बच्चे के नामकरण को लेकर न हों परेशान, जानें हिंदू रीति से कैसे रखें अपने बच्चे का नाम

Updated at: Feb 06, 2020
बच्चे के नामकरण को लेकर न हों परेशान, जानें हिंदू रीति से कैसे रखें अपने बच्चे का नाम

हिंदू धर्म में शिशु का नामकरण संस्कार एक जरूरी प्रक्रिया है। जिस नक्षत्र में शिशु का जन्म हुआ है उसका नाम भी उसी के अनुसार चुना जाता है। 

सम्‍पादकीय विभाग
बच्चों के नामWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Mar 12, 2014

हिंदु रीति में नामकरण का एक विशेष महत्व होता है। हर किसी के जन्म के बाद उसके नाम पर सबकी नजरें होती है कि बच्चे का नाम क्या रखा जाएगा। अगर आप नामकरण के अर्थ को समझें तो यह दो शब्दों से मिलकर बना है नाम और करण। आप सभी नाम का अर्थ तो जानते ही है संस्कृत में करण का अर्थ होता है बनाना या सृजन करना। 

नामकरण में नवजात के नाम रखने की प्रक्रिया को काफी संस्कार से किया जाता है। नाम रखने की इस प्रक्रिया को पूरी विधि के साथ पूरा किया जाता है। इस मौके पर परिवार सभी मुख्य सदस्य एकत्र होते हैं। 

नामकरण संस्कार 

हिंदू धर्म में शिशु के जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन के बाद उसका नामकरण संस्कार किया जाता है। जिसमें शिशु का नाम रखा जाता है। आपने अक्सर अपने घर पर बच्चे के नामकरण का अवसर देखा होगा। परिवार के सभी सदस्य बच्चे की जन्म राशि के प्रथम अक्षर के अनुसार या अपनी पसंद से नाम रखने की सलाह देते हैं और इनमें से ही सबसे अच्छा नाम तय कर लिया जाता है। नामकरण संस्कार किसी शुभ दिन और मुहूर्त में किया जाता है। 

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कैसे करें नामकरण ? 

नामकरण संस्कार में एक तरह की छोटी पूजा होती है, जिसमें बच्चे के माता-पिता बच्चे को गोद में लेकर बैठते हैं। इसके अलावा घर के बाकी रिश्तेदार भी इसमें शामिल होते हैं। पूजा करने के लिए पंडित बच्चे की राशि के अनुसार एक अक्षर बताते है। जिससे बच्चे के माता-पिता या अन्य सदस्यों को एक नाम रखना होता है। वैसे तो कई लोग बच्चे का घर का नाम और बाहर का नाम अलग-अलग रखते हैं। उसके बाद बच्चे के माता-पिता चुने गए नाम को बच्चे के कान में धीरे से बोलते हैं। इसी तरह नामकरण संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। उस दिन बच्चे का वही नाम हो जाता है और उस नाम से ही उस बच्चे की पहचान बनती है। 

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कैसे करें नाम का चुनाव 

नाम रखना वैसे तो काफी आसान होता है लेकिन ये कई बार काफी मुश्किल भी हो जाता है। आपको अपने बच्चे के लिए ये सोचना पड़ता है कि उस पर कौन सा नाम सही रहेगा या उस नाम का मतलब क्या रहेगा। इसके अलावा आप पर यह भी दबाव होता है कि बच्चे के बड़ा होने पर उसे अपना नाम पंसद आए कहीं ऐसा ना हो कि उसे अपना नाम बताने पर शर्म आए। आजकल लोग बच्चे के नाम के लिए इंटरनेट का सहारा लेते हैं। इसमें उन्हें जिस अक्षर से नाम चाहिए वो आसानी से अर्थ के साथ मिल जाता है। 

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ऐसे तलाशें बच्चों का नाम 

  • बच्चे का नाम चुनते वक्त यह ध्यान रखें कि नाम बुलाने में आसान हो जिससे लोग आसानी से बुला सकें।
  • बच्चे का नाम सुनने में काफी अच्छा होना चाहिए और नाम रखने से पहले उसका अर्थ जरूर जान लें।  
  • बच्चों का नाम चुनते समय आप कोशिश करें नाम अलग सा हो, जिससे बच्चे के स्कूल में जाने पर उसके नाम के कई बच्चे ना हो। बच्चे का अलग सा नाम उसे भीड़ में अन्य बच्चों से अलग रखता है।

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