इन 10 पोषक तत्वों की कमी से आप हो सकते हैं ड्रिप्रेशन के शिकार, एक्सपर्ट से जानें क्या हैं ये

विटामिन डी की कमी से भी बहुत से लोगों को डिप्रेशन होता है। पर इसके अलाव भी कई पोषक तत्व हैं, जिनकी कमी से आपको डिप्रेशन हो सकता है। 

Pallavi Kumari
विविधWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jun 22, 2021
Updated at: Jun 22, 2021
इन 10 पोषक तत्वों की कमी से आप हो सकते हैं ड्रिप्रेशन के शिकार, एक्सपर्ट से जानें क्या हैं ये

डिप्रेशन यानी अवसाद एक ऐसी मानसिक बीमारी है, जो आज कल तेजी से बढ़ रही है। ज्यादातर लोग डिप्रेशन को मस्तिष्क से जुड़ी गड़बड़ियों से ही जोड़ कर देखते हैं, जबकि ये आपकी लाइफस्टाइल और डाइट से जुड़ी कमियों के कारण भी हो सकती है। जी हां, शरीर में कुछ चीजों की कमी भी आपको डिप्रेशन (depression and vitamin deficiency) हो सकता है। दरअसल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन मेंटल हेल्थ के अनुसार, अवसाद आनुवंशिक, जैविक, पर्यावरणीय और मनोवैज्ञानिक कारकों के अलावा पोषण असंतुलन के कारण भी होता है। ऐसा इसलिए कि आपका मन, भावनाएं और मूड्स आपकी डाइट से भी जुड़े होते हैं। इसके अलावा शरीर में विटामिन और खनिजों की कमी भी मस्तिष्क के कामकाज को प्रभावित करते हैं और तनाव और चिंता के स्तर को बढ़ा सकते हैं। इन्हें विटामिन और खनिजों के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने डेलनाज चंदूवाडिया (Delnaaz Chanduwadia), मुख्य आहार विशेषज्ञ, जसलोक अस्पताल और अनुसंधान केंद्र से भी बात की।

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पोषक तत्वों की कमी से डिप्रेशन -Nutritional Deficiencies that can cause depression

1. अमीनो एसिड 

अमीनो एसिड शरीर में प्रोटीन बनाने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। ये ब्रेन फंक्शन में भी मदद करते हैं। अमीनो एसिड की कमी से व्यक्ति सुस्त, उदास और सुस्त महसूस करता है। मस्तिष्क में ट्रिप्टोफैन न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को प्रभावित करता है। अमीनो एसिड, सेरोटोनिन को भी बढ़ाता है। ये आपके शरीर को मांसपेशियों के निर्माण में मदद करते हैं। वे मस्तिष्क को स्वस्थ बनाते हैं। अमीनो एसिड की कमी को अवसाद, ध्यान की कमी और सामान्य सुस्ती से जोड़ा गया है। इसलिए आपको अपनी डाइट में अमीनो एसिड के भरपूर आहार अंडे, मांस, बीज, नट और पौधे आधारित प्रोटीन को शामिल करना चाहिए।

2. विटामिन डी

विटामिन डी सेरोटोनिन गतिविधि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सेरोटोनिन एक न्यूरोट्रांसमीटर है जो सीधे मूड, नींद, भूख और पाचन से जुड़ा होता है। ये आपके रक्तप्रवाह में फास्फोरस के उचित अवशोषण को सुनिश्चित करता है जो आपके मस्तिष्क और शरीर में कोशिका की मरम्मत और ऊतक विकास में मदद करता है। शरीर में विटामिन डी की कमी (vitamin d and depression) को दूर करने के लिए आपको सुबह 10 बजे से पहले की धूप लेनी चाहिए। इसके अलावा आप सार्डिन मछली, अंडे की जर्दी और मशरूम जो कि विटामिन डी भी भरपूर है, उसे अपनी डाइट में शामिल करें।

3. फोलेट

फोलिक एसिड या फोलेट विटामिन बी अवसाद के इलाज में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा ये अल्जाइमर से पीड़ित लोगों के लिए भी फायदेमंद है। फोलेट होमोसिस्टीन की निकासी में मदद करता है। फोलेट सेरोटोनिन के उत्पादन का भी समर्थन करता है। फोलेट को अवसाद का इलाज करने और एक एंटीडिप्रेसेंट की प्रभावशीलता में सुधार करने के लिए डेप्लिन कहा जाता है। अधिकांश वयस्कों को प्रतिदिन कम से कम 400 एमसीजी की आवश्यकता होती है। आप अपनी दैनिक फोलेट आवश्यकताओं को फोलेट में उच्च खाद्य पदार्थों का सेवन करके प्राप्त कर सकते हैं, जिसमें पत्तेदार साग, बीन्स और फलियां, और खट्टे फल और जूस शामिल हैं।

