• shareIcon

सर्दियों में सिर्फ इस तेल से करें नवजात की मालिश, होंगे ये फायदे

परवरिश के तरीके By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 12, 2017
सर्दियों में सिर्फ इस तेल से करें नवजात की मालिश, होंगे ये फायदे

सर्दियों के मौसम में जितने फायदे होते हैं, उतने ही नुकसान भी होते हैं। 

सर्दियों के मौसम में जितने फायदे होते हैं, उतने ही नुकसान भी होते हैं। नुकसान से हमारा अभिप्राय गंभीर रहने की ओर इशारा करना है। नवजात शिशु बहुत मासूम और नाजुक होते हैं। ऐसे में उनकी देखभाल भी हमें उतनी ही सावधानी से करने की जरूरत रहती है। शिशु को नहलाने से पहले उसकी तेल से मालिश करना भारत में किसी परंपरा से कम नहीं है। लेकिन मालिश को लेकर सवाल ये उठता है कि क्या हर मौसम में एक ही तरह के तेल से शिशु की मालिश की जा सकती है? जी नहीं, आपको अपने शिशु की मालिश के लिए मौसम के हिसाब से तेल का चुनाव करना होता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि सर्दियों के मौसम में शिशु की किस तेल से मालिश करनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें : बच्चे कर रहे किससे दोस्ती, इस पर रखें नजर

सर्दियों के लिए तेल

सरसों के तेल के फायदे हम आज नहीं सुन रहे हैं। बल्कि हमारी दादी-नानी बचपन से ही इस तेल को इस्तेमाल करने के गीत गाती आई हैं। सरसों का तेल ठंड के मौसम में नवजात की मालिश करने के लिए भी बेस्ट है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये शरीर को गर्मी प्रदान करता है। देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में सरसों के तेल को मालिश के लिये लहसुन और मेथी बीज के साथ गरम किया जाता है। दरअसल लहसुन में एंटीवायरल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं, और माना जाता है कि यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।

इसे भी पढ़ें : बच्‍चे में चिड़चिड़ापन देता है कई संकेत न करें इसे नज़रअंदाज़

वहीं, मेथी बीज शरीर को आराम देने के लिए जाना जाता है। वहीं कुछ जगहों पर सरसों के तेल को मसाज से पहले अजवाइन डालकर गर्म किया जाता है। यदि आप इसकी तीखी गंध की वजह से सरसों के तेल का उपयोग करना पसंद नहीं करते हैं, तो आप विकल्प के तौर पर बादाम या जैतून का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। 

क्या देसी घी सही नहीं है?

देसी घी खाने के लिए सबसे पौष्टिक कहा जाता है। लेकिन अगर बच्चों की मालिश के लिहाज से इसकी बात करें तो इसे लगभग नजरअंदाज करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि घी काफी चिपचिपा होता है और बच्चे के पोर्स (pores) को बंद कर सकता है। इसके अलावा अगर मलाई की बात करें तो इनसे भी शिशु की मसाज करने से बचना चाहिए। ये बच्चे की त्वचा पर चकत्ते या जलन पैदा कर सकते हैं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Parenting

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK