Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

कम नींद से मोटे किशोरों में हो सकता है हृदय रोग का खतरा

लेटेस्ट By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 12, 2014
कम नींद से मोटे किशोरों में हो सकता है हृदय रोग का खतरा

हाल ही में हुए शोध में सामने आया है कि किशोरावस्था में मोटापे का शिकार होने वाले लोग अगर पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो उनमें हृदय रोग और मधुमेह का खतरा अधिक होता है।

sleep less in teenageयूं तो हम सब जानते हैं कि मोटापे कई बीमारियों का जनक है। ज्यादातर लोगों किशोरावस्था में ही मोटापे का शिकार होने लगते हैं। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है क्योंकि इस दौरान सेहत से जुड़ी कई ऐसी गलतियां हैं जो हमसे हो जाती है जिनमें से एक है नींद की कमी।

 

हाल में हुए एक शोध की मानें तो मोटापे का शिकार वे किशोर जो भरपूर नींद नहीं लेते हैं उन्हें मोटापे के साथ दिल के रोग, मधुमेह और स्ट्रोक का खतरा बहुत अधिक होता है।


यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन और बेलर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की मानें तो नींद ठीक तरह से न ले पाना ओवरवेट किशोरों के लिए कार्डियोवास्कुल और मेटाबॉलिक रोगों का खतरा होता है।


शोधकर्ताओं ने 11 से 17 साल के 37 किशोरों पर किए गए अपने अध्ययन में यह दावा किया है। शोध के दौरान सप्ताह भर किशोरों के 24 घंटे के रुटीन का परीक्षण किया है।

उन्होंने यह भी माना है कि नींद कम लेने पर रोगों का यह रिस्क सामान्य किशोरों की अपेक्षा मोटापे के शिकार किशोरों में अधिक होता है।

 

source पाक ट्रिब्यून

 

Read More Health News In Hindi

Written by
Anubha Tripathi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMar 12, 2014

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK