International Yoga Day: नटराजासन योग से मजबूत होती है पीठ, कंधे, पैर और हिप्‍स, जानिए फायदे और करने की विधि

Updated at: Jun 12, 2020
International Yoga Day: नटराजासन योग से मजबूत होती है पीठ, कंधे, पैर और हिप्‍स, जानिए फायदे और करने की विधि

अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2020) की हमारी श्रंखला में आज हम आपको नटराजासन योग के बारे में विस्‍तार से बता रहे हैं। 

Atul Modi
योगाWritten by: Atul ModiPublished at: Apr 20, 2018

नटराजासन योग (Natarajasana Yoga) को  Lord of the Dance Pose भी कहते हैं। नटराजासन, भगवान शिव के उन कई नामों में से एक है। यह उनका नृत्य अवतार है, जिसके माध्यम से संगीत, नृत्य और कला के प्रति उनके प्रेम को दर्शाया गया है। यदि यह आसन ठीक से किया जाता है, ऐसा लगता है जैसे भगवान शिव नृत्य कर रहे हों। यह उनके नृत्‍य के किसी एक पोज के जैसा है। 

नटराजासन योग को करने से पहले आपको कुछ बातें पता होनी चाहिए: 

इस आसन का अभ्यास खाली पेट करना चाहिए। आसन को करने के 4 से 6 घंटे पहले आपको भोजन कर लेना चाहिए। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि अभ्यास से पहले आपके आंत्र खाली हैं। सर्वोत्तम परिणामों के लिए सुबह या शाम को योग का अभ्यास करना चाहिए।

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नटराजासन योग करने का तरीका: 

  • पंजों को एक साथ रखकर खड़े हो जाएं और एक स्थिर बिंदु पर दृष्टि को केंद्रित करें। 
  • दायां घुटना मोड़ें और दाहिने अंगुठे को पकड़ें। 
  • दाहिने पैर को ऊपर उठाते समय कंधे को इस प्रकार घुमाएं कि अंगूठे को पकड़ने वाली भुजा की कोहनी ऊपर की ओर रहे। 
  • हाथ और भुजा की यह स्थिति पंजो को उठा कर सिर के पिछले भाग के नजदीक लाने में सहायक होगी। 
  • यह जांच कर लें कि दायां नितंब बिल्‍कुल न मुड़े और पैर शरीर के पीछे ठीक ऊपर की ओर उठे। 
  • बांये हाथ की तर्जनी उंगली के अग्र भाग और अंगूठे को ज्ञान मुद्रा में लाकर बांयी भुजा को शरीर को शरीर के सामने ऊपर की ओर उठाएं। दृष्टि को बायें हाथ पर केंद्रित करें। 
  • यह अंतिम स्थिति है। जितनी देर संभव हो इस स्थिति में रूकें। 
  • बायीं भुजा को नीचे बगल में ले आयें। दायें पैर को नीचे लायें, दायें पंजे को नीचे जमीन पर ले आयें और दायीं भुजा को बगल में ले आयें।
  • आराम करें और यही प्रक्रिया दूसरी तरफ दोहराएं। 
  • पूरे अभ्‍यास के दौरान सांस लेने की प्रक्रिया सामान्‍य रखें। 

सावधानियां: जिनका हृदय कमजोर है, जिन्‍हें उच्‍च रक्‍तचाप है, पीठ दर्द की समस्‍या है, हार्निया, कोलाइसिटस और पेप्टिक अल्‍सर से पीड़ित है या जिन्‍हें चक्‍कर आता है उन्‍हें नटराजासन योग नहीं करना चाहिए। शुरुआत में इसे करने में परेशानी हो सकती है मगर धीरे-धीरे करते रहने से आपका पैर खुलने लगेगा और आप इसे अच्‍छी तरह से कर पाएंगे।

नटराजासन योग करने के फायदे

  • नटराजासन योग आपकी पीठ, कंधों, भुजाओं, कुल्‍हों और पैरों को मजबूत बनाता है। यह संतुलन और समन्‍वय की भावना का विकास करता है।
  • यह आसन आपके चयापचय (मेटाबॉलिज्‍म) को बढ़ाता है और वजन घटाने में मदद करता है।
  • यह आपके कमर, पेट के अंगों और जांघों को एक अच्छा खिंचाव देता है।
  • आपकी मुद्रा में सुधार करता है और संतुलन बढ़ाता है।
  • यह आपके पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • आप अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं और तनाव से भी छुटकारा पाते हैं। यह आसन आपके मन को शांत करता है।
  • आपका शरीर लचीला बनता है।

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