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प्राकृतिक और वैकल्पिक तरीकों से स्किन कैंसर से करें बचाव

कैंसर By Aditi Singh , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 25, 2015
प्राकृतिक और वैकल्पिक तरीकों से स्किन कैंसर से करें बचाव

त्वचा पर रैशेज, तिल या बर्थ मार्क्स में बदलाव हो तो इसे हल्‍के में न लें, ये त्वचा कैंसर का इशारा भी हो सकते हैं, अगर आपको स्किन कैंसर हो जाये तो इससे बचने के लिए इन प्राकृतिक और वैकल्पिक तरीकों को आजमायें।

त्वचा कैंसर में त्वचा की कोशिकाएं जरूरत न होने पर भी नई कोशिकाओं में बदलती रहती हैं। पुरानी कोशिकाओं का नई कोशिकाओं में बदलना शरीर के लिए सामन्य बात है, लेकिन अगर नई कोशिकाओं के जरूरत न होने पर भी त्वचा की कोशिकाएं विभाजित होती रहती हैं, तो त्वचा कैंसर हो सकता है। त्वचा पर रैशेज, तिल या बर्थ मार्क्स में होने वाले बदलाव त्वचा के कैंसर का लक्षण हो सकता है। त्वचा के कैंसर के दौरान त्वचा पर कई तरह के बदलाव होते हैं जो मेलानोमा (धूप से होने वाले) या नॉन-मेलेनोमा (बेहद गंभीर) कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। इससे बचने के लिए इन तरीकों को आजमायें।

 

Skin Cancer in Hindi

बैंगन की क्रीम

अनुसंधानकर्ताओं ने मेलानोमा को समाप्त करने वाले वायरस जैसे एक पेप्टाइड को सफलतापूर्वक डिजाइन करने का दावा किया है जिससे घातक स्थिति में त्वचा कैंसर के इलाज के लिए एक बैंगन के रस को निचोड़कर एक क्रीम बनाई है। वैज्ञानिकों ने मेलानोमा कोशिकाओं को नष्ट करने वाले पेप्टाइड का पता लगाया है जिससे सामान्य तौर पर मानव की त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान नहीं होता।

रॉयल मेलबर्न इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरएमआईटी) के तागरिद इस्तिवान के नेतृत्व में अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि पेप्टाइड (अमीनो अम्ल की छोटी श्रृंखलाएं) के साथ प्रयोगशाला में किए गए परीक्षणों में यह बात सामने आई है कि यह मेलानोमा कोशिकाओं को नष्ट करता है और इससे नई उपचार पद्धति सामने आई है।

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सनस्क्रीन का प्रयोग

दरअसल सूरज की पराबैंगनी किरणें शरीर में भीतर जाकर कोशिकाओं की आनुवांशिक संरचना को ही बदल सकती हैं। और इस कारण से त्वचा का कैंसर हो सकता है। इसलिए तेज धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन का प्रयोग करें। यह सूर्य की पराबैंगनी किरणों से त्‍वचा की रक्षा करता है। कुछ समय पूर्व ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने एक शोध में पाया था कि सनस्क्रीन न सिर्फ सनबर्न से त्वचा की सुरक्षा करती है, बल्कि यह तीन प्रकार के त्वचा कैंसरों से लड़ने वाले 'सुपरहीरो जीन' की भी रक्षा करने में सक्षम होती है।

त्वचा कैंसर, मेलेनोमा पुरुषों के लिए ज्यादा घातक है। ब्रिटेन में हुए एक अध्‍ययन में यह बात सामने आई है कि स्किन कैंसर से महिलाओं की तुलना में पुरुषों की मौत की आशंका 70 फीसदी तक बढ़ जाती है।

 

ImageCourtesy@gettyimages

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