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मधुमेह में मांसपेशियों का दर्द

मधुमेह में मांसपेशियों का दर्द
Quick Bites
  • मधुमेह के रोगियों को मांसपेशियों का दर्द होना सामान्य है।
  • मधुमेह रोगियों के खून में शुगर की मात्रा बढ जाती है।
  • टाइप-2 मधुमेह में इंसुलिन देने पर भी मांसपेशियों में दर्द होता है।
  • कंधों, जांघों और टांगों की मांसपेशियों में झुनझुनाहट के साथ दर्द होता है।
मधुमेह में मांसपेशियों का दर्द
 
मधुमेह के रोगियों को मांसपेशियों का दर्द होना आम समस्या है। मधुमेह का सबसे मुख्य कारण होता है मोटापा, जिसके कारण कमर का दर्द और पैरों के दर्द की समस्या होती है। मधुमेह रोगियों में मांसपेशियों में सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा दर्द होता है। मधुमेह रोगी में कंधे का दर्द भी होता है। जब मांसपेशियों में दर्द होता है तब हड्डियों में झुनझुनाहट होती है। मधुमेह रोगियों के खून में शुगर की मात्रा बढ जाती है। मधुमेह रोगियों में मांसपेशियों का दर्द हड्डियों से शु्द्ध खून की सप्लाई अच्छे से न हो पाने के कारण होता है। मधुमेह मरीजों में खून की कमी हो जाती है जिसके कारण मसल्स में दर्द होता है। आइए हम आपको बताते हैं कि मधुमेह में मांस पेशियों का दर्द क्यों होता है। 
 
 
मधुमेह में मासंपेशियों के दर्द के कारण – 
 
 
टाइप-2 मधुमेह रोगियों को इंसुलिन देने पर भी मांसपेशियों में दर्द होता है। 
 
डायबिटीज मरीजों में खून की नलियों की दीवारों में लगातार वसा जमा होती रहती है जिसके कारण धीरे-धीरे खून की नलियां संकरी होने लगती हैं। 
 
खून की नलियां जाम होने के कारण खून की सप्लाई अच्छे से नहीं हो पाती है। खून में शुगर की मात्रा ज्यादा होने से शरीर की मांसपेशियों को शुद्ध खून नहीं मिल पाता है। 
 
डायबिटीज में ज्यादातर खून की नली कमर के पास संकरी होती है। इसके कारण कमर दर्द की समस्या ज्यादा होती है। 
 
जब पेट के पास खून की नली में फैट अधिक मात्रा में जमा हो जाता है और पैरों में ऑक्सीजनयुक्त शुद्ध खून नहीं पहुंच पाता है। 
 
जांघों और टांगों की मांसपेशियों में झुनझुनाहट के साथ दर्द होता है। कभी-कभी दर्द इतना तेज होता है कि पैरों का एहसास भी नहीं होता है। 
 
 
मांसपेशियों में दर्द के अन्य कारण – 
 
मधुमेह रोगी जब कोई शारीरिक परिश्रम करते हैं, तब उनको तनाव और थकान होती है जिसके कारण मांसपेशियों का दर्द होता है। 
 
मधुमेह के साथ अगर अन्य बीमारियां जैसे – इंफ्लुएंजा, मलेरिया, पोलियो या संक्रमण होता है, तब मांसपेशियों का दर्द होता है। 
 
हड्डियों में चोट के कारण भी मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। कभी-कभी खेल के दौरान हड्डियों में चोट लग जाती है। इलाज न कराने के कारण बाद में हड्डियों में दर्द होता है। 
 
ऊतकों को जोडने से रोकने वाले रोग जैसे – ल्यूपस, डर्मेटोमायोसायटिस, फायब्रोमाइल्जिया, पॉलीमायल्जिया रयूमेटिका के कारण भी मांस पेशियों का दर्द होता है। 
 
इन बीमारियों के कारण मांसपेशियों और आसपास के कोमल ऊतको में खिंचाव हो सकता है जिसके कारण हमेशा सिरदर्द और थकान रहता है। 
 
 
मधुमेह रोगी मांसपेशियों के दर्द से कैसे बचें – 
 
मधुमेह रोगी को जब भी मांसपेशियों में दर्द हो तब उस जगह को गनुगुने पानी से सेंक दीजिए। 
 
इस दर्द से निजात पाने के लिए एक्यूपंचर चिकित्सा का भी सहारा लिया जा सक
 
मांसपेशियों के दर्द से निजात पाने के लिए घरेलू नुस्खों को भी अपनाया जा सकता है। मधुमेह रोगियों को धूम्रपान बिलकुल नहीं करना चाहिए। मधुमेह में मांसपेशियों का दर्द अगर ज्यादा हो तो चिकित्सक की सलाह अवश्य लीजिए। मधुमेह में मांसपेशियों के दर्द से बचने के लिए रोगी को अपनी जीवनशैली और खान में बदलाव लाना चाहिए। नियमि‍त दिनचर्या मधुमेह रोगी की जटिलताओं को कम करने में बहुत मदद करता है।
muscles pain
 
