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शिशुओं के लिए नुकसानदेह है दोपहर की नींद

लेटेस्ट By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 31, 2015
शिशुओं के लिए नुकसानदेह है दोपहर की नींद

ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा किये गये शोध में यह बात सामने आयी है कि 2 साल के बच्‍चों के लिए दोपहर नींद खतरनाक हो सकती है।

शिशुओं को ज्‍यादा देर तक सुलाने की सलाह चिकित्‍सक भी देते हैं, और उनके संपूर्ण विकास के लिए यह सही भी है। लेकिन जैसे-जैसे बच्‍चा बड़ा होता जाता है सोने में कमी होने लगती है।

Baby in Hindiलेकिन शिशुओं के लिए दोपहर की नींद हानिकारक है, हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आयी। इस रिसर्च के अनुसार शिशु के लिए दोपहर की झपकी या नींद उसके सोने की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है और इसका असर रात की नींद पर भी पड़ता है।

ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा किये गये शोध में यह बात सामने आयी है। इसके प्रमुख शोधकर्ता केरेन थोर्पे ने बताया कि उनकी टीम यह पता लगा रही थी कि शिशुओं की दोपहर की नींद से उनकी रात की नींद की गुणवत्ता, उनके व्यवहार और शारीरिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है।

शोध के बाद पाया गया कि 2 साल से ऊपर के बच्चों में दोपहर की नींद का प्रभाव उनकी रात की नींद पर पड़ता है। शरीर के सही विकास, व्यवहार और पूरे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों में दोपहर की नींद भी शामिल है।

यह अध्ययन जर्नल 'अर्काइव्स ऑफ डिजीज इन चाइल्डहुड' के ऑनलाइन संस्करण में प्रकाशित हुआ।

 

Image Source - Getty Images

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Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMar 31, 2015

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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