मधुमेह रोगियों के लिए मानसून में पैरों की देखभाल

Updated at: Jul 05, 2016
मधुमेह रोगियों के लिए मानसून में पैरों की देखभाल

मानसून के मौसम में हमें पैरों का खास ख्‍याल रखने की जरूरत होती है। 

 ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
डायबिटीज़Written by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: Jun 29, 2012

मानसून के मौसम में हमें पैरों का खास ख्‍याल रखने की जरूरत होती है। और अगर किसी को डायबिटीज है तो उसे और भी अधिक एहतियात बरतनी चाहिए। डायबिटीज में डायबिटिक फुट की समस्याएं इस मौसम में बढ़ जाती हैं। पैरों की परेशानियों को नज़रअंदाज करना आगे चलकर अल्सर तक को न्‍योता दे सकता है। ध्यान रखें कि पैरों पर ही शरीर का पूरा ढांचा खड़ा होता है। लगभग सभी डायबिटीज़ के मरीज़ों को डायबिटिक पैरों से संबंधी परेशानियां रहती हैं। तो जानिए मानसून में कैसे करें डायबिटीज़ के मरीज़ अपने पैरों की देखभाल  मधुमेह रोगियों के लिए मानसून में पैरों की देखभाल के कुछ तरीके।
 

क्यों जरूरी है देखभाल

मानसून में मधुमेह के रोगियों के लिए विशेष तौर पर अलग से देखभाल करने की जरूरत होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि मानसून में चोट जल्द लगती है। खासकर पैरों की त्वचा मानसून में जल्दी निकलती है। ऐसे में मानसून में पैरों की देखभाल विशेष तौर पर जरूरी होती है क्योंकि वो घाव भरने में समय लेते हैं।
 
leg massage
 
1- क्‍योंकि सूती मोजे नमी को आसानी से सोख लेते हैं। इसलिए मानसून में मधुमेह रोगियों को नॉयलॉन के मोजों की जगह कॉटन के मोजे पहनने चाहिए।  अपने मोजों को रोजाना बदलिए और गीले मोज़ों को बदलने में देरी ना करें। 
 
2 - डायबिटिक फुट के मरीजों के लिए नंगे पांव चलना अच्छा नहीं होता क्योंकि ऐसे में घावों के होने की अधिक संभावना रहती है। और कीटाणुओं और सूक्ष्मजीवों को बढ़ने का मौका मिलता है। यहां तक कि जब आप अपने घर में हैं तब भी जूते या चप्पल पहनें।
 
3 -  गीले पैरों को ठीक प्रकार से साफ करने के बाद उन्हें सुखाने के बाद ही जूते पहनें। ऐसे मौसम में आसानी से सूखने वाले खुले जूते चप्पलें पहनें। 
 
4 - हफ्ते में एक दिन जूतों को कुछ देर धूप में रखें, जिससे उसमें मौजूद सूक्ष्मजीवी या फफूंद नष्ट हो जायें।
 
5 - घाव, कटना और कॉर्न्स नियमित रूप से जांच करते रहे। यदि आप की पैरो की त्वचा रूखी है या फिर उसमें खुजली है, तो डॉक्‍टर से परामर्श करें।
 
6 - पैरों की सफाई का भी खास ख्याल रखें। पैरों को गुनगुने पानी और नरम साबुन के साथ डिटॅल डालकर नियमित रूप से धोएं। उसके बाद साफ़ तौलिये से अच्छे से पोंछकर ही जूते पहनें। ध्यान रखें कि उंगलियों के बीच भी पानी नही रहना चाहिए।
 
7 - आदर्श तरीके से एक जूते को आरामदायक और फिट होना चाहिए जिससे आपके पैरों पर दबाव ना पड़े। आपके लिए टेनिस के जूते अच्छे हैं और इनसे पैरों में होने वाली परेशानी काफी हद तक कम होती है।
 
8 - अगर आपकी त्वचा ड्राई है तो हमेशा ऐसी सलाह दी जाती है कि अच्छी क्वालिटी का माश्‍चराइजिंग लोशन और क्रीम लगायें।
 
9 - बारिश में घर से निकलते वक्त हमेशा अपने साथ जूतों का एक और जोड़ा रखें। ताकि एक जूता गीला हो जाने पर दूसरा पहन सकें। अपने पैरों का ख्याल रखें और अपने डायबेटॉलाजिस्ट से अपनी चिकित्सा से सम्बन्धी बातें करें।
 
10 - अपना ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल में रखें और इसकी नियमित जांच कराते रहें। 
 
Read more articles on Diabitis in Hindi.

 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK