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योगा से संबंधी भ्रम और तथ्य

योगा By जया शुक्‍ला , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 21, 2012
योगा से संबंधी भ्रम और तथ्य

योगा है हर मौसम के लिए, चाहे कड़ाके की ठंड हो या चिजलचिलाती धूप।

Yoga se sambandhi bhram aur tathya

योगा है हर मौसम के लिए, चाहे कड़ाके की ठंड हो या चिजलचिलाती धूप।भ्रम :योगा करने के लिए शरीर में लचीलापन होना ज़रूरी है। लेकिन योगा को लेकर भी लोंगो में कई प्रकार के भ्रम व्‍याप्‍त हैं।

भ्रम :मेरा शरीर लचीला नहीं है और मेरी उम्र अधिक है, तो मैं योगा नहीं कर सकता।


तथ्य: यह ज़रूरी नहीं कि अगर आपके शरीर में लचीलापन नहीं है तो आप योगा नहीं कर सकते और अगर आपके रीर में लचीलापन है तो आप योगा कर सकते हैं। योगा करने के लिए आपके दिमाग का सही दि में होना ज़रूरी होता है।

भ्रम :योगा को धार्मिक व्यायाम कहा जा सकता है।


तथ्य: यह सच है कि योगा हिंदुत्व और बौध धर्म का एक अभिन्न हिस्सा है लेकिन यह कोई धर्म नहीं है। योगा के द्वारा ध्यान करने से आपका मस्तिष्क आपकी श्वास से जुड़कर , स्पष्टता और दया की अनुभूति करता है।

भ्रम :योगा कोई व्यायाम नहीं है।

तथ्य: योगा को आप अपने अनुसार व्यायाम या ध्यान मान सकते हैं ा योग के बहुत से आसन होते हैं। आप मेडिटेन और रिलैक्सेशन के लिए भी योगा कर सकते हैं। अपने रीर की अतिरिक्त कैलोरीज़ को बर्न करने के लिए भी योगा एक आसान और सुरक्षित उपाय है।

 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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