• shareIcon

मुंबई आग: 10 साल की बच्ची ने ऐसे बचाई 12 जिंदगियां, जानें आग लगने पर क्या करें

लेटेस्ट By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 23, 2018
मुंबई आग: 10 साल की बच्ची ने ऐसे बचाई 12 जिंदगियां, जानें आग लगने पर क्या करें

मुंबई के क्रिस्टल टावर में आग लगने पर एक 10 साल की बच्ची ने अपनी सूझबूझ से 12 लोगों की जान बचा ली। आप भी जानें आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए।

मुंबई के परेल इलाके में स्थित क्रिस्टल टावर में बुधवार सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। इस घटना में 4 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हो गए। मगर इसी बीच एक 10 साल की बच्ची ने अपनी सूझबूझ की वजह से 12 लोगों की जान बचा ली। दरअसल बच्ची ने अपनी क्लास में सीखे फायर सेफ्टी के घरेलू तरीकों का इस्तेमाल किया और अपने परिवार समेत पड़ोसियों की भी जिंदगी बचा ली। बच्ची का नाम जेन सदावर्ते है।

कैसे आग में दिखाई 10 साल की बच्ची ने सूझ-बूझ

बुधवार सुबह मुंबई स्थित बहुमंजिला इमारत में आग लगने पर चीख-पुकार शुरू हो गई। इसी बीच 10 साल की बच्ची जेन ने जब जब धुंए का गुबार देखा और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी, तो उसने सूझ-बूझ से काम लिया। उसने घर में मौजूद कॉटन के कपड़ों को फाड़कर गीला किया और घर और पड़ोस में मौजूद लोगों को थमा दिया। ये कपड़े एयर प्यूरीफायर की तरह काम कर रहे थे जिससे सांस लेने पर फेफड़ों को कार्बन के बजाय साफ हवा मिल रही थी। इसके बाद बच्ची सभी को एक सुरक्षित कमरे में ले गई जहां हवा का दबाव थोड़ा कम था।

कार्बनयुक्त हवा को साफ हवा में बदलने की आसान तकनीक से बच्ची ने दर्जन भर लोगों का दम घुटने से बचा लिया। बच्ची ने ये तरीका अपने स्कूल में फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग के दौरान सीखा था।

आइए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे तरीके, जिनसे होटल या किसी बहुमंजिला इमारत में आग लगने जैसी आपातकालीन स्थिति में आप खुद का और अन्य लोगों का बचाव कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:- तंबाकू छोड़ने में मिलेगी मदद, सितंबर से सभी तंबाकू उत्पादों पर 'क्विट लाइन' नंबर

क्या करें जब आग लग जाए

बहुमंजिला इमारत या होटल में आग लगने पर जब भी आपको धुंआ महसूस हो, जलने की बदबू आए या सांस लेने में तकलीफ हो, तो सबसे जरूरी बात ये है कि आप घबराएं नहीं बल्कि दिमाग से काम लें। सबसे पहले ढेर सारे मोटे कपड़ों को पहनें और कमरे का लॉक खोल लें। अगर सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो घुटनों के बल चलें या लेटकर चलें क्योंकि जमीन के पास हवा ज्यादा साफ होगी। इसके बाद सबसे पहले फायर ब्रिगेड या अपने आस-पास के लोगों को फोन करें या चीखकर मदद के लिए पुकारें।

कमरे में जहरीले हवा को घुसने से रोकें

इसके बाद कमरे के सभी दरवाजों और खिड़कियों को बंद कर दें ताकि जहरीला धुंआ अंदर न प्रवेश कर पाए। आग लगने पर हवा में कार्बन की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है, जिससे दम घुटने का खतरा रहता है। ऐसे में जल्दी से चादर, तौलिया या अन्य किसी भी कपड़े को भिगाएं और कमरे के उन सभी स्थानों को बंद कर दें जिनसे हवा अंदर आ सकती है। अगर कमरे में पहले से धुंआ मौजूद है, तो ऐसे जगह का एक्जॉस्ट चलाएं, जिधर आग का प्रभाव न हो, जैसे किचन या बाथरूम आदि।

इसे भी पढ़ें:- आंतों के कैंसर से बचाती हैं गोभी और ब्रोकली, जानें हैरान करने वाले फायदे

जब कार्बनयुक्त हवा से दम घुटने लगे

आग लगने की स्थिति में सबसे बड़ी बात है अपने फेफड़ों को जहरीले धुंए से बचाना। इसके लिए घर में मौजूद चादर या किसी कॉटन के कपड़े को फाड़ लें और इसे पानी में अच्छी तरह गीला कर लें। अब इस कपड़े को मुंह और नाक को ढकते हुए बांध लें। ध्यान दें कि आप केवल नाक से सांस लें मुंह से नहीं। ये गीला कपड़ा एयर प्यूरीफायर की तरह काम करता है और आपके फेफड़ों तक कार्बन युक्त हवा की जगह अपेक्षाकृत साफ हवा जाती है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Health News in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK