बच्‍चों में खतरनाक हो सकता है नाइट टेरर या स्‍लीप टेरर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के टिप्‍स

Updated at: Jul 16, 2020
बच्‍चों में खतरनाक हो सकता है नाइट टेरर या स्‍लीप टेरर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के टिप्‍स

नाइट टेरर या स्‍लीप टेरर बच्चों में आम हैं, लेकिन जब वे अक्सर होता है, तो यह चिंता का विषय है।  आइए यहां इसके बारे में सबकुुुछ जानें। 

Sheetal Bisht
बच्चों के नामWritten by: Sheetal BishtPublished at: Jul 16, 2020

क्या आपका बच्चा नींद में बड़बड़ाता, चिल्लाता या फिर कांपता है? अगर हां, तो यह नाइट टेरर या स्‍लीप टेरर है। कुछ लोग नाइट टेरर को और बुरे सपनों को एक ही समझते हैं, जबकि हम आपको बता दें कि यह दोनों अलग हैं।  नाइट टेरर, बुरे सपनों तक ही सीमित नहीं है। आमतौर पर जब बुरे सपने देखने के बाद बच्‍चे डरकर या रोकर जाग उठते हैं लेकिन थोड़ी देर में शांत होकर सो भी जाते हैं। जबकि नाइट टेरर, नाइट मेयर यानि बुरे सपनों से काफी ज़्यादा डरावना होता है। जिसमें बच्‍चा नाइट टेरर के कारण हिंसक कार्रवाई से जोर से चिल्ला उठता है। ऐसा बार-बार होना बच्चे के खराब स्वास्थ्य का संकेत देता है, इ‍सलिए अगर आपका बच्‍चा भी इस समस्‍या से जूझ रहा है, तो आप कुछ उपायों से उसकी मदद करें। आइए सबसे पहले आप यहां ये जान लीजिए कि नाइट टेरर क्‍या है और इसके कारण लक्षण और उपाय क्‍या हैं। 

नाइट टेरर क्या हैं?

Sleep Terror

नाइट टेरर आमतौर पर नींद के शुरुआती घंटों में होते हैं, जब बच्चा गहरी नींद में नहीं जाता है। यही कारण है कि बच्चा रात के नाइटटेरर के दौरान आंशिक रूप से जाग रहा है। वह चिल्ला सकता है, रो सकता है या हिंसक कार्रवाई कर सकता है, जैसे कि उसके हाथों और पैरों को जोर से मारना। ऐसे समय में वे आंशिक रूप से जाग रहा होता है, लेकिन प्रतिक्रिया नहीं देता है। वे एक टेरर वाली स्थिति में हैं लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि जागने के बाद उन्हें कुछ भी याद नहीं रहेगा। जैसे सपने कैसे याद नहीं किए जा सकते, ठीक वैसा ही नाइट टेरर में भी होता है। 

इसे भी पढ़ें: मोटापा बना सकता है बच्‍चों को बीमारियों का शिकार, जानें मोटापे से बचने के लिए किन बातों का रखें ध्‍यान

नाइट टेरर के कारण

यहां बच्‍चों में नाइट टेरर या रात को नींद में डर के कुछ सामान्य कारण दिए गए हैं:

  • कुछ डरावना देखना या बुरे सपने 
  • तनाव
  • थकान
  • दवाई
Night Terror Symptoms

ये सामान्य कारण हैं लेकिन समस्या गहरी हो सकती है, जो बच्चे के मस्तिष्क को गहरी नींद में जाने से रोक रही है। ऐसे कारण हैं:

  • बुखार या शरीर का उच्च तापमान, जो मस्तिष्क के कार्यों में हस्तक्षेप कर सकता है। ऐसे में बच्चे सो नहीं पाते, ऐसा अक्‍सर बच्‍चों को तेज बुखार आने पर भी होता है। बुखार की वजह से मस्तिष्क में ग्लिटर्स के कारण बुखार हो सकता है, जो नाइट टेरर का कारण बन सकता है।
  • भरा हुआ मूत्राशय, बच्‍चों की नींद को बाधित करने और नाइट टेरर का कारण बन सकता है। 
  • शोर या खराब रोशनी, जो बच्चे को शांति से सोने की अनुमति नहीं दे रही ह, यह भी नाइट टेरर का कारण हो सकते हैं। इसलिए, नाइट टेरर से बच्‍चों को बचाने के लिए,  माता-पिता को बिना किसी आवाज़ और लाइट को कम करके बच्‍चों को सोने की आदत डालनी चाहिए। 

नाइट टेरर के लक्षण

  • आव इन संकेतों के साथ बच्चे में नाइट टेरर की पहचान या जाँच कर सकते हैं:
  • अजीब भावों के साथ डर लगना 
  • चिल्लाना, चीखना और बुरी तरह से रोना
  • तेजी से सांस लेना और अत्यधिक पसीना आना
  • अंगों को आक्रामक तरीके से हिलाना
  • आँखें खोलकर भी सबको नजरअंदाज करना 
  • नींद में चलना

Night Terror Prevention Tips

नाइट टेरर से बचाव के टिप्‍स 

यहां नाइट टेरर से  निपटने के लिए माता-पिता के लिए कुछ टिप्स हैं: 

  • ज्यादातर मामलों में, बच्चे नाइट टेरर का अनुभव करने के तुरंत बाद सो जाते हैं। यहां तक कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो बच्चे को जगाने की कोशिश न करें। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका दिमाग अभी अस्थिर स्थिति में है और यह स्थिति को जटिल बना सकता है। बच्‍चे को खुद ब खुद जागने दें। 
  • टेरर के बाद या चिल्लाने के बाद, आप जानते हैं कि बचा डर गया है। ऐसे में आप बच्चे को जगाएं और उसे दिलासा दें। आप उसे गले लगाकर उसके सिर को सहलाएं, इससे वह सुरक्षित महसूस करेगा। बच्चे को सुलाने की कोशिश करें।
  • बच्चे के सोने वाले कमरे की रोशनी कम रखें। आप बेबी डोज़ की मदद करने के लिए स्वप्निल लाइट के साथ नाइट लैंप का उपयोग कर सकते हैं।
  • बच्‍चे के सोने वाले पर्यावरण को शांत रखें।
  • सोने से पहले बच्चे को पेशाब करवाएं ताकि उसका मूत्राशय भरा न रह जाए।
  • बच्चे को खाली पेट सोने न दें। सोने से पहले उसे कुछ खिलाएं।
  • एक शांतिपूर्ण नींद पाने में मदद करने के लिए कहानी-पढ़ने के साथ एक सोने की दिनचर्या बनाने का प्रयास करें।

Read More article On Children Health In Hindi 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK