ज्यादा दवाओं के सेवन से होती है बढ़ते वजन की समस्या, इन तरीकों से पाएं काबू

Updated at: Mar 22, 2019
ज्यादा दवाओं के सेवन से होती है बढ़ते वजन की समस्या, इन तरीकों से पाएं काबू

आजकल हर दूसरा व्यक्ति ओबेसिटी और बढ़ते वजन से परेशान है। हालांकि यह रोग खानपान में अनियमितता और अंसतुलित लाइफस्टाइल के कारण होता है। इसके अलावा भी कई ऐसे कारण हैं जो ओबेसिटी और बढ़ते वजन का कारण बनते हैं। अक्सर लोगों को इस बारे में पता नहीं होता ह

Rashmi Upadhyay
वज़न प्रबंधनWritten by: Rashmi UpadhyayPublished at: Mar 22, 2019

आजकल हर दूसरा व्यक्ति ओबेसिटी और बढ़ते वजन से परेशान है। हालांकि यह रोग खानपान में अनियमितता और अंसतुलित लाइफस्टाइल के कारण होता है। इसके अलावा भी कई ऐसे कारण हैं जो ओबेसिटी और बढ़ते वजन का कारण बनते हैं। अक्सर लोगों को इस बारे में पता नहीं होता है। लेकिन ऐसे कई कारण हैं जो ओबेसिटी के लिए जिम्मेदार है। आपको बता दें कि ज्यादा दवाओं का सेवन भी ओबेसिटी और बढ़ते वजन का कारण बनता है। कई बार ऐसा भी होता है कि उपचार के दौरान दी जाने वाली दवाओं की वजह से भी ऐसी समस्या हो सकती है। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि हर दवा का कोई न कोई साइड इफेक्ट जरूर होता है, लेकिन यहां हम कुछ ऐसी दवाओं की बात कर रहे हैं, जो वजन बढ़ाने के लिए खास तौर पर जिम्मेदार मानी जाती हैं। लंबे समय तक ली जाने वाली दवाएं व्यक्ति का वजन बढ़ा देती हैं। मोटापा केवल सौंदर्य से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इसकी वजह से डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर, हृदय रोग, अनिद्रा व इनफर्टिलिटी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि किस तरह की दवाएं व्यक्ति का वजन बढ़ा सकती हैं।