मधुमेह के रोगियों को मांसपेशियों का दर्द होना आम समस्या है। मधुमेह का सबसे मुख्य कारण होता है मोटापा, जिसके कारण कमर का दर्द और पैरों के दर्द की समस्या होती है। मधुमेह रोगियों में मांसपेशियों में सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा दर्द होता है। मधुमेह रोगी में कंधे का दर्द भी होता है। जब मांसपेशियों में दर्द होता है तब हड्डियों में झुनझुनाहट होती है। मधुमेह रोगियों के खून में शुगर की मात्रा बढ जाती है। मधुमेह रोगियों में मांसपेशियों का दर्द हड्डियों से शु्द्ध खून की सप्लाई अच्छे से न हो पाने के कारण होता है। मधुमेह मरीजों में खून की कमी हो जाती है जिसके कारण मसल्स में दर्द होता है। आइए हम आपको बताते हैं कि मधुमेह में मांस पेशियों का दर्द क्यों होता है। 

 

मधुमेह में मासंपेशियों के दर्द के कारण – 

  • टाइप-2 मधुमेह रोगियों को इंसुलिन देने पर भी मांसपेशियों में दर्द होता है। 
  • डायबिटीज मरीजों में खून की नलियों की दीवारों में लगातार वसा जमा होती रहती है जिसके कारण धीरे-धीरे खून की नलियां संकरी होने लगती हैं। 
  • खून की नलियां जाम होने के कारण खून की सप्लाई अच्छे से नहीं हो पाती है। खून में शुगर की मात्रा ज्यादा होने से शरीर की मांसपेशियों को शुद्ध खून नहीं मिल पाता है। 
  • डायबिटीज में ज्यादातर खून की नली कमर के पास संकरी होती है। इसके कारण कमर दर्द की समस्या ज्यादा होती है। 
  • जब पेट के पास खून की नली में फैट अधिक मात्रा में जमा हो जाता है और पैरों में ऑक्सीजनयुक्त शुद्ध खून नहीं पहुंच पाता है। 
  • जांघों और टांगों की मांसपेशियों में झुनझुनाहट के साथ दर्द होता है। कभी-कभी दर्द इतना तेज होता है कि पैरों का एहसास भी नहीं होता है। 

 

मांसपेशियों में दर्द के अन्य कारण – 

  • मधुमेह रोगी जब कोई शारीरिक परिश्रम करते हैं, तब उनको तनाव और थकान होती है जिसके कारण मांसपेशियों का दर्द होता है। 
  • मधुमेह के साथ अगर अन्य बीमारियां जैसे – इंफ्लुएंजा, मलेरिया, पोलियो या संक्रमण होता है, तब मांसपेशियों का दर्द होता है। 
  • हड्डियों में चोट के कारण भी मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। कभी-कभी खेल के दौरान हड्डियों में चोट लग जाती है। इलाज न कराने के कारण बाद में हड्डियों में दर्द होता है। 
  • ऊतकों को जोडने से रोकने वाले रोग जैसे – ल्यूपस, डर्मेटोमायोसायटिस, फायब्रोमाइल्जिया, पॉलीमायल्जिया रयूमेटिका के कारण भी मांस पेशियों का दर्द होता है। 
  • इन बीमारियों के कारण मांसपेशियों और आसपास के कोमल ऊतको में खिंचाव हो सकता है जिसके कारण हमेशा सिरदर्द और थकान रहता है। 

 

मधुमेह रोगी मांसपेशियों के दर्द से कैसे बचें – 

  • मधुमेह रोगी को जब भी मांसपेशियों में दर्द हो तब उस जगह को गनुगुने पानी से सेंक दीजिए। 
  • इस दर्द से निजात पाने के लिए एक्यूपंचर चिकित्सा का भी सहारा लिया जा सकता है। 
  • मांसपेशियों के दर्द से निजात पाने के लिए घरेलू नुस्खों को भी अपनाया जा सकता है। 
  • मधुमेह रोगियों को धूम्रपान बिलकुल नहीं करना चाहिए। 
  • मधुमेह में मांसपेशियों का दर्द अगर ज्यादा हो तो चिकित्सक की सलाह अवश्य लीजिए। 

 

मधुमेह में मांसपेशियों के दर्द से बचने के लिए रोगी को अपनी जीवनशैली और खान में बदलाव लाना चाहिए। नियमि‍त दिनचर्या मधुमेह रोगी की जटिलताओं को कम करने में बहुत मदद करता है। 

 


Image Source @ Getty

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Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJun 04, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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