नाक के द्वारा ही फेफड़ों में पहुंचकर आपको बीमार बनाता है प्रदूषण, डॉक्टर से जानें कैसे करें रोजाना नाक की सफाई

Updated at: Nov 09, 2020
नाक के द्वारा ही फेफड़ों में पहुंचकर आपको बीमार बनाता है प्रदूषण, डॉक्टर से जानें कैसे करें रोजाना नाक की सफाई

रोजाना नाक की सही सफाई करके आप हवा में घुले जहरीले प्रदूषण कणों को अपने फेफड़ों तक पहुंचने से रोक सकते हैं। डॉक्टर से जानें इसका सही तरीका।

Anurag Anubhav
विविधWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Nov 09, 2020

सर्दियां आते ही देश के कई बड़े शहरों में प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। दिल्ली और नोएडा के इलाकों में इन दिनों प्रदूषण गंभीर लेवल को पार कर चुका है। भारत के 5 सबसे प्रदूषित शहरों में 4 शहर उत्तर प्रदेश के हैं, जिनमें मुरादाबाद, लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद का नाम शामिल है। इसके अलावा हरियाणा के कुछ इलाकों में भी इस समय प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इन प्रदूषित इलाकों में रहने वाले लोगों के पास प्रदूषण से बचने का कोई विकल्प नहीं है क्योंकि घर से बाहर जरूरी कामों के लिए निकलना सबकी मजबूरी है। ऐसे में अपनी सजगता से कुछ सावधानियां बरतकर आप प्रदूषण से अपने आपको बीमार होने से कैसे बचा सकते हैं, इस बारे में ओनली माय हेल्थ एक खास कैंपेन चला रहा है, जिसका नाम है 'My Right to Breathe'. इस कैंपेन के तहत हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ (Health Experts) आपको प्रदूषण से बचाव के लिए जरूरी टिप्स बताएंगे। आज इसी कड़ी में वाधवाज़ क्लीनिक, दिल्ली के सीनियर पीडियाट्रिशियन और कंसल्टैंट डॉक्टर अरुण वाधवा आपको बता रहे हैं प्रदूषण से बचाव के लिए नेज़ल हाइजीन (नाक को स्वस्थ और साफ रखना) क्यों जरूरी है और इसका क्या तरीका है।

2019 में जारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार इंसानों के स्वास्थ्य और सेहत को पर्यावरण के सबसे बड़े वैश्विक खतरों में जो 2 सबसे बड़े खतरे हैं, वो हैं- वायु प्रदूषण (Air Pollution) और जलवायु परिवर्तन (Climate Change)। अशुद्ध हवा सांस के साथ फेफड़ों में जाती है, तो हर उम्र के व्यक्ति को स्वास्थ्य के लिए अनेक समस्याएं उत्पन्न करती है। नाजुक एवं संवेदनशील लोगों (गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों) का स्वास्थ्य तो बहुत कम प्रदूषण स्तर (Pollution Level) होने पर भी प्रभावित हो सकता है।

how Air pollution affects health and lungs

सेहत के लिए कई तरह से खतरनाक हो सकता है प्रदूषण (Effects of Air Pollution on Health)

डॉ. अरुण वाधवा बताते हैं कि हवा के प्रदूषण में कुछ समय रहने से ही खांसी, सांस फूलना, गले में खराश, अस्थमा एवं सांस की अन्य बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं, जिसके कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की दर बढ़ सकती है। लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में रहने से गंभीर समस्याएं,जैसे फेफड़ों का कैंसर, दिल की बीमारी और सेंट्रल नर्वस सिस्टम में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। चूंकि प्रदूषण शरीर में आमतौर पर नाक के माध्यम से ही प्रवेश करता है, इसलिए नाक की सेहत का ख्याल रखना जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: भारत दुनिया का 2nd सबसे ज्यादा प्रदूषित देश, बढ़ते प्रदूषण से 5 से 8 साल कम हो रही है भारतीयों की जिंदगी

नाक की साफ-सफाई करना है जरूरी (Importance of Nasal Hygiene)

अशुद्ध हवा आपकी नाक से होकर फेफड़ों में जाती है। इसलिए आवश्यक है कि आप नाक का ख्याल रखें। हवा की अशुद्धियां जैसे एलर्जन, पॉल्यूटैंट्स, बैक्टीरिया या वायरस आदि नाक में प्रवेश करते हैं और फंस जाते हैं, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इससे बचाव के लिए आपको घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनना चाहिए। एक अच्छी क्वालिटी का मास्क कैसे चुनें, यह आप लिंक पर क्लिक करके जान सकते हैं। इसके अलावा नाक की नियमित सफाई करना भी जरूरी है।

how to do nasal cleaning to protect from air pollution

कैसे करें नाक की सफाई (How to Clean Nasal Passage?)

अपनी नाक का ध्यान रखें और स्वच्छ हवा के साथ सांस लेने के लिए नाक की हाईज़ीन का नियमित तौर पर पालन करें। नियमित तौर पर नाक को धोएं। नमक के पानी से नाक धोने से नाक के अंदर फंसी अशुद्धियां व कचरा साफ हो जाता है और एलर्जी के लक्षण व साईनस के संक्रमण को रोकने में मदद मिलती है। इससे नाक अपना फंक्शन ठीक से करता रह सकता है। ये क्रिया काफी पुराने समय से इस्तेमाल की जाती रही है। आयुर्वेद में इसे जलनेति क्रिया (Jal Neti Kriya) कहते हैं।

नमक के पानी से नाक धोने के फायदे (Benefits of Cleaning Nasal Passage with Salt Water)

  • नाक में फंसी अशुद्धियां एवं कचरे को साफ करने के लिए रोज नमक के पानी से नाक को धोना चाहिए।
  • इससे खासकर सर्दियों में नाक का सूखापन दूर कर नमी लाने में भी मदद मिलती है।
  • यदि आप नाक की एलर्जी के लिए कोई स्टेरॉयड या दवाई ले रहे हैं, तो उनका उपयोग करने से पहले नाक को नमक के पानी से धो लें। इससे नाक में फंस कचरा/म्यूकस साफ हो जाएगा और दवाई ज्यादा बेहतर काम करेगी।

अपनी सेहत का ध्यान रखें (Tips to Protect Yourself From Air Pollution)

  • एंटीऑक्सीडेंट, फाईबर, प्रोटीन एवं पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (पीयूएफए) से आपको प्रदूषित हवा से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
  • प्रदूषित हवा में कम से कम रहें
  • वाहन से चलने की बजाय पैदल चलने या साईकल से आवागमन करने की आदत डालें।
  • अपने क्षेत्र के एयर क्वालिटी इंडेक्स को देखते रहें।
  • नियमित तौर पर व्यायाम करें, जब हवा में ज्यादा प्रदूषण हो, तो बाहर कम निकलें।
  • अपने किचन एवं खाना बनाने के कमरे में खुली हवा आने का प्रबंध रखें।

Read More Articles on Tips for Air Pollution in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK