योगा से संबंधी भ्रम और तथ्य

Updated at: Feb 27, 2012
योगा से संबंधी भ्रम और तथ्य

योगा है हर मौसम के लिए, चाहे कड़ाके की ठंड हो या चिजलचिलाती धूप।

 जया शुक्‍ला
योगाWritten by: जया शुक्‍ला Published at: Jan 21, 2012

Yoga se sambandhi bhram aur tathya

योगा है हर मौसम के लिए, चाहे कड़ाके की ठंड हो या चिजलचिलाती धूप।भ्रम :योगा करने के लिए शरीर में लचीलापन होना ज़रूरी है। लेकिन योगा को लेकर भी लोंगो में कई प्रकार के भ्रम व्‍याप्‍त हैं।

भ्रम :मेरा शरीर लचीला नहीं है और मेरी उम्र अधिक है, तो मैं योगा नहीं कर सकता।


तथ्य: यह ज़रूरी नहीं कि अगर आपके शरीर में लचीलापन नहीं है तो आप योगा नहीं कर सकते और अगर आपके रीर में लचीलापन है तो आप योगा कर सकते हैं। योगा करने के लिए आपके दिमाग का सही दि में होना ज़रूरी होता है।

भ्रम :योगा को धार्मिक व्यायाम कहा जा सकता है।


तथ्य: यह सच है कि योगा हिंदुत्व और बौध धर्म का एक अभिन्न हिस्सा है लेकिन यह कोई धर्म नहीं है। योगा के द्वारा ध्यान करने से आपका मस्तिष्क आपकी श्वास से जुड़कर , स्पष्टता और दया की अनुभूति करता है।

भ्रम :योगा कोई व्यायाम नहीं है।

तथ्य: योगा को आप अपने अनुसार व्यायाम या ध्यान मान सकते हैं ा योग के बहुत से आसन होते हैं। आप मेडिटेन और रिलैक्सेशन के लिए भी योगा कर सकते हैं। अपने रीर की अतिरिक्त कैलोरीज़ को बर्न करने के लिए भी योगा एक आसान और सुरक्षित उपाय है।

 

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