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Nutrition Tips : डिनर करने का सही समय क्‍या है? जानें रात के भोजन में क्‍या खाएं और क्‍या नहीं

स्वस्थ आहार By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 17, 2019
Nutrition Tips : डिनर करने का सही समय क्‍या है? जानें रात के भोजन में क्‍या खाएं और क्‍या नहीं

देर रात भोजन करना, विशेष रूप से हैवी फूड्स या ऐसे आहार जो कार्बोहाइड्रेट और शुगर में उच्‍च होते हैं, और उसके तुरंत बाद सोने जाना एसिड रिफ्लक्‍स और मोटापा बढ़ाता है। 

रात को समय से और हल्‍का भोजन करना अच्‍छा माना जाता है। इससे खाना आसानी से पच जाता है। जो आपको अगली सुबह फ्रेश और एक्टिव रखती है। देर से और भरपेट खाना खाने से आपके शरीर पर क्‍या हानिकारक प्रभाव पड़ता है। डिनर में बहुत ज्‍यादा और अस्‍वस्‍थ्‍यकर भोजन करने से नींद न आने की समस्‍या हो सकती है। कोशिश करें कि, सोने से 3 घंटे पहले खाना खाएं। इसके अलावा भी कई तथ्‍य हैं जो रात के भोजन से जुड़े हुए हैं, जानने के लिए पढ़ें। 

 

डिनर करने का सही समय 

रात का खाना यानी डिनर का सबसे सर्वोत्‍तम समय शाम 7 बजे 7:30 बजे तक का है। ज्‍यादा से ज्‍यादा आप 8 बजे तक खा सकते हैं। देर रात भोजन करना, विशेष रूप से हैवी फूड्स या ऐसे आहार जो कार्बोहाइड्रेट और शुगर में उच्‍च होते हैं, और उसके तुरंत बाद सोने जाना एसिड रिफ्लक्‍स और मोटापा बढ़ाने में बड़ा योगदान है। यह आपके हार्मोनल साइकिल को भी परेशान करता है और एक गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

डिनर में कार्ब्‍स लेना है हानिकारक 

कई वर्षों से, लो-कार्ब आहार फैशन में हैं- इस विश्वास और विज्ञान के आधार पर कि लोग बहुत सारे कार्बोहाइड्रेट खा रहे हैं, विशेष रूप से शुगर युक्‍त फूड, जैसेकि व्‍हाइट ब्रेड, सफेद चावल या रिफाइंड फ्लोर पास्ता, जो आपकी कमर के लिए बुरा है। ब्‍लड शुगर के नियंत्रण के लिए सही नहीं है और यह आपका वजन बढ़ाता है। यह सब कुछ विशेष रूप से बढ़ जाता है जब देर रात कार्ब्स का सेवन करते हैं। यहां तर्क यह है कि यदि आप बहुत ज्‍यादा कार्बोहाइड्रेट या शुगर युक्‍त फूड का सेवन करते हैं, विशेष रूप से बिना फाइबर वाले फूड जैसे- मैदा, रिफाइंड फ्लोर आदि शरीर में जल्दी अवशोषित हो जाते हैं, तो वे तेजी से आपके रक्त शर्करा (शुगर) के स्तर को बढ़ा देते हैं। 

रात में कार्ब्‍स लेने के दुष्‍प्रभाव 

जब तक आप व्यायाम करके इस ग्लूकोज को बंद नहीं करते हैं, तब तक आपका अग्न्याशय आपके शरीर को यथास्थिति में लाने के लिए बहुत सारे हार्मोन इंसुलिन को पंप करता रहता है। जो कि सामान्य दिनों में नहीं होता है। ऐसे में आपका अग्न्याशय (pancreas) अत्यधिक इंसुलिन रिलीज करने लगता है, जिससे डायबिटीज मेलेटस की स्थिति पैदा हो सकती है।

यह आपके शरीर में लिपिड प्रोफाइल को जोड़ता है, क्योंकि कार्ब्स में मौजूद शुगर वसा यानी फैट के रूप में जमा होता है। बहुत अधिक वसा के जमने से, विशेष रूप से आंत की वसा (आपके पेट और आपके अंगों जैसे किडनी, लीवर आदि को कवर करने वाली वसा की परत) से हृदय रोग, टाइप -2 मधुमेह, फैटी लीवर रोग आदि जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

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कैसा हो रात का भोजन 

आपका डिनर लाइट होना चाहिए, आपके भोजन में फाइबर भी होना चाहिए। कार्ब्‍स की मात्रा न के बराबर होनी चाहिए, क्‍योंकि इसमें मौजूद शुगर आपके शरीर पर हानिकारक प्रभाव डालता है। रात में बहुत ज्‍यादा तली-भुनी चीजों को नहीं खाना चाहिए। बर्गर, पिज्‍जा आदि जंक फूड रात में बिल्‍कुल भी नहीं खाना चाहिए। रात के भोजन में आपको हरी पत्‍तेदार सब्जियां, सोने से पहले गर्म दूध आदि का सेवन करना चाहिए। विशेषज्ञों की मानें तो गले तक ठूंस के कभी न खाएं। रात में हल्‍का भोजन आपको नींद अच्‍छी दिलाता है। 

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