  1. डिप्रेशन की समस्या से ग्रस्त लोगों को एंटीडिप्रेजेंट दवाएं दी जाती हैं। इनमें कई ऐसे तत्व होते हें, जो व्यक्ति का वजन बढ़ा देते हैं। एपिलेप्सी, नर्वस डिसॉर्डर जैसे मानसिक रोगों के लिए मूड स्टैब्लाइजर का काम करने वाली कई दवाएं समय के साथ व्यक्ति का वजन बढ़ा सकती हैं। इन दवाओं में कुछ ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो शरीर और ब्रेन को तनाव मुक्त कर देते हैं। इससे इन दवाओं का सेवन करने वाले व्यक्ति को ज्य़ादा नींद आने लगती है और उसका वजन बढऩे लगता है। ऐसे मरीजों को नियमित रूप से अपने डॉक्टर से सलाह लेते रहना चाहिए। इन दवाओं की वजह से मस्तिष्क के उस हिस्से की कार्यप्रणाली बिगड़ जाती है, जो भूख को नियंत्रित करता है। इसलिए ऐसी दवाओं के नियमित सेवन से व्यक्ति को ज्य़ादा भूख लग सकती है।
  1. जो लोग बिना डॉक्टर की सलाह लिए अपने मन से मल्टी विटमिन की गोलियों का लंबे समय तक सेवन करते हैं, उन्हें भी ओबेसिटी की समस्या हो सकती है। दरअसल ऐसी दवाएं शरीर मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को सक्रिय कर देती हैं, जिससे लोगों को ज्यादा भूख लगती है और उनका वजन तेजी से बढऩे लगता है।
  2. हाई ब्ल्डप्रेशर एक ऐसी गंभीर समस्या है, जो आगे चल कर हृदय रोग का भी कारण बन सकती है। इसलिए इससे बचाव के लिए दवाओं का सेवन जरूरी हो जाता है। इस समस्या से बचाव के लिए जिन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है, उनकी वजह से भी लोगों का वजन बढ़ता है क्योंकि ये दवाएं कैलोरीज बर्न करने की प्रक्रिया धीमी करने के साथ शरीर में वॉटर रिटेंशन की समस्या भी बढ़ा देती हैं।
  3. इन्फेक्शन से छुटकारा पाने के लिए अकसर लोग एंटीबायोटिक्स का सहारा लेते हैं। इससे यह समस्या आसानी से दूर हो जाती है, पर सर्दी-जुकाम जैसी छोटी-छोटी परेशानियों के लिए हमेशा ऐसी दवाओं के सेवन करने वालों को ओबेसिटी हो सकती है।
  4. वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन से यह पता चला है कि कुछ गर्भनिरोधक गोलियों के कारण स्त्रियों का वजन बढ़ता है क्योंकि ऐसी दवाओं में मौजूद प्रोजेस्टेरॉन और एस्ट्रोजन हॉर्मोन के साइड इफेक्ट की वजह से शरीर में फ्लूइड रिटेंशन यानी पानी की मात्रा बढऩे की समस्या होती है, जिससे उनका वजन बढ़ जाता है। इससे स्त्री की कमर, थाइज और बस्ट एरिया पर मोटापे का असर सबसे ज्य़ादा दिखाई देता है, पर यह जरूरी नहीं कि सभी गर्भनिरोधक दवाओं के साथ ऐसा हो। अगर ऐसी किसी दवा के सेवन के दौरान आपको अपना वजन बढ़ता हुआ महसूस हो तो अपनी डॉक्टर की सलाह पर दवा बदल लेनी चाहिए।
  5. माइग्रेन का दर्द दूर करने वाली दवाओं की वजह से भी लोगों का वजन बढऩे की आशंका रहती है। ऐसी दवाएं टेस्ट बड्स को सक्रिय कर देती हैं, जिससे व्यक्ति को बार-बार खाने की इच्छा होती है।
  6. इंसुलिन भी व्यक्ति का वजन बढ़ा सकता है। टाइप-डायबिटीज के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं भी वजन बढ़ा सकती हैं। ऐसी दवाओं के सेवन से साल भर में व्यक्ति का वजन 4-5 किलो तक बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को संतुलित खानपान के साथ नियमित एक्सरसाइज भी करनी चाहिए, ताकिउन्हें ओबेसिटी की समस्या न हो। अगर इन छोटी-छोटी बातों के प्रति सतर्कता बरती जाए तो दवाओं की वजह से होने वाली आबेसिटी से बचाव संभव है।
  7. स्त्रियों के शरीर में हार्मोंस के असंतुलन को दूर करने के लिए एस्ट्रोजेन-प्रोजेस्टेरॉन रीप्लेस्मेंट थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। इससे भूख ज्य़ादा लगती है और शरीर में वॉटर रिटेंशन बढ़ जाता है। इसके हाई डोज के कारण ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। जिससे शरीर में फैट जमा होने लगता है और स्त्री का वजन बढ़ जाता है।

कैसे करें बचाव

  • अगर आपको ऐसा लगता है कि किसी ख़्ाास दवा के सेवन से आपका वजन बढ़ रहा है तो तुरंत अपने डॉक्टर को इस बारे में बताएं, ताकि वह आपको उस दवा के विकल्प के रूप में दूसरी दवा लेने की सलाह दे, जिससे ये साइड इफेक्ट्स न हों।
  • कई बार डायबिटीज या दिल के मरीजों को कुछ लाइफ सेविंग ड्रग्स दी जाती हैं। ऐसी दवाओं की वजह से अगर व्यक्ति का वजन बढ़ भी रहा हो तो भी जीवन बचाने के लिए उनका सेवन जरूरी हो जाता है। ऐसी स्थिति में दवा लेने में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
  • दवाओं से संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। वह आपके दवा की डोज को कम कर सकते हैं, ताकि वजन बढऩे की प्रक्रिया धीमी हो जाए।
  • अपने डॉक्टर से वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के बारे में भी सलाह ले सकते हैं।
  • यह बात हमेशा याद रखें कि बीमारी का इलाज आपकी पहली प्राथमिकता है क्योंकि बढ़ते वजन को बाद में भी नियंत्रित किया जा सकता है।
  • ऐसी स्थिति में डाइटीशियन से भी सलाह लेनी चाहिए। सही और स्वस्थ खानपान अपना कर भी बढ़ते वजन को नियंत्रित किया जा सकता है।

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