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ग्लूकोज कम होने की निशानी है बेवजह गुस्सा करना

लेटेस्ट By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 05, 2014
ग्लूकोज कम होने की निशानी है बेवजह गुस्सा करना

जिन लोगों को बेवजह गुस्सा आता है उन्हें अपने ग्लूकोज की जांच अवश्य करानी चाहिए। जब शरीर में ग्लूकोज का स्तर कम होने लगता है तो गुस्सा आना सामान्य है।

angry womanयदि आपको हमेशा छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है और आप बेवजह चीखते-चिल्लाते हैं, तो आपको अपने खून में ग्लूकोज के स्तर की जांच करानी चाहिए।

ग्लूकोज का स्तर सामान्य से कम होने पर लोग गुस्सैल और आक्रामक हो जाते हैं। ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में संचार एवं मनोविज्ञान के प्रोफेसर ब्रैड बुश्मैन ने कहा कि अध्ययन में पता चला कि किस तरह भूख जैसा सामान्य सा कारक भी परिवार में कलह, लड़ाई-झगड़ों और कभी-कभी घरेलू हिंसा की भी वजह बन जाता है।

शोध में 107 विवाहित युगलों पर अध्ययन किया गया, जिसमें हर एक जोड़े से पूछा गया कि अपने विवाहित जीवन से संतुष्ट होने के बारे में उनकी क्या राय है? कुल 21 दिनों तक किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि विवाहित जोड़ों में हर शाम ग्लूकोज का स्तर साथी के साथ संबधों पर प्रभाव डालता है।

जिन लोगों में ग्लूकोज का स्तर कम पाया गया, वे अपने साथी पर ज्यादा गुस्सा करते हैं और तेज आवाज में बात करते हैं। बुशमैन ने कहा कि ग्लूकोज का स्तर कम होने से उत्पन्न भूख और क्रोध की स्थिति बेहद करीबी रिश्तों को भी प्रभावित कर सकती है। यह अध्ययन ऑनलाइन पत्रिका नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस में प्रकाशित हुआ है।

 

Source न्यूयार्क डेली न्यूज

 

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