजन, तंबाकू खाने और धूम्रपान की आदत, शराब पीने की आदत आदि अनेक जानकारियों को शामिल किया गया था। इस अध्ययन को कैंसर रिसर्च जर्नल में प्रकाशित भी किया गया है।

 

Image Source : Getty

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