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तीस वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं के लिए चिकित्सीय परीक्षण

महिला स्‍वास्थ्‍य By Bharat Malhotra , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 15, 2014
तीस वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं के लिए चिकित्सीय परीक्षण

आप तीस की होने वाली है। और इस उम्र के बाद आपको कई चीजों का ध्‍यान रखना जरूरी होता है। लेकिन बात जब मेडिकल जांच की आती है, तो हमें अक्‍सर इस बात का पता नहीं चलता कि हमारे लिए कौन सी जांच जरूरी है और उसके हमें क्‍या लाभ होंगे।

आप तीस की होने वाली है। और इस उम्र के बाद आपको कई चीजों का ध्‍यान रखना जरूरी होता है। लेकिन बात जब मेडिकल जांच की आती है, तो हमें अक्‍सर इस बात का पता नहीं चलता कि हमारे लिए कौन सी जांच जरूरी है और उसके हमें क्‍या लाभ होंगे। यहां हम बात करेंगे कुछ ऐसी जांच के बारे में जो महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जरूरी हैं और उन्‍हें कई संभावित बीमारियों से बचा सकती हैं।


सामान्‍य रक्‍त जांच

रक्‍त जांच करवानी बहुत जरूरी है। रक्‍त में हीमोग्‍लोबिन का स्‍तर और श्‍वेत रक्‍त कोशिकाओं का स्‍तर सही होना बहुत जरूरी है। इस स्‍तर की सही जांच के लिए आपको रक्‍त जांच करवानी जरूरी है। डॉक्‍टर कहते हैं कि रक्‍त जांच से यह बात भी पता चल जाएगी कि कहीं आपके शरीर में अन्‍य पोषक तत्‍वों जैसे बी12 अथवा डी3 की कमी तो नहीं है। हममें से कई लोगों को सूरज की पर्याप्‍त रोशनी नहीं मिलती। विटामिन डी3 के निर्माण के लिए शरीर के लिए सूरज की रोशनी बहुत जरूरी होता है। इसी से शरीर कैल्शियम का अवशोषण कर पाता है, जो हमारी शारीरिक क्रियाप्रणाली के लिए बेहद जरूरी होता है।

blood test

यूरीन जांच

सामान्‍य यूरीन जांच भी बेहद जरूरी होती है। इससे कई बीमारियों के संभावित खतरों के बारे में पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। मूत्र जांच से यह पता चल जाता है कि कहीं आपको कोई अन्‍य गंभीर रोग तो नहीं है।

ईसीजी

अगर आप शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय नहीं हैं, तो ईसीजी करवाना सही रहेगा। इससे आपको हृदय रोग के संभावित खतरों और कोलेस्‍ट्रॉल के बारे में अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे यह भी अंदाजा लगाया जा सकेगा कि कहीं आपको भविष्‍य में हृदय रोग होने की कोई आशंका तो नहीं। ईसीजी तभी करवाना चाहिए जब आपको अत्‍यधिक थकान, पसीना आना, चिंता, सीने में दर्द जैसे लक्षण नजर आएं। इसे भविष्‍य के लिए संदर्भ बिंदु के तौर पर किया जाना चाहिए।

 

थायराइड जांच

महिलाओं में थायराइड बहुत सामान्‍य होता है। थायराइड समस्‍या तब होती है जब मानव शरीर में मौजूद थायराइड ग्रंथि आवश्‍यकता से अधिक अथवा कम हॉर्मोन का स्राव करती है। इससे वजन तेजी से बढ़ता अथवा कम होता है। तो अगर आपको थकान या वजन में अत्‍यधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिले, तो आपको फौरन थायराइड की जांच करवानी चाहिए।

 

सोनोग्राफी

सोनोग्राफी से यह पता चल जाता है कि लीवर, किडनी, गर्भाशय और अंडाशय सही प्रकार से काम कर रहे हैं अथवा नहीं। इससे यह भी पता चल जाएगा कि आपके शरीर के सभी अवयव सही प्रकार क्रियाशील हैं अथवा नहीं। सोनोग्राफी की मदद से आप पॉलीसाइस्‍टिक ओवेरियन डिजीज के खतरे को भी कम कर सकती हैं।

thyroid test

पेपसीमर

आज के दौर में महिलाओं में सरवाइकल कैंसर काफी तेजी से फैल रहा है। इसलिए महिलाओं के लिए पेपसीमर जांच करवानी जरूरी हो गई है। डॉक्‍टरों का कहना है कि यदि महिलाओं सेक्‍सुअल रूप से सक्रिय हैं, तो उन्‍हें यह जांच जरूर करवानी चाहिए।

 

 

अपने शरीर की सुनें

अपने शरीर की आवाज सुनना बेहद जरूरी है। आपको सभी जांच केवल इसलिए नहीं करवा लेनी चाहिए क्‍योंकि आपकी उम्र तीस वर्ष से अधिक हो गयी है, बल्कि जरूरत इस बात की है कि आप अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से अपनी जांच करवायें। जब तक आपको संबंधित रोग संबंधी लक्षण दिखायी न दें, तब तक जांच करवाने का कोई फायदा नहीं।

आपको बीमारी के कुछ लक्षण तनाव के कारण भी नजर आ सकते हैं। हममें से अधिकतर लोगों को तनाव और‍ चिंता के कारण अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संतुलित आहार और नियमित व्‍यायाम से आप कई बीमारियों से बचे रह सकती हैं।

 

Image Courtesy- Gettyimages.in

Disclaimer

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