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शरीर में 'बैड कोलेस्ट्रॉल' की कमी भी है खतरनाक, स्ट्रोक का बढ़ता है खतरा: रिसर्च

लेटेस्ट By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 23, 2019
शरीर में 'बैड कोलेस्ट्रॉल' की कमी भी है खतरनाक, स्ट्रोक का बढ़ता है खतरा: रिसर्च

आमतौर पर हमेशा से यही माना जाता रहा है कि बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) शरीर के लिए खतरनाक होता है, इसलिए इसे घटाना चाहिए। मगर नई रिसर्च बताती है कि 100 मिलीग्राम/डेसीलीटर से कम LDL होने पर स्ट्रोक का खतरा होता है।

हमारे शरीर में 2 तरह के कोलेस्ट्रॉल पाए जाते हैं, गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL)। आमतौर पर लोग मानते हैं कि गुड कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए अच्छा होता है और बैड कोलेस्ट्रॉल हानिकारक होता है। मगर हाल में हुई एक रिसर्च में पता चला है कि अगर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो जाए, तो ये भी सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। एलडीएल की मात्रा बहुत ज्यादा घट जाने पर स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
ये रिसर्च Brigham and Women's Hospital और Harvard Medical School ने मिलकर की है। रिसर्च में पाया गया है कि महिलाओं में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 100 मिलीग्राम/डेसीलीटर से कम होने पर स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

महिलाओं में खतरनाक है कम LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल

रिसर्च बताती है कि शरीर में LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का बेहद कम होना खासकर महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर महिलाओं की जिंदगी पुरुषों की अपेक्षा 3 साल ज्यादा होती है। यही कारण है कि स्ट्रोक के ज्यादातर मामले महिलाओं में ही देखने में नजर आते हैं। इस रिसर्च में 45 साल से बड़ी उम्र की 27,937 महिलाओं को शामिल किया गया है।

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कैसे की गई रिसर्च

रिसर्च के लिए इन सभी लगभग 27,937 महिलाओं के HDL, LDL और ट्राईग्लिसराइड्स को स्टडी के पहले दिन नोट किया गया और फिर 19 साल तक लगातार इनके आंकड़े जुटाए गए। इस दौरान देखा गया कि 137 महिलाएं ब्लीडिंग स्ट्रोक का शिकार बनीं। इस तरह प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शोधकर्ताओं ने बताया कि महिलाओं में कम LDL कोलेस्ट्रॉल के कारण स्ट्रोक का खतरा 2.2 गुना तक बढ़ जाता है।

क्या होता है स्ट्रोक?

स्ट्रोक दरअसल तब होता है जब मस्तिष्क तक ऑक्सीजनयुक्त खून की आपूर्ति नहीं हो पाती है। इस स्थिति में मस्तिष्क की मांसपेशियां धीरे-धीरे मरने लगती हैं। इस स्थिति में अगर व्यक्ति को सही समय पर इलाज न मिले, तो वो या तो कोमा में चला जाता है या उसकी मौत हो जाती है।

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स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण

स्ट्रोक की शुरुआत में व्यक्ति का अपने शरीर के अंगों पर से नियंत्रण खत्म होने लगता है। कई बार स्ट्रोक से पहले व्यक्ति को तेज सिरदर्द होता है और कई बार दूसरे लक्षण नजर आते हैं। आमतौर पर धुंधला दिखना, बोलते-बोलते आवाज का चले जाना, शरीर का एक हिस्सा (दायां या बायां) लकवाग्रस्त हो जाना, चलते-चलते गिर जाना आदि स्ट्रोक के लक्षण हैं।

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