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Lung Cancer Awareness Month: फेफड़ों से वायु प्रदूषण को कैसे करें साफ: जानें ये 3 प्राकृतिक उपाय

Updated at: Nov 06, 2019
आयुर्वेद
Written by: अतुल मोदीPublished at: Nov 05, 2019
Lung Cancer Awareness Month: फेफड़ों से वायु प्रदूषण को कैसे करें साफ: जानें ये 3 प्राकृतिक उपाय

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार, हर साल दुनिया भर में 4.2 मिलियन मौतों की वजह वायु प्रदूषण होता है। फेफड़ों से वायु प्रदूषण को साफ करने के लिए यहां हम आपको कुछ उपाय बता रहे हैं।

दिल्‍ली-एनसीआर समेत देश के कई शहर गैस चैंबर में तब्‍दील होते जा रहे हैं। इसका कारण वायु प्रदूषण है, जो अलग-अलग कारणों से है। वायु प्रदूषण सबसे ज्‍यादा हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। विशेषज्ञों की मानें तो वायु प्रदूषण श्‍वसन प्रणाली के रोग- अस्‍थमा, फेफड़ों का कैंसर, क्रॉनिक ऑब्‍स्‍ट्रक्टिव पॉल्‍मोनरी रोग- सीओपीडी आदि रोगों से जुड़ा है। ऐसे में फेफड़े के स्‍वास्‍थ्‍य की देखभाल करना महत्‍वपूर्ण है। 

डॉक्टर नवनीत सूद, पल्मोनरी कंसल्टेंट, धर्मशिला नारायण सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अनुसार, "वायु प्रदूषण के कारण सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंचने वाली गंदगी को साफ करना भी आवश्यक है, अन्यथा आप श्वसन संबंधी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। वायु प्रदूषण को दूर करने के उपायों के साथ, भाप लेने से फेफड़ों की गंदगी को साफ किया जा सकता है। इस मौसम में सांस के रोगियों को डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। इसके अलावा, अगर एक इन्हेलर ले रहे हैं, तो इसकी खुराक ऊपर या दोगुनी हो सकती है। कुछ सफाई के उपाय और घरेलू उपचार हैं, एक अच्छे फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अपना सकते हैं।

फेफड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए पानी बहुत महत्वपूर्ण है। पानी फेफड़ों को हाइड्रेट (गीला) रखता है और फेफड़ों की गंदगी इस गीलेपन के कारण बाहर आ पाती है और फेफड़े स्वस्थ रहते हैं। हल्दी के साथ एक गिलास पानी में आधा चम्मच हल्दी पाउडर डालकर पीने से फेफड़े स्वस्थ रहते हैं। सब्जी खड़े मसाले भी फेफड़ों को डिटॉक्सीफाई करते हैं, इसलिए सब्जी में बे पत्ती, दालचीनी और लहसुन का अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। तुलसी की पत्तियां हमारे फेफड़ों को स्वस्थ और रोग मुक्त रखने में बहुत सहायक होती हैं! 

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फेफड़ों की देखभाल कैसे करें?

फेफड़ों की देखभाल आप एक्‍सरसाइज, सही खानपान और उसकी सफाई करके कर सकते हैं। बढ़ते वायु प्रदूषण में फेफड़ों की सफाई सबसे जरूरी हिस्‍सा है। फेफड़े साफ करने की तकनीक उन लोगों को लाभ पहुंचा सकती है जो धूम्रपान करते हैं, जो लोग वायु प्रदूषण के नियमित संपर्क में रहते हैं, और ऐसे लोग जो जीर्ण स्थिति वाले होते हैं जो श्वसन प्रणाली को प्रभावित करते हैं, जैसे अस्थमा, सीओपीडी और सिस्टिक फाइब्रोसिस।

वायु प्रदूषण, सिगरेट के धुएं और अन्य विषाक्त पदार्थों में सांस लेने से फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा भी कई अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याएं हो सकती हैं। शरीर के बाकी हिस्सों को स्वस्थ रखने के लिए फेफड़ों का स्वास्थ्य बनाए रखना आवश्यक है। इस लंग कैंसर जागरूकता माह (Lung Cancer Awareness Month) में हम आपको फेफड़ों को स्‍वस्‍थ रखने के बारे में बता रहे हैं। (क्‍या शुद्ध हवा का स्‍थाई विकल्‍प है एयर प्‍यूरीफायर, एक्‍सपर्ट से जानें इसके पीछे की सच्‍चाई)

स्टीम थेरेपी

स्टीम थेरेपी, वायुमार्ग को खोलने और फेफड़ों के बलगम को निकालने में मदद करने के का काम करता है। यह प्रक्रिया जल वाष्‍प के माध्‍यम से की जाती है। फेफड़ों के रोग वाले ठंड या शुष्क हवा में बिगड़ते हुए अपने लक्षणों को देख सकते हैं। यह जलवायु वायुमार्ग में श्लेष्म झिल्ली को ड्राई कर सकती है और रक्त प्रवाह को प्रतिबंधित कर सकती है।

इसके विपरीत, भाप हवा में गर्मी और नमी जोड़ती है, जो सांस लेने में सुधार कर सकती है और वायुमार्ग और फेफड़ों के अंदर बलगम को ढीला करने में मदद करती है। जल वाष्प सांस लेने में राहत प्रदान कर सकता है और फेफड़ों की गंदगी को साफ करता है। (घर के अंदर भी खतरनाक हो सकती है जहरीली हवा, जानें इससे बचाव में कितना मददगार है एयर प्यूरीफायर)

एक्‍सरसाइज

नियमित व्यायाम लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है, और यह स्ट्रोक और हृदय रोग सहित कई स्वास्थ्य स्थितियों के जोखिम को कम करता है। व्यायाम मांसपेशियों को अधिक मेहनत करने के लिए मजबूर करता है, जिससे शरीर की सांस लेने की दर बढ़ जाती है, जिससे मांसपेशियों को ऑक्सीजन की अधिक आपूर्ति होती है। यह परिसंचरण में सुधार भी करता है, जिससे शरीर को अतिरिक्त कार्बन डाइऑक्साइड को हटाने में अधिक कुशल बनाया जाता है जो व्यायाम करते समय शरीर उत्पन्न करता है। 

हालांकि, क्रॉनिक लंग डिजीज वाले लोगों के लिए व्यायाम करना अधिक कठिन हो सकता है, लेकिन ये उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे करने से पहले एक बार एक्‍सपर्ट की सलाह जरूर लें। 

एंटी-इंफ्लामेट्री फूड 

वायुमार्ग की सूजन सांस लेने में कठिनाई पैदा कर सकती है और छाती को भारी कर सकती है। एंटी-इंफ्लामेट्री फूड लेने से इन लक्षणों को दूर कर सूजन को कम किया जा सकता है।

सूजन से लड़ने में मदद करने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं:

  • हल्दी
  • पत्तेदार साग
  • चेरी
  • ब्लू बैरीज़
  • जैतून
  • अखरोट
  • फलियां
  • मसूर की दाल
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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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