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गर्भावस्‍था में मछली खाएं, चिंता भगाएं

Updated at: Jul 20, 2013
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Written by: एजेंसीPublished at: Jul 20, 2013
गर्भावस्‍था में मछली खाएं, चिंता भगाएं

एक नये शोध के अनुसार गर्भावस्था के समय, हफ्ते में एक बार मछली का सेवन कर चिंता और घबराहट को कफी हद तक कम किया जा सकता है। इस खबर को पढ़ें और जानें।

प्लेट में मछली

गर्भावस्‍था के दौरान के मछली का सेवन आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। एक हालिया शोध में इस बात की पुष्टि की गयी है। इस शोध में बताया गया है कि मछली का सेवन महिला को गर्भावस्‍था के दौरान होने वाली कई परेश‍ानियों से बचा सकता है।


न्यूयॉर्क डेली न्यूज में प्रकाशित शोध के अनुसार ब्‍लैक ऑयली मछली (जैसे सैलमोन और ट्यूना आदि) का सेवन बहुत कम अथवा नहीं किया, उन्हें गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान अधिक चिंता व घबराहट का अनुभव हुआ।

वहीं जिन महिलाओं ने सप्‍ताह में एक बार ब्‍लैक या ऑयली मछली का सेवन किया उन्‍हें इस तरह की परेशानियों का कम सामना करना पड़ा।


साथ ही शाकाहारी महिलाओं में भी मांस या मछली खाने वाली गर्भवती महिलाओं तुलना में ज्यादा घबराहट व चिंता देखी गयी। पलौटास के फैडरल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 9,500 महिलाओं को उनके आहार पैटर्न के आधार पर चुनने के बाद यह अध्‍ययन किया।

गर्भावस्था के 32 सप्ताह में, महिलाओं से उनकी चिंता के स्‍तर के बारे में पूछा गया। अध्ययन के लेखक जुलिआना वाज ने बताया कि "एक स्वस्थ गर्भावस्था के लिए, महिलाओं को स्वस्थ आहार का पालन करने की आवश्यकता है, और गर्भावस्था के लिए अलग से कुछ खास करने की जरूरत नहीं होती"

"वाज' ने साबुत अनाज, सब्जियों, मांस, अंडा और मछली में भरपूर आहार की सिफारिश की। यह अध्ययन अध्ययन पत्रिका प्लोज वन नामक जर्नल में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ है।

 

 

 

 

 

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