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मुंह के इन 3 व्‍यायाम से दूर होगी खर्राटे की समस्‍या

Updated at: Jul 08, 2015
मुंह के इन 3 व्‍यायाम से दूर होगी खर्राटे की समस्‍या

खर्राटे की समस्‍या को नजरअंदाज किया जाये तो इसके कारण कई बीमारियां होने लगती हैं। हम आपको ऐसे तीन व्‍यायाम के बारे में बता रहे हैं जिनका अभ्‍यास करने से आपको खर्राटों की समस्‍या नहीं होगी।

Written by: Devendra Tiwari Published at: Jun 24, 2015

खर्राटे से आपको जितनी अधिक समस्‍या होती है उससे कहीं अधिक समस्‍या आपके पार्टनर या आपके साथ सोने वाले दूसरे लोगों को होती है। क्‍योंकि आपके खर्राटे दूसरों की नींद उड़ा देते हैं। अगर खर्राटे की समस्‍या को नजरअंदाज किया जाये तो इसके कारण कई बीमारियां होने लगती हैं। लेकिन अगर आप खर्राटे लेते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है। हम आपको ऐसे तीन व्‍यायाम के बारे में बता रहे हैं जिनका अभ्‍यास करने से आपको खर्राटों की समस्‍या नहीं होगी।
Prevent Snoring in Hindi

क्‍यों आते हैं खर्राटे

कई बार वायुमार्ग के पास अतिरिक्त ऊतक जमा हो जाते हैं और इसके कारण वायुमार्ग से जुड़ी मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं। जिससे वायु के प्रवाह में रुकावट आती है। इससे सामान्‍य सांस लेने में समस्‍या होती है, और खर्राटे आने लगते हैं। बंद मुंह से खर्राटे लेना जीभ की संरचना में समस्या का संकेत है, वहीं खुले मुंह से खर्राटे लेने का संबंध गले के टिश्यू से हो सकता है। खर्राटे लेते समय जो आवाज आती है, वह तालू के टिश्यू और गले के पिछले भाग में लटके टिश्यू में कंपन के कारण होती है।

करें मुंह के व्‍यायाम

  • खर्राटों से निजात पाने के लिए जीभ के अगले हिस्‍से को दांतों से सटा लीजिए। फिर जीभ को पीछे की ओर खींचिये। ऐसा एक मिनट तक करें। यह क्रिया दिन में कम से कम तीन बार जरूर दोहरायें।
  • अब मुंह खोलें, निचले जबड़े को दायीं ओर करें और 30 सेकेंड के लिए इसे रोककर रखें। फिर इस क्रिया को बायीं ओर से भी करें। इस अभ्‍यास को दो से तीन बार दोहरायें।
  • इसके अलावा जब भी मौका मिले कोई गीत गुनगुना लें, इससे तालू और गले की मांसपेशियों पर नियंत्रण बढ़ता है और वायुमार्ग खुल जाता है।

Snoring in Hindi

नुकसानदेह हैं खर्राटे

अगर आपको खर्राटों की समस्‍या लंबे समय तक रहे तो इसके कारण उच्च रक्तचाप, रात में सीने में दर्द, ध्यान केंद्रित न कर पाना, हृदय की धड़कन असामान्य होना, रक्त में शुगर की मात्रा असंतुलित होना, फेफड़ों में समस्‍या, हो सकती है। शोधों की मानें तो यह हड्डियों को भी कमजोर कर सकता है। खर्राटों के कारण कैरोटिड धमनियों की दीवार मोटी हो जाती है। इन धमनियों का कुछ भाग गले के बहुत पास होता है और खर्राटों के कारण होने वाले कंपन का प्रभाव इन पर पड़ता है। धमनियों के मोटा होने से स्ट्रोक और धमनियों के कड़ा होने का खतरा बढ़ जाता है। ये दोनों स्थितियां दिल को प्रभावित करती हैं।


इसके अलावा अपना वजन कम करें, सक्रिय रहें, सोने से तुरंत पहले धूम्रपान, एल्कोहल व भारी भोजन से बचें और नींद की गोलियां न लें। समस्‍या गंभीर हो तो चिकित्‍सक से संपर्क करें।

 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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