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एचाईवी को मारने के लिए एक विषाणु

सभी By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 15, 2011
एचाईवी को मारने के लिए एक विषाणु

क्या आपने किसी ऐसे विषाणु के बारे में सूना है जिसने विज्ञान की मदद की है ? हाँ यह बात सही है ! यह बात एक शोध की है जो की पिन वांग द्वारा नेतृत्व की जा रही है जो की यूएससी वितेर्बी स्कूल आफ इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं जिन्होंने एक ऐसे विषाणु को

Hiv ko maarne ke liye vishanu in hindiक्या आपने किसी ऐसे विषाणु के बारे में सूना है जिसने विज्ञान की मदद की है ? हाँ यह बात सही है ! यह बात एक शोध की है जो की पिन वांग द्वारा नेतृत्व की जा रही है जो की यूएससी वितेर्बी स्कूल आफ इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं जिन्होंने एक ऐसे विषाणु को विकसित किया है जो की एचाईवी से संक्रमित कोशिकाओं को बहार निकालता है  और उनको अलग पहचानने में मदद करता है जो की बाद में दवाओं और अन्य उपचार की मदद से मारे जा सकते है ।यह तरीका फ़ौज में की जाने वाली प्रक्रिया के समान है जिसमे की एक स्नाइपर जो की धरती से निशाने को पहचानता है और फिर एक लेसर निर्देशिका की मदद से उच्च निशाने वाले हवाई जहाज को उस निशाने को पाने और नष्ट करने में मदद करता है ।


इस शोध में पाए गे एपरिनामो के हिसाब से , यह लेन्तिवायरस विषाणु सिर्फ एचाईवी से गरस्त कोशिकाओं को ही प्रभावित करता है ।यह उपचार से होने वाले स्वास्थ्य कोशिकाओं के नुक्सान से बचा लेता है क्योंकि उनको निशाना नहीं बनाया जाता है ।यह लेन्टी विषाणु वैज्ञानिक रूप से एक प्रक्रिया जिसे हम सुसाइड जीन थेरेपी कहते है कराता है जो की ह्यूमन डेफिसिएंसी वायरस को पहचानता है और उसे सामने लाता है  ताकि उसका नाद किया जा सके ।यह जो एचाईवी विषाणु को अन्य विषाणु की मदद से मारने का प्रयोग है यह अभी तक सिर्फ कल्चर डिश में ही किया गया है ।इस प्रक्रिया में सिर्फ ३५ % तक एचाईवी से गरस्त कोशिअकाए मरी थी ।हालाँकि संदेह करने वाले इसे एक सफलता नहीं मानेगे पर ऐसा माना गया है की इंसानों में यह अंक बढ़ेंगे क्योंकि लेन्टी विषाणु का जो एचाईवी  विषाणु को मारने के तरीका है वह इंसानी शरीर में बार बार किया जाएगा ताकि प्रभावशाली परिणाम मिल सके ।


मुख्य शोधक पिन वांग का यह मानना है की इस शोध से हमे उम्मीद की राह मिली है लेकिन इसके लिए हमे आगे और अत्याधिक शोध करने की ज़रूरत है ।अगला कदम होगा की हम लेन्टी विषाणु को चूहे पर इस्तमाल करे ताकि इनमे एचाईवी से संक्रमित कोशिकाओं को निकालने के लिए धनात्मक परिणाम मिल सके ।

 

 

Written by
सम्‍पादकीय विभाग
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागSep 15, 2011

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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