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4. ओमेगा-3

ओमेगा 3 फैटी एसिड मस्तिष्क कोशिका गतिविधि के लिए जरूरी हैं, तंत्रिका तंत्र को हेल्दी रखने और और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इस तरह वे अवसाद से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।मछली, टूना, अलसी और अखरोट खा कर आप शरीर में ओमेगा 3 की कमी को दूर कर सकते हैं। ये आवश्यक खनिज सूजन को कम करते हैं और मस्तिष्क के कार्य, विशेष रूप से स्मृति और मनोदशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शरीर उन्हें नहीं बना सकता है, इसलिए आपको या तो उन्हें खाना होगा या सप्लीमेंट्स लेने होंगे। 

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5. मैग्नीशियम

मैग्नीशियम मानव शरीर में सबसे महत्वपूर्ण खनिजों में से एक है जो लगभग 600 से अधिक चयापचय कार्य करता है।आहार में मैग्नीशियम की कमी बहुत आम है।मैग्नीशियम मस्तिष्क के कार्य, मरम्मत के लिए और तनाव प्रतिक्रिया के लिए बेहद जरूरी है। बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियां मैग्नीशियम का सबसे अच्छा स्रोत है, जिन्हें आप आसानी से खा सकते हैं। दही  और सीताफल मैग्नीशियम से भरूपर है, जिन्हें आप अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। 

6. जिंक

जिंक, मस्तिष्क में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है और तनाव के प्रति मस्तिष्क और शरीर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद करता है। जिंक एक न्यूरोट्रांसमीटर के रूप में काम करता है और एंजाइमेटिक और हार्मोनल प्रक्रियाओं के लिए इसकी आवश्यकता होती है। जिंक की कमी से अवसाद होता है। साथ ही चिंता और सिज़ोफ्रेनिया का भी कारण बनता है। जिंक से भरपूर चीजों में आप मूंगफली, सफेद छोले और तरबूज के बीज आदि का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा अनार में भी भरपूर मात्रा में जिंक होता है।

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7. आयरन

आयरन की कमी सबसे आम है। यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक देखा जाता है। आयरन की कमी के लक्षण खराब मूड, चिड़चिड़ापन और थकान और अवसाद आदि ज्यादा दिखता है।  आयरन का निम्न स्तर भी पैनिक अटैक को ट्रिगर करता है। 

8. विटामिन बी कॉम्प्लेक्स

विटामिन बी  कॉम्प्लेक्स मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से विट बी 6 और विट बी 12।  2009 के एक अध्ययन ने महिलाओं में बी 12 की कमी और अवसाद के बीच संबंध दिखाया है। शाकाहारियों में बी 12 की कमी आम है। विटामिन बी-6 का सबसे अच्छा स्रोत पोल्ट्री, समुद्री भोजन, केला और पत्तेदार हरी सब्जियां हैं। विटामिन बी -12 के लिए मांस, मछली, अंडे और दूध आदि का सेवन करना चाहिए। 

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9. आयोडीन

थायराइड के हेल्दी कामकाज के लिए आयोडीन महत्वपूर्ण है। थायराइड हार्मोन चयापचय, ऊर्जा, त्वचा, बाल, नाखून, शरीर के तापमान को बैलेंस करने और इम्यून बूस्ट करने में मदद करता है। यह मस्तिष्क के कामकाज का भी समर्थन करता है और इसलिए थायराइड की कमी या खराब अवशोषण से अवसाद हो सकता है।

10. क्रोमियम

क्रोमियम ग्लाइसेमिक कंट्रोल के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा खून से चीनी को अवशोषित करने के लिए इंसुलिन को क्रोमियम की आवश्यकता होती है। अवसाद से ग्रस्त लोगों को क्रोमियम की खुराक देने से बहुत फर्क पड़ता है विशेष रूप से असामान्य अवसाद वाले लोगों के लिए। कई अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन 600 एमसीजी क्रोमियम की खुराक ने अवसाद के स्तर में एक बड़ा सुधार दिखा है।

तो, डिप्रेशन से खुद को बचाने के लिए अपनी डाइट में शामिल करें ये तमाम चीजें और अपनी डेली रूटीन में एक्सरसाइज और योग को जरूर शामिल करें। खुश रहें और स्ट्रेस कम करें, ताकि आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें। 

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