Mental Health & Work-Life Balance: जानें इंसान की पहचान के 5 सबसे जरूरी आधार और उन्हें बैलेंस करने के 5 टिप्स

Updated at: Jun 15, 2020
Mental Health & Work-Life Balance: जानें इंसान की पहचान के 5 सबसे जरूरी आधार और उन्हें बैलेंस करने के 5 टिप्स

काम और जिंदगी का बैलेंस होना बहुत जरूरी है। आपकी पहचान के 5 आधार होते हैं। इन पांचों को बैलेंस कर लिया, तो कभी डिप्रेशन का शिकार नहीं होंगे।

Anurag Anubhav
तन मनWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Jun 15, 2020

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajpoot) ने मुंबई में अपने फ्लैट पर बीती 14 जून को खुदकुशी कर ली। सूत्रों के मुताबिक मामला डिप्रेशन (Depression) का बताया जा रहा है। कुछ दिन पहले उनकी पूर्व मैनेजर की आत्महत्या का भी मामला सामने आया था। सुशांत की उम्र अभी महज 34 साल थी। बॉलीवुड सेलिब्रिटीज (Bollywood Celebs) में जब ऐसा कोई मामला आता है, तो चर्चा जोरों पर होती है। लेकिन हकीकत ये है कि दुनिया में हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करके अपनी जान गंवा रहा है। WHO के मुताबिक हर साल पूरी दुनिया में लगभग 8 लाख लोग आत्महत्या करते हैं। इनमें से ज्यादातर मामले डिप्रेशन से जुड़े होते हैं। ये डिप्रेशन आमतौर पर काम और जीवन के बीच तालमेल न बिठा पाने के कारण होता है। डिप्रेशन का इलाज किया जा सकता है, दुनिया की हर समस्या का इलाज किया जा सकता है, मौत किसी समस्या का हल नहीं है। इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं वर्क-लाइफ बैलेंस जीवन में क्यों जरूरी है और आप अपनी मेंटल हेल्थ को कैसे स्वस्थ रख सकते हैं।

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क्यों जरूरी है वर्क-लाइफ बैलेंस (Work Life Balance)

इंसान तीन कारणों से काम करता है- मूलभूत सुविधाओं और सामानों को जुटाने के लिए, नाम कमाने के लिए और अपने पैशन के लिए।

कोई इंसान इनमें से किसी भी वजह से काम करे, लेकिन उसे लगातार करते रहने के लिए जरूरी है कि वो काम को अपने जीवन पर हावी न होने दे। जीवन "काम" से कहीं अधिक बड़ी और विराट अभिव्यक्ति है। कोई व्यक्ति बिना काम के जीवन जी सकता है लेकिन बिना जीवन के काम नहीं कर सकता है। इसलिए "वर्क लाइफ बैलेंस" में लाइफ का हिस्सा आधे से बहुत ज्यादा है, वर्क का हिस्सा आधे से बहुत कम होना चाहिए।

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हमारी पहचान के 5 आधार (5 Basics of Your Identity)

हमारी पहचान के आमतौर पर 5 आधार होते हैं। ये हैं-

पर्सनल- आपकी अपनी पहचान क्या है, जिसके आप लोगों को बताते हैं। आपकी धार्मिक मान्यता और आदतें, विश्वास आदि पर्सनल आइडेंटिटी में आते हैं। आमतौर पर लोग इसे सबसे ज्यादा महत्व देते हैं।

फैमिली- आपकी दूसरी पहचान होती है आपकी फैमिली। आमतौर पर ये रिश्ते आपको बने-बनाए मिलते हैं। एक परिवार में आप अलग-अलग भूमिकाओं में होते हैं, जैसे- पिता, पुत्र, बेटी, मां, चाचा, बुआ आदि। ये आपकी पहचान का दूसरा आधार है।

रिलेशन- आपकी पहचान का तीसरा आधार है आपका रिलेशन। फैमिली की तरह रिश्ता ये भी है, लेकिन इसे चुनने की आपको आजादी होती है। जैसे- आपके पति, पत्नी, दोस्त, गर्लफ्रैंड, बॉयफ्रैंड आदि। मतलब ऐसे लोग जो आमतौर पर आपकी जिंदगी में सबसे ज्यादा शामिल होते हैं। ये भी आपकी पहचान के आधार होते हैं।

करियर- आपकी पहचान का आधार आपका करियर भी होता है। आप क्या काम करते हैं, किनके लिए काम करते हैं या उस काम को समाज किस तरह देखता है इस आधार पर आपकी एक आइडेंटिटी तय होती है।

सोशल- अंत में आता है आपका सामाजिक दायरा। ये भी आपकी पहचान होता है। आप रोजमर्रा की जिंदगी में किनसे मिलते हैं (काम के सिलसिले में या दोस्ती की वजह से), अपने आसपास रहने वालों लोगों के लिए आपका व्यवहार कैसा है और आप उनसे कैसे कनेक्ट हैं, ये है आपकी सामाजिक पहचान।

तो क्या है सबसे जरूरी?

