तेज गर्मी में बारिश और मौसम के बदलाव से बढ़ा मलेरिया का खतरा, जानें कैसे करें बचाव

Updated at: Sep 11, 2019
तेज गर्मी में बारिश और मौसम के बदलाव से बढ़ा मलेरिया का खतरा, जानें कैसे करें बचाव

तेज गर्मी के बीच बारिश के कारण अचानक मौसम में बदलाव हो रहा है, जिसके कारण डेंगू, मलेरिया जैसे मच्छरों से फैलने वाले रोगों का खतरा बढ़ गया है। जानें मलेरिया के लक्षण और मलेरिया से बचाव के लिए जरूरी टिप्स, ताकि इस मौसम में आप और बच्चे रहें स्वस्थ।

Anurag Anubhav
विविधWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Jun 28, 2019

तेज गर्मी के बीच अचानक बारिश और तापमान में जल्दी-जल्दी बदलाव के कारण मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। देश के कई हिस्सों से मलेरिया के मरीजों की रिपोर्ट सामने आ रही हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए मलेरिया बहुत खतरनाक हो सकता है। यह तो आप भी जानते हैं कि मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियां मच्छरों के काटने से फैलती हैं। मौसम में नमी और गर्मी एक साथ होने पर मच्छरों को प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल मिलता है। वैसे भी बैक्टीरिया और जीवाणुओं के पलने के लिए बारिश का मौसम अनुकूल होता है। आइए आपको बताते हैं मलेरिया फैलने का कारण और इससे बचाव के लिए जरूरी टिप्स।

27 डिग्री सेल्सियस पर सबसे तेज फैलता है मलेरिया (Malaria Fever in Monsoon)

हाल में हुए एक शोध में बताया गया है कि आमतौर पर मच्छर जनित रोगों का खतरा 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान होने पर बढ़ जाता है, इसलिए जिन इलाकों में 25-30 डिग्री सेल्सियस तापमान है, वहां मलेरिया फैलने का ज्यादा खतरा होता है। इसके अलावा बारिश के मौसम में जगह-जगह जमा होने वाला पानी में मच्छर तेजी से प्रजनन करते हैं और आसपास के इलाकों में मलेरिया, डेंगू फैलने का कारण बनते हैं।

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मलेरिया के लक्षण (Symptoms of Malaria)

सिद्धार्थ नगर के चिकित्साधिकारी डॉ. राम आशीष बताते हैं कि आजकल ओपीडी में रोजाना 30-40 मरीज ऐसे आते हैं जो बुखार से पीड़ित होते हैं। इनमें से कई मरीज मलेरिया टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। आमतौर पर मलेरिया होने पर बुखार आता है और शरीर में कंपकंपी होती है। डॉ. आशीष के अनुसार मलेरिया से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होते हैं। आजकल इमरजेन्सी वार्ड में रोजाना मलेरिया से प्रभावित 8-10 बच्चे भर्ती हो रहे हैं।

टायफाइड और वायरल बुखार का खतरा (Typhoid and Viral Fever)

डॉ. राम आशीष के अनुसार इस मौसम में टायफाइड और वायरल बुखार के मामले बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। इसका कारण यह है कि बारिश के बाद सड़कों और जगह-जगह गंदगी बढ़ जाती है। शहरों के किनारे बसी जगहों पर जमा पानी के कारण मच्छर पनपते हैं, तो गांवों और जंगलों के आसपास के इलाकों में भी डेंगू-मलेरिया का प्रकोप बढ़ने लगता है।

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मलेरिया से बचाव के लिए क्या करें? (Tips to Prevent Malarai)

डॉ. आशीष के अनुसार साफ-सफाई ही मलेरिया से बचाव का एकमात्र उपाय है।

  • अपने घर के आसपास साफ-सफाई रखें और पानी न जमा होने दें। गंदगी से मच्छर बढ़ेंगे और फिर मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां बढ़ेंगी।
  • रात में सोते समय मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी या कॉइल, मस्कीटो रिपेलेंट का प्रयोग करें।
  • खाने से पहले खुद भी साबुन से धोएं और बच्चों के हाथ भी धुलवाएं।
  • बारिश के मौसम में भीगे और नम कपड़े देर तक न पहनें।
  • खुले में बिकने वाली चीजें, बासी खाना आदि न खाएं।

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