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    जुआनिटो ने इस तरह ल्यूकेमिया को मात देकर एलए मैराथन में हिस्‍सा लिया

    मेडिकल मिरेकल By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 29, 2015
    जुआनिटो ने इस तरह ल्यूकेमिया को मात देकर एलए मैराथन में हिस्‍सा लिया

    जुआन ने ल्यूकेमिया को मात देकर एलए मैराथन में हिस्‍सा लिया और अपनी हिम्मत के सामने इस रोग को लाचार सा खड़ा कर दिया। जुआनिटो वाकई सभी लोगों के लिये एक मिसाल है।

    कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के मन में सबसे पहला भाव डर का आता है। वहीं जो लोग इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे होते हैं, उनके लिये इस रोग के साथ लड़ना वाकई जीवन को बदल कर रख देने वाला अनुभव होता है। लेकिन ल्यूकेमिया से पीड़ित केवल 12 साल के जिंदादिल और साहसी जुआन मुरोनो ने इन सब भावनाओं से हट कर लोगों के सामने एक नई मिसाल रखी है। जुआन ने ल्यूकेमिया को मात देकर एलए मैराथन में हिस्‍सा लिया और अपनी हिम्मत के सामने इस रोग को लाचार सा खड़ा कर दिया।

     

    छः साल की उम्र से हैं जुआनिटो को ल्यूकेमिया

    जुआन को उनके दोस्त और परिवारजन जुआनिटो कह कर पुकारते हैं। छः साल की उम्र में पता चला कि जुआनिटो को एक्यूट लिम्फोब्लासटिक ल्यूकेमिया (ALL) है। एक्यूट लिम्फोब्लासटिक ल्यूकेमिया, रक्त, बोन मेरो और प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करने वाला कैंसर का एक प्रकार होता है। जुआनिटो ने बताया कि जुआनिटो को धुंधला दिखाई देने लगा और उसके पेट में बहुत दर्द होने लगा तो वे उसे पास के क्लीनिक ले कर गईं, जहां जुआनिटो को ल्यूकेमिया होने का पता चला।

     

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    ल्यूकेमिया को दरकिनार कर लिया मैराथन में भाग  

    जुआनिटो के डॉक्टर के अनुसार, जुआनिटो ने हमेशा ही बड़ी बहादुरी के साथ इलाज करया और जब उसके बाल झड़ने लगे तो उसने कहा, "कम बाल मतलब, कम मेहनत"। 13 साल का जुआनिटो कहता है कि वो 11 साल की उम्र से ही एलए मैराथन में हिस्सा लेना चाहता था। जुआनिटो की एलए मैराथन में हिस्सा लेने और दौड़ने की शुरुआत उनके बड़े भाई-बहन, वैनेसा मोरेनो और फिदेल मोरेनो के उच्साहित करने से हुई। जुआनिटो के भाई-बहन ने उसे किसी आम एथिलीट की ही तरह रोज़ाना तीन से चार मील रनिंग करा कर मैराथन के लिये ट्रेनिंग देना शुरू किया।


    जुआनिटो ने बताया कि, "कई लोगों को मेरी उम्र और कैंसर की वजह से मुझ पर विश्वास ही नहीं था कि मैं ये मैराथन दौड़ भी पाऊंगा। पर मैं उन्हें गलत साबित करने की ठान चुका था।" जुआनिटो ने 4 घंटे, 46 मिनट में फिनिश लाइन पार की। जुआनिटो ने बताया कि रनिंग पूरी करने के बाद मैं पूरा दिन  सोया। जुआनिटो वाकई सभी लोगों के लिये एक मिसाल हैं।



    Image Source - chla.org

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