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व्रत के बारे में कुछ तथ्य और मिथक

स्वस्थ आहार By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 18, 2012
व्रत के बारे में कुछ तथ्य और मिथक

लोग कई कारणों की वजह से व्रत करते हैं – कुछ लोगो को इसके पीछे धार्मिक कारण नजर आते अहिं जबकि अन्य इसे वजन घटाने के एक तरीका मानते हैं।

व्रत करने के कई कारणों हो सकते हैं– कुछ लोगो को इसके पीछे धार्मिक कारण नजर आते, जबकि कई इसे वजन घटाने के एक तरीका मानते हैं। व्रत करने से पहले आपको व्रत के बारे में कुछ भ्रम और तथ्य जानने बहुत ज़रूरी है।


मिथक: व्रत करना भूखा मरने जैसा होता है

तथ्य : व्रत करते वक़्त व्यक्ति का शरीर बहुत तेज़ी से सफाई और सुधार वाली प्रक्रिया चालू कर देता है, तो इसलिए आपको कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं । यह एक प्राकृतिक और शारीरिक प्रक्रिया है जो की सबसे बढ़िया तब होता है जब आपका शरीर ही इसको करने का संकेत देता है। भूख न लगना , ठण्ड लगना , थकान और बुखार ऐसे संकेत हैं जो की शरीर आपको देता है, तो इस वक्त आप खाना बंद कर दे और तब तक आराम करे जब तक की आप अच्छा महसूस नहीं कर लेते। यह ऐसा समय होता है जब आप व्रत करने से सबसे ज्यादा फायदा पाते हैं और बिमारी से सही हो जाते हैं।



मिथक: व्रत शरीर को आराम देता है


तथ्य :
लोग प्राय: इस बात पर विश्‍वास करते हैं की हमारा शरीर व्रत करने के दौरान आराम की स्‍थिति में रहता है। पर बदकिस्मती से यह बात सही नहीं है किसी भी समय हमारा शरीर उसके सामान्य कार्य करता रहता है। हमारे शरीर की पाचन क्रिया को चलाने में एंजायम कार्य करते हैं और हार्मोन निकलते रहते हैं। व्रत करने से बाहार से आपूर्ति बंद हो जाती है और हमारे शरीर पर अत्याधिक दवाब पडने लगता है जैसे ही हमारा शरीर अपनी जमा ऊर्जा या वसा का प्रयोग करना शुरू करता है ।



मिथक : नियमित रूप से व्रत करना स्वास्थ्य के लिए अच्‍छा होता है

तथ्य : नियमित रूप से बिना किसी ठोस आहार के सेवन के सिर्फ पानी के साथ व्रत करना आपकी सेहत पर बुरे प्रभाव डाल सकता है। व्रत के दौरान रसायनिक प्रक्रिया की नजर से अगर देखे तो शरीर जमा हुए वसा, ग्लाय्कोजन और प्रोटीन भंडारों का प्रयोग करता है । इसी के साथ जब भी व्रत टूट जाता है तो ये भण्डार तुरंत फिर से भर लिया जाते हैं । व्रत के बाद हमे अत्याधिक खाने से बचना चाहिए और कसरत ज़रूर करना चाहिए अन्यथा आपके शरीर में वसा जमा होने लगेगी ।


मिथक: व्रत करने से शरीर में कोर्टिसोल बढ़ जाता है

तथ्य : इस बात का कोई भी वैज्ञानिक रूप से प्रमाण नहीं है की व्रत करने से शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है जो की मॉसपेशी को खत्म करना चालू कर देता है ।पर कुछ अध्ययन ने यह बताया है की व्रत करने से कोर्टिसोल के निकलने का समय बदल जाता है ।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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