आपने ऊपर देखा कि आपकी पहचान के 5 आधार हैं। लेकिन अफसोस कि हममें से ज्यादातर लोग सिर्फ करियर पर ध्यान देना शुरू करते हैं क्योंकि हमें लगता है कि करियर जितना अच्छा होगा, बाकी की 4 पहचान के आधार (पर्सनल, फैमिली, रिलेशन, सोशल) भी उतने ही मजबूत होते जाएंगे। मगर ऐसा हमेशा नहीं होता है।

ये बात सच है कि हमारी उम्र के हिसाब से इन 5 में से कोई एक आइडेंटिटी हम पर सबसे ज्यादा हावी होती है। लेकिन याद रखिए एक अच्छी और खुशी से भरी जिंदगी जीने के लिए इन पांचों में बैलेंस होना बहुत जरूरी है। अगर इनमें से किसी भी एक पर आपने 100% फोकस किया और बाकी के 4 या 4 में से किसी एक को 0% किया तो आपके सुखी जीवन का बैलेंस बिगड़ता है। इसलिए आपको अपने जीवन में इन्हें बैलेंस करके रखना चाहिए। हम आपको इसके लिए कुछ आसान टिप्स बता रहे हैं।

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खुशियों भरी जिंदगी के लिए 5 आइडेंटिटी में कैसे बनाएं बैलेंस?

खुद के लिए क्या कर सकते हैं?

सबसे पहली चीज अपने आप से प्यार करना सीखें। अपनी सेहत, अपने शरीर, अपने मन और आत्मा को बेहतर बनाने के लिए आप जो कर सकते हैं, वो करते रहें। इसके लिए खुद को स्वस्थ रखें, हेल्दी खाना खाएं, थोड़ी एक्सरसाइज या योगासन करें। अपने धार्मिक विश्वास के आधार पर सत्कर्म करते रहें, लाइफस्टाइल अच्छी रखें ताकि आप हेल्दी और फिट रहें। वास्तव में यही आपके बाकी की 4 पहचान का आधार है।

परिवार के लिए क्या कर सकते हैं?

परिवार में आप जिस भी भूमिका में हैं, उसका निर्वहन करें। परिवार के सभी सदस्यों से अपना व्यवहार नर्म रखें और सभी की मदद करें। वास्तव में आपके परिवार को आपसे सबसे ज्यादा उम्मीदें होती हैं, इसलिए कोशिश करें कि वो आपको और आप उन्हें अच्छी तरह समझ सकें।

रिलेशन के लिए क्या कर सकते हैं?

अच्छे रिलेशनशिप के लिए जरूरी है कि आप जब भी दोस्त, लाइफ पार्टनर, लव पार्टनर या कोई और नया रिश्ता बनाएं, तो हमेशा इस बात का ध्यान दें कि सामने वाला व्यक्ति आपका फायदा न उठाए और कम से कम आपको अच्छी तरह समझ सके।

करियर के लिए क्या कर सकते हैं?

अच्छे करियर के लिए आप अपनी एजुकेशन, स्किल्स और नॉलेज को बढ़ाएं। अपनी सेहत का अच्छा ख्याल रखें ताकि काम में आपकी प्रोडक्टिविटी बढ़ सके और आप अपने करियर में आगे बढ़ सकें।

समाज के लिए क्या कर सकते हैं आप?

एक व्यक्ति के तौर पर आपके आसपास रहने वाले लोगों के प्रति भी आपके कुछ कर्तव्य होते हैं। उन्हें अच्छी तरह निभाएं। नियमों का पालन करें, किसी का शोषण न करें, संभव हो तो जरूरतमंदों की मदद करें और लोगों से घुलें-मिलें।

इन 5 में बैलेंस तो जिंदगी खुश

बस इन पांचों में अगर आपने बैलेंस बना लिया, तो आपकी जिंदगी खुशियों से भर जाएगी और आप डिप्रेशन जैसी भयानक स्थिति से बच जाएंगे। एक बार फिर आपको सबसे जरूरी बात बताना चाहता हूं- आप हर समस्या से लड़ सकते हैं, लेकिन तभी जब आप जिंदा रहें। इसलिए उम्मीद मत छोड़िए। अगर आप किसी भी तरह के डिप्रेशन या मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं, तो आप नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस (NIMHANS) द्वारा जारी किए गए टोल फ्री नंबर 08046110007 पर कॉल करके अपनी समस्या बता सकते हैं।

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