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National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में सही पोषक तत्व न लेने से शिशु को सेरेब्रल पैल्सी का खतरा

महिला स्‍वास्थ्‍य By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 05, 2019
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में सही पोषक तत्व न लेने से शिशु को सेरेब्रल पैल्सी का खतरा

National Nutrition Week 2019: प्रेग्नेंसी के दौरान अगर कोई महिला सभी जरूरी पोषक तत्व नहीं लेती है, तो उसके होने वाले शिशु को सेरेब्रल पैल्सी का खतरा होता है। जानें कौन से पोषक तत्व गर्भावस्था (प्रेग्नेंसी) के दौरान जरूरी हैं।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान आयोडीन की कमी के चलते नवजात शिशु के मस्तिष्क का विकास नहीं हो पाता है। जिससे बच्चे को सेरेब्रल पैल्सी जैसी बीमारी का सामना करना पड़ता है। पौष्टिक खानों के इसी महत्व को लोगों को बताने के लिए प्रत्येक वर्ष 1 से 7 सितंबर तक नेशनल न्यूट्रिशन वीक मनाया जाता है। इस पूरे सप्ताह में विशेष रूप से कुपोषण से बचाने के लिए गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशु को पोषण के बारे जागरुक किया जा जाता है। माना जाता है कि शिशुओं के विकास एवं वृद्धि के लिए छह माह से दो वर्ष के बीच समय महत्वपूर्ण होता है।

5.7 करोड़ बच्चे कुपोषण के शिकार

यूनिसेफ के मुताबिक, भारत में 5.7 करोड़ बच्चों को कुपोषण जैसी भयानक समस्या का सामना करना पड़ता है। 2015-16 नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-4 के मुताबिक, 38.5 फीसदी 5 साल तक के बच्चे देश भर में कुपोषण के शिकार हैं, जिसके चलते बच्चों की लंबाई उम्र से काफी कम पाई जाती है। इस मामले में महिलाओं की स्थिति भी सबसे भयानक है। पिछले मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जानकारी के अभाव में कुपोषण की समस्या से गरीब से अमीर दोनों परेशान रहते हैं। इसीलिए प्रधानमंत्री 2022 तक कुपोषण की समस्या से निपटने की बात दोहरा चुके हैं।

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ज्यादातर सेरेब्रल पैल्सी के मामले जन्मजात (Cerebral Palsy)

आंकड़ों के मुताबिक, सेरेब्रल पैल्सी (मस्तिष्क पक्षाघात) के 14 में से 13 मामले गर्भ में या जन्म के बाद पहले महीने के दौरान विकसित होते हैं। इसीलिए ज्यादातर मामलों में  सेरेब्रल पैल्सी को जन्मजात कहा गया है, ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है मां को गर्भधारण के साथ अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

प्रेग्नेंसी में क्या खाएं महिलाएं (What to Eat in Pregnancy)

अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार खाना ज़रूरी है। जैसे नींबू स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है क्योंकि यह विटामिन-सी से भरा होता है, यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है साथ में आयोडीन युक्त नमक, विटामिन-ए, आयरन सप्लीमेंट, स्तनपान जागरूकता की जरुरत है ।

इसके साथ ही पूरक आहार समय पर होना चाहिए। 6 महीने के बाद से, सभी शिशुओं को स्तनपान के अलावा खाद्य पदार्थ धीरे धीरे देना चाहिए। स्तनपान कराते समय बढ़ते बच्चे की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में सही समय पर ठोस आहार देते रहना चाहिए। दाल का पानी, उबली हुई दाल, उबली हुई सब्जियां, फल, खिचड़ी आदि खिला सकते हैं।

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क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (National Nutrition Week)

बता दे कि "नेशनल न्यूट्रिशन वीक", मार्च 1973 में शुरू किया गया था, जिसे डायटेटिक्स के पेशे को बढ़ावा देते हुए अमेरिकन डाइटेटिक एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा न्यूट्रिशन की जानकारी को जनता तक पहुंचाने के लिए शुरू किया गया था। इस एक सप्ताह के दौरान स्वास्थ क्षेत्रों से जुड़े लोग जैसे- सरकार, डॉक्टर, एनजीओ आदि लोगों को इस बारे में जागरूक करते हैं कि उनके शरीर के लिए पौष्टिक तत्व कितने जरूरी हैं और कौन से पोषक तत्व उन्हें किस मात्रा में लेने चाहिए।

यह लेख डॉ. अमर सिंह चूंड़ावत (चीफ सर्जन, नारायण सेवा संस्थान) से बातचीत पर आधारित है।

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