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ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ने पर शरीर को होती है ये 2 परेशानी, जानें क्‍या है नुकसान

Updated at: Oct 03, 2018
डायबिटीज़
Written by: अतुल मोदीPublished at: Oct 03, 2018
ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ने पर शरीर को होती है ये 2 परेशानी, जानें क्‍या है नुकसान

शरीर के सभी अंग और उनके सेल में हमेशा ग्लुकोज़ की ठीक सप्लाई बने रहना जीवन के लिये बेहद जरूरी है। ब्लड शुगर की कमी या अधिकता दोनों ही गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।

रक्‍त में शर्करा का (ब्‍लड शुगर) का एक सामान्य स्तर होता है। ब्‍लड शुगर मुख्य रूप से खून में ग्लुकोज की मात्रा को कहा जाता है। इसके अलावा शरीर में कुछ अन्य प्रकार की शुगर भी होती हैं, जैसे फ्रकटोज और गेलेकटोज। खून में मौजूद ग्लुकोज़, शरीर में, उर्जा का प्रमुख स्रोत होता है। इसके बिना सभी अंगों को काफी नुकसान पहुंच सकता है। उदाहरण के लिये, जब किसी कारणवश दिल के रक्त प्रवाह में रुकावट आती है, तो उर्जा के कमी से दिल की धड़कन रुक सकती है। इसे दिल का दौरा या हार्ट अटैक कहा जाता है। जिसके कारण मरीज़ की मौत भी हो सकती है। इसलिए शरीर के सभी अंग और उनके सेल में हमेशा ग्लुकोज़ की ठीक सप्लाई बने रहना जीवन के लिये बेहद जरूरी है। ब्लड शुगर की कमी या अधिकता दोनों ही गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।

 

ब्लड शुगर का सामान्य स्तर

सामान्य स्थिति में, ब्‍लड शुगर का स्तर 4 से 6 मिलीमोल प्रति लिटर या फिर 70 से 100 मिलीग्राम प्रति डेसीलिटर के बीच होता है। लेकिन खाना खाने के बाद ब्‍लड शुगर बढ़ जाता है। सबसे कम ब्‍लड शुगर सुबह उठने के समय होता है। शरीर की पेनक्रियाटिक ग्रंथि से निकलने वाले विभिन्न होरमोन ब्‍लड शुगर को ठीक प्रकार से तरह से नियंत्रित रखते हैं। उदाहरण के लिये उपवास में, जब खून में ग्लुकोज़ कम हो जाती है, तो ग्लुकागोन होरमोन के असर से, ग्लाईकोजन से ग्लुकोज़ का निर्माण लिवर में किया जाता है, और ब्‍लड शुगर ठीक हो जाती है। 

वहीं दूसरी ओर जब खाने के बाद ब्‍लड शुगर ज्यादा हो जाती है, तो इंसुलिन होरमोन के प्रभाव से खून से अतिरिक्त ग्लुकोज़ को लिवर और मांस-पेशियों में भेज दिया जाता है। यहीं पर अतिरिक्त ग्लुकोज़ को ग्लाईकोजन बना कर रखा जाता है।

ब्लड शुगर बढने पर दिमाग को नुकसान

हाई ब्‍लड होने पर दिमाग के उन हिस्सों को नुकसान पहुंचता है जिनका संबंध याददाश्त से होता है। अगर परिवार में मधुमेह का इतिहास होने पर नियमित ब्लड शुगर जांच करानी ताहिए। पौष्टिक व संतुलित भोजन करना चाहिए और सक्रिय जीवन व्यतीत करें। 

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त्वचा को नुकसान

डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर होने पर त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। हाई ब्लड शुगर से शरीर में तरल पदार्थो की कमी होने लगती है जिससे त्वचा खुश्क हो जाती है। ऐसा होने पर त्वचा में हमेशा खुजली होती है और कभी-कभी त्वचा लाल होकर फटने भी लगती है। इस कारण कीटाणुओं के संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। ऐसा होने पर अधिक से अधिक पेय पदार्थो के सेवन करना चाहिए और लोशन या मॉइश्चराइज़र का प्रयोग करना चाहिेए।

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रक्त प्रवाह खराब होना

हाई ब्लड शुगर होने पर रक्त प्रवाह में बिगड़ जाता है और टांगें या पैर खराब हो सकते हैं, क्योंकि पैरों पर ही पूरे शरीर का भार होता है। स्नायुतंत्र गड़बड़ा जाने की वजह से पैरों में दर्द, सूजन और सर्द-गर्म का अहसास होता है और पैर सुन्न पड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में सुई चुभने पर भी कोई अहसास नहीं होता, लेकिन बाद में संक्रमण का गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। इससे अल्सर, गैंग्रीन और सबसे दुखद, टांग काटने की नौबत तक आ सकती है।

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