मच्छरों के मनपसंद शिकार होते हैं ये खास ब्लड ग्रुप वाले लोग, जानें क्यों कुछ लोगों को ज्यादा काटते हैं मच्छर?

Updated at: Jul 28, 2020
मच्छरों के मनपसंद शिकार होते हैं ये खास ब्लड ग्रुप वाले लोग, जानें क्यों कुछ लोगों को ज्यादा काटते हैं मच्छर?

बीयर पीने वाले लोगों को भी मच्छर ज्यादा तंग करते हैं। दरअसल बीयर में इथेनॉल की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे शरीर का तापमान बढ़ता है और मच्छर काटते हैं

Pallavi Kumari
विविधWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jul 28, 2020

बारिश के दिनों में मच्छर हमें सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। यहां तक कि इस मौसम में इनका प्रकोप ज्यादा बढ़ने से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि खतरनाक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। पर आपको कभी ऐसा लगा है कि मच्छर आप ही को सबसे ज्यादा काट रहे हैं और किसी और कम। तो बता दें कि ये आपकी कोरी कल्पना नहीं है, बल्कि ऐसा सच में होता है। हाल ही में आए शोध की मानें, तो कुछ खास लोगों को मच्छर ज्यादा काटते हैं और कुछ लोगों को कम। ऐसे लोगों जिन्हें मच्छर ज्यादा काटते हैं उनमें इसके पीछे उनके ब्लड ग्रुप के टाइप से लेकर उनके कपड़ों के रंग तक बड़े कारणों में शामिल हैं। तो आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

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किन ब्लड ग्रुप वालों को ज्यादा काटते हैं मच्छर?

आपको ये जान कर हैरानी हो सकती है, पर कुछ खास ब्लड ग्रूप वाले लोगों को मच्छर बहुत ज्यादा काटते हैं। दरअसल 1972 में वैज्ञानिकों ने इस विषय पर पहली बार खोज और अध्ययन किया। तब जाके उन्हें मालूम हुआ कि ओ ब्लड ग्रुप (Type O blood) वाले लोगों को मच्छर बाकी ब्लड ग्रुप वालों की तुलना में ज्यादा काटते थे। टाइप ओ ब्लड वाले लोग यूनिवर्सल डोनर होते हैं और उनका ब्लड ग्रुप मच्छरों के लिए स्वादिष्ट होता है।

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इन अध्ययनों के अनुसार, शोध के दौरान सभी ब्लड ग्रुप वाले लोगों को मच्छरों के साछ छोड़ दिया गया। तब पाया गया कि टाइप ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों की त्वचा पर कीडें और मच्छरों ने ज्यादा काटा। हाल ही में, जर्नल ऑफ मेडिकल एंटोमोलॉजी के अध्ययन में यह बात सामने आई है कि वे लोग जिनका ब्लड ग्रुप O है उनके पास मच्छर A ब्लड ग्रुप वालों से ज्यादा आकर्षित होते हैं । इसमें बताया गया है कि B ग्रुप वालों के पास इन दोनों के मुकाबले कम मच्छर आकर्षित होते हैं।

ज्यादा मच्छर काटने के अन्य कारण

मेटाबॉलिज्म

कई तरह के शोधों की मानें, तो व्यक्ति की चयापचय दर भी मच्छरों को काटने के लिए आकर्षित कर सकती है। कीट अपने भोजन के स्रोत का पता लगाने के लिए कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करते हैं। आपकी चयापचय दर जितनी अधिक होगी, आप उतने ही अधिक कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन करेंगे, जिससे आप मच्छरों के लिए अधिक आकर्षक होंगे। इसका मतलब यह है कि जिन लोगों लोगों की चयापचय दर बहुत अच्छी है उन्हें मच्छर ज्यादा काटेंगे।

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कपड़ों के रंग

आपके द्वारा पहनने के लिए चुने गए कपड़ों का रंग मच्छरों को भी आकर्षित करते हैं। मच्छरों को गहरे रंगों आकर्षित करते हैं। दरअसल मच्छरों की नजरें कुछ ज्यादा ही तेज होती हैं। दोपहर के बाद तो और भी ज्‍‍‍‍‍‍यादा। अगर ऐसे में  आप गहरे रंगों के कपड़े जैसे  नेवी ब्लू या काले रंग के कपड़े पहनते हैं तो मच्छर आपको अपना निशाना बना सकते हैं। इसलिए हल्के रंग के कपड़ों को पहनना पसंद करें।

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प्रेग्नेंसी के दौरान

गर्भवती महिलाएं आम महिलाओं के मुकाबले 21 फीसदी ज्यादा सांस के साथ कार्बन डाइ ऑक्साइड छोड़ती हैं। इसके साथ ही इन महिलाओं का पेट 1.26 डिग्री फारेनहाइट ज्यादा गर्म होता हैं, जिसके कारण प्रेगनेंट महिलाओं को मच्छर ज्यादा काटते हैं।

फ्लोरिडा मेडिकल एंटोमोलॉजिस्ट और मच्छर विशेषज्ञ विश्वविद्यालय के डॉ. जोनाथन डे की मानें, तो जैसे लैक्टिक एसिड से भरपूर चीजें से मंच्छरों को आकर्षित कर सकती हैं। लैक्टिक ऐसिड, गर्मी, यूरिक ऐसिड या अमोनिया की गंध को मच्छर काफी तेजी से सूंघ लेते है। ऐसे में वे लोग इनके ज्यादा शिकार बनते हैं जो ये सब ज्यादा उत्सर्जित करते हैं। इसके अलावा एक शोध के अनुसार उन लोगों पर मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं, जिनके चेहरे पर बैक्टीरिया ज्यादा मात्रा में पाये जाते हैं। इसलिए अपने मुंह को ज्यादा से ज्यादा साफ रखें, हल्के रंगों के कपड़ें पहनें और मच्छरों से बचाव के लिए क्रीम और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

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