Eye Tips For Monsoon: मानसून में आंखों का संक्रमण भी होता है आम, जानें 3 प्रकार के संक्रमण और बचाव के टिप्स

Updated at: Jul 10, 2020
Eye Tips For Monsoon: मानसून में आंखों का संक्रमण भी होता है आम, जानें 3 प्रकार के संक्रमण और बचाव के टिप्स

मानसून अक्सर अपने साथ कई बीमारियां लाता है, जिसमें आंखों का संक्रमण भी शामिल है। जानिए ऐसे 3 प्रकार का संक्रमण और उनसे बचाव के टिप्स।  

Jitendra Gupta
अन्य़ बीमारियांWritten by: Jitendra GuptaPublished at: Jul 10, 2020

हम सभी को मानसून बेहद पसंद होता है क्योंकि ऐसे मौसम में गर्मागर्म और स्वादिष्ट पकोड़े खाना, लंबी ड्राइव पर जाना और गीली मिट्टी की भीनी-भीनी खुशबू का आनंद लेना एक अलग ही अनुभव प्रदान करता है। लेकिन हमारा ये पसंदीदा मौसम मलेरिया, पीलिया, लेप्टोस्पायरोसिस, फ्लू और डायरिया सहित पानी व कई खाद्य जनित रोगों का एक प्रमुख कारण ही भी है। सिर्फ इतना ही नहीं, बारिश का मौसम आंखों के संक्रमण का भी एक कारण है। जैसा कि हम सभी जानते हैं, आंखों के संक्रमण के बीच, कंजंक्टिवाइटिस (conjunctivitis) सबसे आम है। डॉक्टर इस नम मौसम के दौरान आंखों के संक्रमण में तेजी से वृद्धि होने की बात को मानते हैं। लेकिन केवल कंजंक्टिवाइटिस ही अकेला आंखों का संक्रमण नहीं है बल्कि इस तरह के और भी संक्रमण आपको परेशान कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि कैसे इस मौसम में अपनी आंखों का ख्याल रखना है और कुछ आसान टिप्स।

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आंखों के संक्रमण के तीन सामान्य प्रकार

कंजंक्टिवाइटिस 

कंजंक्टिवाइटिस  को हिंदी की आम भाषा में आंख आना कहते हैं। इस स्थिति में आमतौर पर आंख का रंग गुलाबी हो जाता है। कंजंक्टिवाइटिस आंखों के संक्रमण का सबसे आम प्रकार है। इसके सामान्य लक्षणों में लाल आंखें, आंखों से पानी बहना शामिल है। ये संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है।

केरेटाइटिस (Keratitis) 

केरेटाइटिस कॉर्निया का संक्रमण है। कॉन्टैक्ट लेंस के अनहेल्दी रूटीन के कारण आंखों में लगी चोट के कारण यह संक्रमण हो सकता है। अगर इस स्थिति को बिना उपचार के छोड़ दिया जाए तो ये संक्रमण अंधापन यानी की किसी भी व्यक्ति को अंधा बना सकता है। 

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ट्रेकोमा (Trachoma)

ट्रेकोमा क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस बैक्टीरिया के कारण होता है। ये संक्रमण दुनिया भर में लगभग 19 लाख लोगों में अंधेपन के लिए जिम्मेदार है। ट्रेकोमा के कारण होने वाला अंधापन अपरिवर्तनीय है। यह प्रत्यक्ष स्पर्श या तौलिये और मक्खियों के माध्यम से हो सकता है जो किसी संक्रमित व्यक्ति की आंखों या नाक के संपर्क में आए हैं।

संक्रमण के अन्य स्रोतों में मिट्टी, बिना पकाया हुआ भोजन और बिना पकी हुई सब्जियां शामिल हो सकती हैं।

आंखों के संक्रमण से बचाव के टिप्स

  • अपने हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं।
  • परिवार के अन्य लोगों से अपने तौलिए, लिनन, कपड़े और बेडशीट को अलग करें।
  • तैरते समय कॉन्टैक्ट लेंस न पहनें। अगर आप गलती से उनका उपयोग करते हैं, तो एक नई जोड़ी जरूर रख लें। 
  • अच्छे कॉन्टैक्ट लेंस हाइजीन बनाए रखें। लेंस पहनने और उतारने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें।
  • अगर आप जंगल में ट्रैकिंग या साइकिलिंग कर रहे हैं, तो चश्मा पहनना न भूलें। 
  • बारिश में भीगने पर गर्म पानी से नहाएं।
  • अगर आपको आंखों में कोई तकलीफ महसूस होती है तो डॉक्टरी मदद लें। खुद से कोई भी दवा आंखों में न डालें। 

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अगर आप पहले ही संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं तो इन टिप्स को जरूर फॉलो करें 

  • अगर आप पहले ही संक्रमण का शिकार हो चुके हैं तो तो चश्मे या एक फेस शील्ड जरूर पहनें।
  • अपनी आंखों को धोने के लिए उबले या छने हुए पानी का इस्तेमाल करें।
  • आप डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप का भी उपयोग कर सकते हैं।
  • मक्खियों को अपनी आंखों के पास मंडराने न दें।
  • आंखों में जलन होने पर आंखों को रगड़ने से बचें।

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