• shareIcon

कब्ज और पेट के सभी रोगों के लिए 'संजीवनी' है 'मलासन'

Updated at: Apr 20, 2017
योगा
Written by: Pooja SinhaPublished at: Apr 20, 2017
कब्ज और पेट के सभी रोगों के लिए 'संजीवनी' है 'मलासन'

अगर आपको भी कब्‍ज की समस्‍या है तो परेशान न हो क्‍योंकि कब्‍ज और पेट के सभी रोगों के लिए मलासन किसी संजीवनी से कम नहीं है। आइए जानें मलासन क्‍या है यह कैसे किया जाता है और इसके क्‍या-क्‍या फायदे हैं।

आजकल की बदलती जीवनशैली, खान-पान की गलत आदतें और एक्‍सरसाइज की कमी के चलते लोगों को पेट संबंधित विकार जैसे कब्‍ज, एसिडिटी, अपच आदि की समस्‍या बहुत आम हो गई है। खासतौर पर कब्‍ज तो आज हर दूसरे व्‍यक्ति की आम समस्‍या बन गई है। जी हां आज के समय में काम की व्यस्तता के कारण लोग घर का कम और बाहर का खाना बहुत ज्‍यादा और गलत समय पर खाना खाने लगे हैं। जिसके कारण शरीर को भरपूर पोषण नहीं मिल पाता और कब्‍ज जैसी समस्‍या घेर लेती है।
 
अगर आपको भी कब्‍ज की समस्‍या है तो परेशान न हो क्‍योंकि कब्‍ज और पेट के सभी रोगों के लिए मलासन किसी संजीवनी से कम नहीं है। आइए जानें मलासन क्‍या है यह कैसे किया जाता है और इसके क्‍या-क्‍या फायदे हैं।

malasan in hindi

इसे भी पढ़ें : कब्ज से निजात के लिए करें योगमुद्रासन

कब्‍ज के लिए मलासन

मलासन से कब्‍ज सहित पेट की सभी समस्‍याओं से निजात पा सकते हैं। पुरानी कब्ज की परेशानी, पेट दर्द और एसिडिटी जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए हम दवाओं का सहारा लेते हैं, जिससे कुछ समय के लिए तो आराम मिल जाता है, लेकिन कुछ समय बाद यह समस्‍याएं हमें घेर लेती है। लेकिन नियमित मलासन को करने से आप कब्‍ज की समस्‍या से छुटकारा पा सकते हैं। मलासन का अर्थ होता है मल त्याग करते समय जिस आसन में हम बैठते है उसे ही मलासन कहते हैं

 

मलासन की विधि

  • मलासन करने के लिए सबसे पहले अपने घुटनों को मोड़कर मल त्‍याग की अवस्‍था में बैठ जाएं।
  • बैठने के बाद अपने दोनों हाथों की बगल को दोनों घुटनों पर टीका दें।
  • अब दोनों हाथो की हथेलियों को मिलाकर नमस्कार मुद्रा बनाएं।
  • अब धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें, आपको कुछ देर इसी अवस्था में बैठना है।
  • अब धीरे-धीरे हांथो को खोलते हुए वापस उठ कर खड़े हो जाए।


इसे भी पढ़ें : कब्ज़ दूर करने के असरदार व घरेलू नुस्खे

मलासन के लाभ

  • मलासन को करने से पेट एवं कमर को काफी लाभ होता है।
  • इसे नियमित करने से गैस और कब्ज की परेशानी से छुटकारा मिलता है।
  • कमर, घुटने, मेरुदंड की मांसपेशिया लचीली बनती है।
  • मलासन से घुटनों, जोड़ों, पीठ और पेट का दर्द कम होता है।
  • पेट की चर्बी दूर होती है।

इस आसन को करने से आप कब्‍ज और पेट की सभी समस्‍याओं से निजात पा सकते हैं। लेकिन अगर आपको पीठ या घुटनों में दर्द या किसी भी तरह की चोट लगी हो तो आपको इस आसन को करने से बचना चाहिए।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Image Source : Shutterstock.com

Read More Articles on Yoga in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK