स्वाइन फ्लू से 10 गुना ज्यादा जानलेवा है कोरोना वायरस, WHO ने बताया कई देशों में 3-4 दिन में डबल हो रहे मरीज

Updated at: Apr 16, 2020
स्वाइन फ्लू से 10 गुना ज्यादा जानलेवा है कोरोना वायरस, WHO ने बताया कई देशों में 3-4 दिन में डबल हो रहे मरीज

WHO के अनुसार कोरोना वायरस 2009 में आई महामारी स्वाइन फ्लू से 10 गुना ज्यादा जानलेवा और मारक है। ये वायरस अब तक 1 लाख 30 हजार लोगों की जान ले चुका है।

Anurag Anubhav
लेटेस्टWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Apr 16, 2020

दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर से निकला कोरोना वायरस आज दुनिया के हर हिस्से में फैल चुका है। अब तक ये वायरस 20 लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर चुका है और 1 लाख 34 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मार्च की शुरुआत में कोरोना वायरस को वैश्विक महामारी (Global Pandemic) घोषित किया था। तब से लेकर आज तक दुनिया लगातार कोरोना वायरस से लड़ रही है, मगर ये वायरस थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत में भी कोराना वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या अब बढ़कर 12380 तक पहुंच गई है और इसके कारण 414 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी बीच 1489 लोगों को ठीक भी किया जा चुका है।

स्वाइन फ्लू से 10 गुना ज्यादा जानलेवा है कोरोना वायरस: WHO

WHO के चीफ डॉक्टर टेडरस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने हाल में ही ब्रीफिंग के दौरान बताया कि नए वायरस के बारे में लगातार अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि कोविड-19 तेजी से फैलता है और हम यह भी जानते हैं कि ये जानलेवा है। ये कोराना वायरस 2009 की वैश्विक महामारी स्वाइन फ्लू से भी 10 गुना ज्यादा जानलेवा और खतरनाक।"

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2009 में महामारी बना था स्वाइन फ्लू

आपको बता दें कि जिस तरह से कोरोना वायरस इन दिनों लोगों की जान ले रहा है, इसी प्रकार 2009 में स्वाइन फ्लू के आने पर भी दुनियाभर में हड़कंप मचा था। स्वाइन फ्लू का पहला मामला मार्च 2009 में मैक्सिको और युनाइटेड स्टेट्स में पाया गया था। तब WHO ने जून 2009 में इसे महामारी घोषित किया था। उस समय स्वाइन फ्लू यानी H1N1 फ्लू ने WHO के आंकड़ों के अनुसार लगभग 18500 की जान ली थी। लेकिन मेडिकल जर्नल लैंसेंट ने इस आंकड़े को 151,700 से लेकर 575,400 तक आंका था। दरअसल WHO ने अफ्रीका और साउथईस्ट एशिया में हुई मृत्यु को अपने आंकड़ों में नहीं शामिल किया था, जबकि लैंसेंट ने ऐसा किया था। दुनिया को स्वाइन फ्लू से लड़ने में लगभग 6 महीने लग गए थे।

3-4 दिन में दोगुने बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस के मामले

WHO चीफ ने बताया कि कुछ देशों में कोरोना वायरस के मामले 3-4 दिनों में ही दोगुने की गति से बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो देश पहले से ही इस वायरस से संक्रमित मामलों को खोजने, उनकी जांच करने, आइसोलेट करने और उनकी देखभाल में करने में लगे हुए थे, उन्होंने मामलों को काफी अच्छी तरह रोक लिया है।

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दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी है घरों में बंद

कोरोना वायरस के कारण संसार की आधी से ज्यादा आबादी इन दिनों अपने-अपने घरों में बंद है, ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके। लेकिन डॉ. टेडरस कहते हैं कि, "हमारा वैश्विक जुड़ाव इस बीमारी को दोबारा फैलने और बढ़ने में मदद करेगा।" उन्होंने बताया कि ये वायरस जितनी तेज गति से फैल रहा है, उसकी अपेक्षा बहुत धीमी गति से सिमट रहा है। इसलिए इसे कंट्रोल करने के लिए उठाए गए उपायों को एकदम से बंद नहीं किया जा सकता है।

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