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दिमाग के साथ शरीर के कई हिस्‍सों पर असर करता है मोटापा

वज़न प्रबंधन By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 04, 2013
दिमाग के साथ शरीर के कई हिस्‍सों पर असर करता है मोटापा

आप मोटे हो रहे हैं और आपको इस बात की परवाह नहीं तो सतर्क हो जायें। मोटापा कई बीमारियों की वजह बनता है, अधिक जानिये इस लेख में।

Quick Bites
  • शरीर का भारीपन यानी मोटापा दिमाग पर भी डालता है असर।
  • एक शोध के अनुसार मोटापे कारण हो सकता है अल्‍जाइमर्स।
  • मोटापे की वजह से डायबिटीज, कैंसर हार्ट अटैक हो सकता है।
  • तनाव, हर्निया, आंतों की समस्‍या के लिए जिम्‍मेदार है मोटापा।

मोटापा शरीर को कई तरह की बीमारियां दे सकता है। लेकिन, क्‍या आप जानते हैं कि अधिक वजन होना आपके दिमाग की सेहत के लिए भी अच्‍छा नहीं है।

dimag per bhi bhari parata hai motapa

मोटापा कई बीमारियों का कारण भी बनता है, यह अपने साथ कई बीमारियां भी लाता है। मधुमेह, डिप्रेशन, ब्‍लड प्रेशर आदि कई खतरनाक बीमारियों के लिए यह जिम्‍मेदार है। लेकिन इसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। यह कई शोधों में साबित भी हुआ है कि मोटापे का असर दिमाग पर पड़ता है। आइए हम आपको इसके बारे में विस्‍तार से जानकारी देते हैं।

 

क्‍या कहता है शोध

शरीर का भारीपन यानी मोटापा दिमाग पर भी असर डालता है। एक हालिया शोध में बताया गया है कि मोटापा व्यक्ति में अल्जाइमर्स का खतरा 80 फीसदी तक बढ़ा देता है। अल्जाइमर्स ही गंभीर रूप धारण कर डिमेंशिया का रूप लेता है। शोध के मुताबिक मोटापे की वजह से सामान्य डिमेंशिया का खतरा 42 फीसदी, अल्जाइमर्स का 80 फीसदी और वेस्कुलर डिमेंशिया का खतरा 73 फीसदी तक बढ़ जाता है।

जॉन हापकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने लगभग 37 हजार लोगों पर अध्ययन किया। यह अध्ययन मोटापा और डिमेंशिया के बीच संबंध पता करने के लिए था। इस शोध में यह बात सामने आयी कि मोटापा, डिमेंशिया और उसके कई प्रकारों का खतरा बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होता है। यदि युवावस्था में ही मोटापे पर नियंत्रण कर लिया जाए तो डिमेंशिया के मरीजों की संख्या में काफी हद तक कमी की जा सकती है। शोध में कम वजन को भी डिमेंशिया होने का कारण बताया गया है। अमेरिका सहित फिनलैंड, स्वीडन और फ्रांस के मध्यम वय और वृद्धों पर किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है।

 

मोटापे से अन्‍य बीमारियां

  • मोटापे की वजह से आप डायबटीज के शिकार हो सकते हैं, क्योंकि जब आप ज्यादा खाने में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा लेने लगते हैं तो मोटपे का शिकार हो जाते हैं। इस वजह से आपको मधुमेह होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • स्तन कैंसर, कमर का कैंसर या आंतो के कैंसर की सबसे बड़ी वजह मोटापा होता है। हाल ही में हुए शोधों में पता चला है कि मोटापे से गर्भाशय का कैंसर भी हो सकता है।
  • मोटापे से हृदय रोग का खतरा दोगुना हो जाता है। क्योंकि वजन बढ़ने से आपका हृदय शरीर के बाकी हिस्सों में सही ढंग से रक्‍त की आपूर्ति नहीं कर पाता है। जिससे दिल का दौरा होने की संभावना होती है। मोटापे की वजह से हृदय की मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ने पर फैल जाती हैं जो कि खतरनाक है आपके हृदय के लिए।
  • मोटापे के कारण लोग डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। लोगों की सोच नकारात्मक हो जाती है। हर समय दुखी रहते हैं। कभी-कभी तो लोग खुदकुशी की भी कोशिश करते हैं।
  • हार्निया और आंतों की समस्‍या मोटापे के कारण हो सकती है। मोटापे के चलते आपका डायफ्राम कमज़ोर हो जाता है या उसका आकार बढ़ जाता है, जिससे आप हार्निया के शिकार हो जाते हैं।
  • मोटापे के कारण आपके शरीर का वजन इतना बढ़ जाता है कि वो आपके पैरों के लिए खतरा बन जाता है। मोटापे में ज्यादातर लोग जोड़ों के दर्द का शिकार हो जाते हैं। उन्हें जोड़ों में उठते बैठते वक्त असहनीय दर्द झेलना पड़ता है।



इन खतरनाक बीमारियों के अलावा मोटापे के कारण हाइपरटेंशन, दिल की बीमारी भी हो सकती है। इसलिए मोटापे से बचना चाहिए, नियमित व्‍यायाम और पौष्टिक आहार का सेवन कीजिए। यदि मोटापा नहीं कम हो रहा तो आप चिकित्‍सक की सलाह ले सकते हैं।

 

 


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Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJan 04, 2013

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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