कोरोना वायरस से बचाने के बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं इम्यूनिटी बूस्टर सप्लीमेंट्स, जानें बचाव का सही तरीका

Updated at: Apr 04, 2020
कोरोना वायरस से बचाने के बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं इम्यूनिटी बूस्टर सप्लीमेंट्स, जानें बचाव का सही तरीका

कोरोना वायरस से बचने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने वाले नुस्खों और गोलियों का प्रयोग बेकार है, जानें डॉक्टर्स क्यों कह रहे हैं ऐसा और चाव का सही तरीका।

Written by: Anurag AnubhavPublished at: Apr 04, 2020

कोरोना वायरस (Coronavirus) के बारे में हर दिन कुछ न कुछ नया जानने और समझने को मिलता है। दरअसल ये वायरस नया है इसलिए डॉक्टर्स और वैज्ञानिक अभी तक इस वायरस को पूरी तरह समझ नहीं सके हैं। आपने भी ये बात सुनी होगी कि जिन लोगों की इम्यूनिटी (Immunity) मजबूत है, उन्हें कोरोना वायरस से खतरा नहीं है। इसी के कारण मार्केट में ढेर सारे इम्यूनिटी बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स (Immunity Boosting Supplements) और नुस्खों की बाढ़ आ गई। एलोपैथी हो, आयुर्वेद हो, घरेलू नुस्खे हों या होमियोपैथी हो, सबने अपनी-अपनी विधि से इम्यूनिटी बढ़ाने के तरीके बताए हैं। मगर डॉक्टर्स का अब कहना है कि इम्यूनिटी बूस्ट करने वाले सप्लीमेंट्स आपको कोरोना वायरस से नहीं बचा सकते हैं। यानी अगर आप इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कोई दवा, कैप्सूल, पाउडर या सिरप ले रहे हैं, तो ये बिल्कुल बेकार है और आपकी कोई रक्षा नहीं करेगा।

इम्यून सिस्टम जटिल (Complicated) होता है

जॉन्स हॉप्किन्स ऑल चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल के संक्रामक रोग विशेषज्ञ Dr. Juan Antonio Dumois कहते हैं कि अगर आपको समझना है कि आपकी इम्यूनिटी कैसे बूस्ट होगी, तो सबसे पहले आपको यह समझना चाहिए कि इम्यूनिटी काम कैसे करती है।

हमारा इम्यून सिस्मट संक्रमण (इंफेक्शन) और कैंसर को कंट्रोल में रखता है। इस प्रक्रिया में व्हाइट ब्लड सेल्स (श्वेत रक्त कणिकाएं) सिस्टम की मदद करती हैं। ये व्हाइट ब्लड सेल्स हमारे बोन मैरो (bone marrow) में बनते हैं। ये सेल्स कई प्रकार के होते हैं और शरीर की रक्षा करने के अलावा शरीर के कई फंक्शन्स में अलग-अलग प्रकार के व्हाइट ब्लड सेल्स अपनी भूमिका निभाते हैं। इनमें से कुछ सेल्स ऐसे हैं, जो अलार्म की तरह काम करते हैं। जब भी बाहर से कोई खतरनाक वायरस, बैक्टीरिया या अवांछित तत्व शरीर में प्रवेश करता है, तो ये सेल्स इम्यून सिस्टम को सूचना देते हैं, जिससे कि वो इसे रोकने और नुकसान पहुंचाने का काम शुरू कर सके। इनमें से ही कुछ सेल्स एंटीबॉडीज बनाने में लग जाती हैं, ताकि इस वायरस या बैक्टीरिया से लड़ा जा सके और कुछ सेल्स तो इतनी काबिल होती हैं कि सीधे ही बैक्टीरिया से लड़ जाती हैं और उसे खत्म कर देती हैं।

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सप्लीमेंट्स और खराब कर सकते हैं मरीज की स्थिति

हम भले ही ये सोचें कि हमने कोई विटामिन या मिनरल की टैबलेट खाई है, तो इसका भला शरीर को क्या नुकसान होगा? मगर Dr. Dumois  के कहते हैं कि हमारा इम्यून सिस्टम बहुत जटिल होता है। कोविड-19 यानी कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में इम्यून सिस्टम के जबरदस्त प्रहार से व्यक्ति के फेफड़े पूरी तरह खराब (Lungs Damage) हो सकते हैं।

Center for Disease Control And Prevention (CDC) के अनुसार कोविड-19 यानी नए कोरोना वायरस का इम्यून रिस्पॉन्स अभी तक नहीं समझा गया है। यहां तक कि वैज्ञानिक अभी यह भी नहीं जानते हैं कि ये वायरस दरअसल काम कैसे करता है। हमें सिर्फ इतना पता है कि ये वायरस तेजी से फैलता है। इसलिए बिना रिसर्च और जानकारी के किसी सप्लीमेंट का सेवन तब तक तो ठीक है, जब तक आप वायरस की चपेट में नहीं आते हैं, मगर उसके बाद ये आपके शरीर के साथ क्या करने वाला है, ये किसी को नहीं पता है।

सप्लीमेंट्स को दवा न मानें लोग

Food and Drug Administration (FDA) के अनुसार किसी भी सप्लीमेंट को दवा के रूप में किसी बीमारी को ठीक करने, रोकने या बचाव करने में इस्तेमाल होने का दावा नहीं किया जा सकता है। FDA कहता है कि ये सप्लीमेंट्स "सपोर्ट" के तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं और वो भी सिर्फ डॉक्टर की सलाह के बाद।

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फिर कैसे मजबूत होती इम्यूनिटी?

Academy of Nutrition & Dietetics के अनुसार बोन मैरो आपके द्वारा भोजन में खाए गए एमिनो एसिड्स को बदलकर व्हाइट ब्लड सेल्स बनाता है। आपके शरीर के लिए जरूरी सभी विटामिन्स, मिनरल्स और पोषक तत्व आपको रोजाना संतुलित आहार खाने से मिल सकते हैं।

कोरोना वायरस से बचाव का क्या तरीका है सही?

Dr. Dumois कहते हैं कि अभी तक कि रिसर्च, मेडिकल ज्ञान और स्थिति के अनुसार कोरोना वायरस से बचने का सिर्फ और सिर्फ एक ही तरीका है और वो है सोशल डिस्टेंसिंग, यानी ऐसे लोगों से दूर रहना, जो बीमार हैं या संक्रमित हैं। इसके अलावा अभी वैज्ञानिक कुछ खास नहीं जानते हैं।

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