किडनी रोग के साथ ब्‍लड शुगर लेवल को मैनेज करना है बहुत आसान, जानिए शुगर कंट्रोल करने के 7 टिप्‍स

Updated at: Sep 17, 2020
किडनी रोग के साथ ब्‍लड शुगर लेवल को मैनेज करना है बहुत आसान, जानिए शुगर कंट्रोल करने के 7 टिप्‍स

अगर आप डायबिटीज के पेशेंट हैं और किडनी रोग से ग्रसित हैं तो ब्‍लड शुगर मैनेज करना थोड़ा जटिल है। जानिए ब्‍लड शुगर कंट्रोल करने के उपाय क्‍या हैं। 

Atul Modi
डायबिटीज़Written by: Atul ModiPublished at: Sep 17, 2020

डायबिटीज एक जीर्ण और गंभीर रोग है। हर साल लाखों लोग डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं। भारत अकेला ऐसा देश है जहां 77 मिलियन डायबिटीज रोगी हैं। हालांकि दुनिया में सबसे ज्‍यादा मधुमेह रोगी चीन में हैं। ब्‍लड शुगर को मैनेज करना किसी भी डायबिटीज पेशेंट के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। जिसे जीवनशैली में परिवर्तन लाकर नियंत्रित किया जा सकता है। हाई ब्‍लड शुगर लेवल को समय के साथ नियंत्रित न कर पाने पर हार्ट अटैक और किडनी फेल होने की संभावना बढ़ जाती है।

खासकर जो लोग किडनी से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित हैं, उनके लिए ब्‍लड शुगर लेवल को मैनेज कर पाना काफी मुश्किल भरा होता है। गुर्दे की समस्याओं से पीड़ित होने पर अपने ब्‍लड शुगर लेवल कैसे नियंत्रित करें, आइए जानते हैं।

किडनी रोग में शुगर कंट्रोल कैसे करें

हाल के दिनों में, भारत में डायबिटीज से जुड़े क्रोनिक किडनी रोगों का बोझ काफी बढ़ गया है। डायबिटीज गुर्दे में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जो उन्हें कमजोर बनाता है। एक कमजोर किडनी शरीर से विषाक्त पदार्थों और गंदगी को बाहर निकालने में असमर्थ हो जाती है, जो किडनी की विफलता का कारण बनता है। क्रोनिक किडनी रोग से निपटने वाले लोगों को अपने ब्‍लड शुगर लेवल के बारे में अधिक सावधान रहना चाहिए। यहां हम आपको ऐसे टिप्‍स दे रहे हैं, जो आपको इस स्थिति का प्रबंधन करने में मदद कर सकती हैं।

हेल्‍दी भोजन और समय पर खाएं

आपके ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने के लिए, एक दिन में तीन बार भोजन करना और भोजन के बीच दो छोटे स्नैक्स लेना बहुत ज़रूरी है ताकि ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रह सके। दो मील में 6 घंटे से अधिक भूखे न रहें। अपनी नियमित चीनी के सेवन को स्वैप करें, जिसमें कैलोरी अधिक होती है। विकल्‍प के तौर शुगर-फ्री लें। कोल्‍ड ड्रिंक और डिब्‍बाबंद जूस आदि खाद्य पदार्थों से बचें।

हर दिन अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच करें

यदि आप दवा पर हैं, तो नियमित रूप से अपने रक्त शर्करा के स्तर की जांच करें। ब्लड शुगर हर समय नियंत्रण में रहना चाहिए। बहुत अधिक या बहुत कम रक्त शर्करा का स्तर आपके स्वास्थ्य को और नुकसान पहुंचा सकता है।

अपने कोलेस्ट्रॉल और ब्‍लड लिपिड पर नज़र रखें

डायबिटीज रोगी के लिए ब्‍लड शुगर लेवल के साथ-साथ उनके कोलेस्ट्रॉल और रक्त के लिपिड स्तर पर नज़र रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि दोनों बहुत अधिक हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए कुछ दवाएं लेने की आवश्यकता है।

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प्रोसेस्ड और हाई-कैलोरी फूड से बचें

प्रोसेस्ड और हाई-कैलोरी फूड सामान्य रूप से किसी के लिए भी अच्छा नहीं है। लेकिन अगर आपको किडनी की समस्या है तो आपको उनसे विशेष रूप से दूर रहना चाहिए। इन खाद्य पदार्थों के बजाए हरी सब्जियां, फल, कम वसा वाले डेयरी और लीन प्रोटीन का सेवन करें।

पोटैशियम और फॉस्फोरस का सेवन कम करें

अपने डॉक्टर के निर्देशानुसार कम मात्रा में फॉस्फोरस और पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। जब क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित होते हैं, तो रक्त में इन दो पोषक तत्वों की अधिक मात्रा हृदय की गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है। अपने फाइबर का सेवन बढ़ाने की कोशिश करें।

भोजन में ज्यादा नमक न डालें

सिर्फ शुगर ही नहीं बल्कि नमक का सेवन भी मायने रखता है, खासकर जब आपको किडनी से जुड़ी समस्याएं होती हैं। अपने नमक का सेवन सीमित करें और यदि संभव हो तो प्रोसेस्‍ड नमक को नमक के स्वस्थ विकल्पों के साथ बदलें। डाइनिंग टेबल पर अपने खाने में अलग से नमक छिड़कने से बचें।

शारीरिक गतिविधि को बढ़ाएं

डायबिटीज रोगी के लिए व्यायाम करना भी बहुत महत्वपूर्ण है। शारीरिक रूप से सक्रिय रहना अपके लिए महत्‍वपूर्ण है। यहां तक कि 30 मिनट तक दौड़ना या टहलना भी आपके स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त है। आप अपने दिमाग को शांत करने के लिए योग का भी प्रयास कर सकते हैं और मधुमेह के लक्षणों को प्रबंधित कर सकते हैं।

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