इसबगोल के हो सकते हैं ये साइड-इफेक्‍ट

Updated at: Sep 25, 2015
इसबगोल के हो सकते हैं ये साइड-इफेक्‍ट

इसबगोल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। लेकिन जरूरत से ज्‍यादा या अनुचित तरीके से इसका इस्‍तेमाल कई प्रकार के दुष्‍प्रभावों का कारण हो सकता हैं।

Pooja Sinha
घरेलू नुस्‍खWritten by: Pooja SinhaPublished at: Sep 25, 2015

इसबगोल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। भारत में गैस्ट्रोइंटेस्टिनल समस्याओं जैसे कब्‍ज, डायरिया और एसिडिटी से राहत पाने के लिए व्‍यापक रूप से इसका इस्‍तेमाल  किया जाता है। यह प्रभावी रूप से वजन कम करने और दिल को स्‍वस्‍थ रखने के लिए जाना जाता है। इसबगोल कई प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य लाभों से जुड़ा है इसलिए इसे इस्‍तेमाल करने के दौरान हम इस तथ्‍य को नजरअंदाज कर देते हैं कि जरूरत से ज्‍यादा या अनुचित तरीके से इसबगोल के इस्‍तेमाल से कई प्रकार के दुष्‍प्रभाव भी हो सकते हैं।
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मिनरल के अवशोषण को करता है प्रभावित

एक अध्‍ययन के अनुसार 25 ग्राम इसबगोल भूसी के इस्‍तेमाल से जिंक, कॉपर और मैंगनीज जैसे मिनरल के ट्रेंस से मल उत्‍सर्जन बढ़ जाता है। साथ ही मिनरल का पता लगाने वाले सीरम का स्‍तर काफी गिर जाता है। यह ट्रेंस मिनरल अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य को बनाये रखने के लिए समान रूप से महत्‍वपूर्ण होते हैं। जिंक इम्‍यूनिटी और एंजाइम की गतिविधि को बढ़ावा देने के साथ घावों को भरने में मदद करता है। मैंगनीज हड्डियों और संयोजी ऊतक की टूट-फूट को रोकता है। साथ ही यह कैल्शियम के अवशोषण, रक्‍त शर्करा के विनियमन और वसा और कार्बोंहाइड्रेट चयापचय में मदद करता है। जबकि कॉपर लाल रक्‍त कोशिकाओं के उत्‍पादन और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए महत्‍वपूर्ण है।


दवाओं के अवशोषण में करता है हस्तक्षेप

इसबगोल दवा को सतह पर ही सोख लेता है ऐसा गैस्ट्रोइंटेस्टिनल पथ या छोटी आंत में रक्‍त के अवशोषण को कम करने के कारण होता है। नतीजतन, दवा का प्रभाव कम हो जाता है। यह दावा एस्पिरिन के लिए सच है, लेकिन यह माना जाता है इसबगोल अन्‍य दवाओं के अवशोषण में हस्‍तक्षेप करता है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं है।


पेट में सूजन की समस्‍या

इसबगोल फाइबर से भरपूर होता है, इसलिए कब्‍ज और अन्‍य गैस्ट्रोइंटेस्टिनल समस्‍याओं से ग्रस्‍त लोगों को इसबगोल लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन फाइबर का बहुत ज्‍यादा सेवन गैस के कारण पेट में सूजन की समस्‍या पैदा कर सकता है। ऐसा पेट की गैस को गैस्ट्रोइंटेस्टिनल पथ से मलाशय में पारित होने में समस्‍या होने के कारण होता है।

ध्यान रखें इसका अत्यधिक सेवन न करें। साथ ही हमेशा इसका सेवन पानी में भिगोकर नियम से करें। गर्भावस्था में इसे लेने से पहले डॉक्टर से राय लेना न भूलें।

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Image Source : Getty
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