Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

नाइट शिफ्ट एंप्‍लाई को हो सकती है ये गंभीर बीमारी !

लेटेस्ट By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 08, 2016
नाइट शिफ्ट एंप्‍लाई को हो सकती है ये गंभीर बीमारी !

नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह बुरी खबर हो सकती है, एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ऐसे एंप्‍लाई इस खतरनाक बीमारी के शिकार हो सकते हैं।

बड़ी-बड़ी प्रोडक्‍शन कंपनियों और कॉरपोरेट ऑफिस में लोग नाइट शिफ्ट में भी काम करते हैं। यहां काम करने वाले एंप्‍लाई कभी दिन में काम करते हैं तो कभी रात की शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं, ऐसे में उनकी नींद पूरी नही हो पाती है। सोने और जागने का समय निर्धारित नही हो पाता है। तो क्‍या आपकी लाइफ में भी कुछ ऐसा ही चल रहा है, अगर आपका जवाब हां है तो थोड़ा सावधान हो जाइए। क्‍यों कि ज्‍यादा सोना और कम सोना दोनों ही स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत बड़ा खतरा है। एक वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक कम या ज्‍यादा सोने से पुरूषों में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
नाइट शिफ्ट

चीन के हुआझोंग विज्ञान एवं तकनीक विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस शोध में 27 हजार से अधिक रिटायर्ड कर्मचारियों का इंटरव्‍यू कर आंकड़े जुटाए और उसकी समीक्षा कर इस निष्कर्ष निकाला, जिसके मुताबिक असंतुलित नींद से पुरुषों को कैंसर होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने सोने की तीन आदतों और कैंसर होने के खतरे के बीच संबंध स्थापित किया। इसमें नाइट शिफ्ट में काम करना, दिन में नहीं सोना और रात में दस घंटे से अधिक सोने के कारण कैंसर के खतरों पर अध्ययन किया गया।

वैज्ञानिकों ने पाया कि सोने की इन तीन आदतों में जिन पुरुषों को दो आदते हैं, उनमें कैंसर का खतरा 43 फीसदी तक बढ़ जाता है। नाइटशिफ्ट में काम करने वाले पुरुष 27 फीसदी अधिक शिकार होते हैं। जो पुरुष दिन में आधे घंटे सोते हैं उनके मुकाबले दिन में नहीं सोने वाले लोगों को कैंसर को दोगुना खतरा रहता है। वहीं दस घंटे से ज्यादा सोने वाले लोगों को भी कैंसर हो सकता है। इस शोध में सोने की इन तीनों आदतों से महिलाओं को कैंसर होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।


Image Source : Getty

Read More News In Hindi

Written by
ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागNov 08, 2016

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK